Political Status in Hindi | राजनीति पर बेहतरीन स्टेटस

Political Status in Hindi

Political Status in Hindi ( Rajniti Status in Hindi ) – इस पोस्ट में राजनीति पर बेहतरीन स्टेटस दिए हुए हैं जिसे आप अपने व्हाट्सऐप का स्टेटस बना सकते हैं. इसे आप फेसबुक या ट्वीटर पर शेयर करते हैं. इन बेहतरीन Political Status को जरूर पढ़े.

Best and New Political Status | राजनीति पर नये स्टेटस

छप के बिकते थे जो अखबार…
सुना है इन दिनों वो बिक के छपा करते है.


गुरूर में इंसान को कभी इंसान नहीं दिखता,
जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही मकान नहीं दिखता.


समर शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध
जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध.


पहले नेता बेहतर थे गाते राष्ट्र का गान,
राजनीति कभी नही किया स्वदेश का बदनाम.


जिनके वजूद होते हैं,
वो बिना “पद” के भी मजबूत होते हैं.


दिल की बात दुश्मन समझ ले,
तो समझो बस झगड़ा होता है,
समझ जाओ बस दो लाइनों से,
क्योंकि सच बहुत कड़वा होता हैं.


बेईमानी अब आँखों की पानी चुराने लगी,
नामर्दी इंसानों को जवानी चुराने लगी,
हिन्द वालो तुम ये बैठ कर सोचना जरूर
कभी बर्मा से कन्धार तक हुकूमत थी
आज तिनके में क्यों लड़खड़ाने लगी.


मन से बड़ा कोई धाम न मिलेगा
विभीषण अगर बन भी गए,
तो अब राम ना मिलेगा.


एक ही उल्लू काफी था बर्बाद गुलिस्तां करने को,
अंजाम गुलिस्तां क्या होगा, जब हर डाल पर उल्लू बैठा हो.


सियासत नफ़रतों का जख्म भरने ही नहीं देती,
जहाँ भरने पे आता हैं तो मक्खी बैठ जाती हैं.


हम भी आराम उठा सकते थे घर पर रह कर,
हम को भी माँ-बाप ने पाला था दुःख सह-सह कर.


सच है, विपत्ति जा आती हैं,
कायर को ही दहलाती हैं,
सूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते.


अपने अपने रहनुमाओं की अदाओं पर फ़िदा है सब,
ऐसी सोच और परम्पराओं को जल्दी बदलो यारों.


ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें
सब किरायेदार हैं घर बदलते रहते हैं.


पाँवों के छालें तुम देखो, काँटों की जात न पूछो
बंजर धरती की पीड़ा जानो, कैसे हुई बरसात न पूछो.


हालात से खौफ़ खा रहा हूँ,
शीशे के महल बना रहा हूँ.


ख्याल होता नेताओं को,
तो जनता बेहाल न होती,
पैसा इनकी भूख न होती,
तो शहीद सैनिकों पर राजनीति न होती.


नई कहानी लिखकर लौटे आन-बान-सम्मान की,
अम्बर में लहराए तिरंगा खुश्बू हिन्दुस्तान की.


सच बातों पर चुप्पी और झूठ बातों पर चिल्लाए है,
ये इसी देश के नेता हैं या चिड़ियाघर से आए हैं.


झील पर पानी बरसता है हमारे देश में,
जिन्दगी का हाल खस्ता है हमारे देश में,
दूध महँगा खून सस्ता हैं हमारे देश में,
वजीरों, अफ़सरों या पागलों को छोड़कर
और कौन हँसता है हमारे देश में.


कभी माँ के भ्रूण में ही है मर जाती,
कभी दरिंदों के हाथों है मसली जाती,
कभी यह दहेज़ के लिभियों के हाथ हैं जल जाती,
हम भारतीय है, अब हमें किसी बात पर शर्म नहीं आती.


यहाँ हर शासक दुर्योधन है
यहाँ न्याय न मिल पायेगा
सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो
अब गोविन्द न आयेगा.


झूठ पकड़ना कितना मुश्किल होता हैं,
सच भी जब साजिश में शामिल होता हैं.


कुछ दिए रात-भर रहे रौशन
एक जुगनू की मेजबानी में
मैं अकेला खड़ा था सच के साथ
मझ को मरना ही था कहानी में.


बंद रखते है जुबान लब नहीं खोला करते,
चाँद के सामने तारे नहीं बोला करते.


अब दिल की तमन्ना है तो ऐ काश यही हो,
आँसू की जगह आँख से हसरत निकल आए.


जिए तो सदा इसी के लिए
यही अभिमान रहे सहर्ष
न्यौछावर कर दे सर्वस्व
हमारा प्यारा भारतवर्ष