Aaj Ka Suvichar | आज का सुविचार

Aaj Ka Suvichar

Aaj Ka Suvichar in Hindi – इंसान कितना बड़ा बनेगा यह उसकी सोच तय करती हैं. इस पोस्ट में बेहतरीन आज का सुविचार ( Aaj Ka Suvichar ) दिया हुआ हैं. इसे जरूर पढ़े. किसी मनुष्य की वर्तमान स्थिति को देखकर उसके भविष्य का उपहास मत उड़ाओ क्योंकि काल में इतनी शक्ति है कि वो एक साधारण से कोयले को भी धीरे-धीरे हीरे में बदल देता हैं.

आज का सुविचार लेटेस्ट | Aaj Ka Suvichar Latest

हौंसला होना चाहिए… जिन्दगी तो कहीं भी शुरू हो सकती हैं.

जहाँ “प्रयत्नों और प्रयासों” की ऊँचाई अधिक होती है, वहाँ “किस्मत” को भी झुकना पड़ता हैं.

जीवन का मतलब खुद को ढूढ़ना नहीं है बल्कि खुद का निर्माण करना हैं.

घर बड़ा हो या छोटा अगर मिठास न हो तो इंसान तो क्या चीटियां भी नहीं आती.

यूँ जमीन पर बैठकर क्यूँ आसमान देखता हैं, पंखों को खोल जमाना सिर्फ़ उड़ान देखता हैं.

गलत लोग सभी के जीवन में आते हैं लेकिन सीख हमेशा सही देकर जाते हैं.

ताकत के संग नेक इरादे भी रखना, वरना ऐसा क्या था जो “रावण” हार गया.

क़ुदरत ने तो आनंद ही आनंद दिया था, दुःख तो हमारी खोज हैं.

जिनकी आँखों पर अहंकार का पर्दा पड़ा हो, उसे न तो दूसरों के गुण दिखाई देते हैं, न ही अपने अवगुणों का पता चलता हैं.

जो लोग मन में उतरते है उन्हें सम्भाल कर रखिये और जो मन से उतरते हैं उनसे सम्भल कर रहिये.

शस्त्र केवल शरीर को घायल कर सकतें है, किन्तु शब्द आत्मा को भी घायल कर देते है, कोशिश करें अच्छा बोलें, अच्छा सुनें, अच्छा व्यवहार करें.

जुड़ना सरल है पर जुड़े रहना कठिन.

दुनिया में लोग आइना कभी न देखते, अगर आईने में चित्र नहीं चरित्र दिखता.

सब्जी में थोड़ा नमक अधिक होने पर कोई गुस्सा करता हैं तो कोई सूखी रोटी भी खाकर खुदा को शुक्रिया कहता हैं.

बेहिसाब हसरतें न पालिए, जो मिला है उसे सम्भालिए.

व्यर्थ बोलने की अपेक्षा मौन रहना यह वाणी की प्रथम विशेषता है, सत्य बोलना यह वाणी की दूसरी विशेषता है, प्रिय बोलना यह वाणी की तीसरी विशेषता है और धर्मगत बोलना यह वाणी की चौथी विशेषता हैं. यह चारों ही क्रमशः एक दुसरे से श्रेष्ठ हैं.

सिर्फ़ इतना ही फ़र्क पड़ा है, बड़े होने के बाद पहले आती थी – अब लाता हूँ, चेहरे पर हँसी.

‘चन्दन’ से ‘बन्दन’ ज्यादा शीतल होता है. ‘योगी’ होने के बजाय ‘उपयोगी’ होना ज्यादा अच्छा होता हैं. प्रभाव अच्छा होने की अपेक्षा ‘स्वभाव’ अच्छा होना ज्यादा जरूरी है.

ख्वाईश सबकी है कि रिश्ते सुधरे पर चाहत है शुरूआत उधर से हो.

कभी चाल, कभी मकसद, कभी मंसूबे यार होते हैं, इस दौर में नमस्कार के मतलब भी हजार होते हैं.

जो व्यक्ति हर पल दुःख का रोना रोता है, उसके द्वार पर खड़ा सुख बाहर से ही लौट जाता हैं.

अभिमान को आने मत दो और स्वाभिमान को जाने मत दो. अभिमान तुम्हें उठने नहीं देगा और स्वाभिमान गिरने नहीं देगा.

वक्त दिखाई नहीं देता है, पर दिखा बहुत कुछ देता हैं.

कमाल का ताना दिया आज मन्दिर में भगवान ने – मांगने ही आते हो, कभी मिलने भी आया करो.

तन की जाने, मन की जाने, जाने चित्त की चोरी, उस रब से क्या छिपावे जिसके हाथ है सब की डोरी.

हर बात को दिल पर लेना दिमाग की बीमारी हैं.

इंसान इस एक कारण से अकेला हो जाता है, अपनों को छोड़ने की सलाह गैरों से लेता हैं.

ईमानदार और सच्चे दिल वाला व्यक्ति स्वयं को सदा हल्का व तनावमुक्त अनुभव करता हैं.

मौत सबको आती है पर जीना सबको नहीं आता हैं.

तारीफ़ अपने आप की करना फ़िजूल हैं, ख़ुशबू तो खुद ही बता देती है, कौन सा फूल हैं.

गुस्सा बहुत चतुर होता है अक्सर कमजोर पर ही निकलता हैं.

जो जैसा है उसे वैसा ही अपना लो रिश्तें निभाने आसान हो जायेंगे.

सफल होते ही दुनिया आपके भीतर अनेक खूबियाँ ढूँढ लेती है, और असफल होते ही हज़ार कमियाँ.

हम अपने आपको दुखी बना ले या मजबूत दोनों में, मेहनत एक बराबर हैं.

कोई नामुमकिन सी बात को मुमकिन करके दिखा, ख़ुद पहचान लेगा जमाना भीड़ में भी तू अलग चलकर दिखा.

जिस व्यक्ति ने कभी गलती नहीं की, उसने कुछ नया करने की कोशिश नहीं की.

जल्दी गुस्सा करना जल्द ही आपको मूर्ख साबित कर देगा.

हजार महफ़िलें हो, लाख मेले हो, पर जब तक ख़ुद से न मिलो अकेले हो.

कभी-कभी बुरा वक्त आपको कुछ अच्छे लोगों से मिलवाने के लिए भी आता हैं.

‘मन’ खुश है तो एक बूँद भी बरसात है, दुखी मन के आगे समन्दर की ही क्या औकात हैं.

बस यहीं सोचकर हर मुश्किलों से लड़ता आया हूँ, धूप कितनी भी तेज हो समन्दर नहीं सूखा करते.

तजुर्बें ने शेरों को ख़ामोश रहना सिखाया है, क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता.

दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता हैं, कर्म ऐसे करिये जो आपका परिचय दे.

आपका सबसे बड़ा शिक्षक, आपके द्वारा किया गया हर गलती हैं.

हर मर्ज का इलाज नहीं दवाखाने में, कुछ दर्द चले जाते है सिर्फ़ मुस्कुराने से.

अनाथाश्रम में बच्चे गरीबों के मिलते है, लेकिन वृद्धाश्रम में बुजुर्ग अमीरों के मिलते हैं.

मौन रहना एक साधना है किन्तु सोच-समझ कर बोलना एक कला हैं.

सहने वाला जब जुल्म सह कर भी मुस्कुरा दे तो उस इंसान का बदला भगवान लेता हैं.

छोटे थे हर बात भूल जाया करते थे दुनिया कहती थी कि याद करना सीखों, बड़े हुए तो हर बात याद रहती है दुनिया कहती है कि भूलना सीखों.

जिस दिन “सादगी” शृंगार हो जायेगी, उस दिन “आईनों” की हार हो जायेगी.

दिल में रहना सीखों, घर में तो सभी रहते हैं.

यदि धन के लिए परिश्रम करने की आवश्यकता नहीं है, तो भी स्वस्थ रहने के लिए परिश्रम करना चाहिए.

खुद को अच्छा बना लीजिये, दुनिया से एक बुरा इंसान कम हो जाएगा.

जो न मिले उसकी ही चाहत रहती है, मिल जाए तो कद्र किसे रहती हैं.

ना अनपढ़ रहा, ना काबिल हुआ… खामखा ऐ जिन्दगी तेरे स्कूल में दाखिल हुआ.

वक्त की एक आदत बहुत अच्छी है, जैसा भी हो, गुजर जाता हैं.

सही वक्त पर पिए गये कड़वे घूँट अक्सर जिन्दगी मीठी कर देते हैं.

चेहरे का रंग चाहे जैसा हो पर मुस्कान का रंग हमेशा ख़ूबसूरत ही होता हैं.

एकांत में भी गुनाह करने से बचों क्योंकि इसका गवाह स्वयं ईश्वर होता हैं.

भूलने की बातें याद है, इसीलिए जिन्दगी में विवाद हैं.

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