करवा चौथ के चाँद पर शायरी | Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari

Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari ( Karwa Chauth Shayari on Chand in Hindi and Urdu ) – इस आर्टिकल में करवा चौथ के चाँद पर शायरी दी गई है. इसे जरूर पढ़े.

करवा चौथ व्रत में एक सुहागिन स्त्री का प्रेम और त्याग दिखता है. आज के दौर में पुरूष भी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत रखते है. बिना शादी हुए भी प्रेमी-प्रेमिका एक दूसरे के लिए इस व्रत को रखते है. अच्छे स्वास्थ्य और लम्बी उम्र के लिए इस व्रत को किया जाता है. इस व्रत में जल का सेवन नहीं किया जाता है. सुबह से चाँद निकलने तक निर्जला रहा जाता है.

यह व्रत गर्भवती महिलाओं, मधुमेह से पीड़ित महिलाओं और किसी अन्य बीमारी वजह से कमजोर महिलाओं को नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस कठिन व्रत में स्वास्थ्य ज्यादा खराब होने की संभावना रहती है. जीवन में हर कार्य दिल से करें और आस्था से करें। इससे आत्मा को सुख मिलता है.

Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari

Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari
Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari

उसके चेहरे की चमक के सामने सादा लगा
आसमां पे चांद पूरा था लेकिन आधा लगा
– इफ़्तिख़ार नसीम


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ऐ सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी अल्लाह ने मुझको भी मुहब्बत दी है
– आतिश


Karwa Chauth Shayari on Chand

Karwa Chauth Shayari on Chand
करवा चौथ शायरी ऑन चाँद | करवा चौथ शायरी अपने चाँद के लिए

चाँद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है
अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है
– फ़रहत एहसास


कल चौदवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तिरा
कुछ ने कहा ये चाँद है कुछ ने कहा चेहरा तिरा
– इब्ने इंशा


करवा चौथ के चाँद पर शायरी

रात को रोज़ डूब जाता है
चाँद को तैरना सिखाना है
बेदिल हैदरी


बे-सबब मुस्कुरा रहा है चाँद
कोई साज़िश छुपा रहा है चाँद
गुलज़ार


Chand Shayari on Karwa Chauth

Chand Shayari on Karwa Chauth
Chand Shayari on Karwa Chauth

कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए
बशीर बद्र


बेचैन इस क़दर था कि सोया न रात भर
पलकों से लिख रहा था तिरा नाम चाँद पर
अज्ञात


Karwa Chauth Chand Shayari

ऐसा हो ज़िंदगी में कोई ख़्वाब ही न हो
अँधियारी रात में कोई महताब ही न हो
– ख़लील मामून


फ़लक पे चाँद सितारे निकलने हैं हर शब
सितम यही है निकलता नहीं हमारा चाँद
– पंडित जवाहर नाथ साक़ी


Karwa Chauth Chand Shayari in Urdu

चाँद का हुस्न भी ज़मीन से है
चाँद पर चाँदनी नहीं होती
– इब्न-ए-सफ़ी


चाँद ख़ामोश जा रहा था कहीं
हम ने भी उस से कोई बात न की
– महमूद अयाज़


हर किसी की जिंदगी में एक चाँद होता है. मैं आसमान वाले चाँद की बात नहीं कर रहा हूँ. मैं उस चाँद की बात कर रहा हूँ जिसे आप बहुत प्यार करते है. ऐसे चाँद को एक बेहतरीन करवा चौथ चाँद शायरी जरूर भेजे।

आशा करना हूँ कि आपको यह लेख Karwa Chauth Ke Chand Par Shayari ( करवा चौथ के चाँद पर शायरी ) आपको जरूर पसंद आया होगा। इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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