Karwa Chauth Shayari | करवा चौथ शायरी

चाँद की पूजा करके, करती हूँ मैं,
तुम्हारी सलामती की दुआ.
तुझे लग जाए मेरी भी उम्र,
और गम रहे हर पल तुझसे जुदा
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अमृत पीने वाले को “देव” कहते हैं,
विष पीन वाले को “महा-देव” कहते हैं,
परन्तु जो विष पीकर भी
अमृत पीने जैसा मुहँ बनाएं उसे “पति-देव” कहते हैं
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आज सजी हूँ दुल्हन सी मैं,
कब तू आएगा पिया,
अपने हाथो से पानी पिलाकर तू,
कब गले लगाएगा पिया.
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करवा चौथ का त्यौहार लायें खुशियों का बहार,
हर सुहागिन के दिल में ये अरमान,
प्यारे पिया में बसी है उनकी जान,
पिया के लिए ही व्रत हैं वह करती,
उसके नाम से ही है अपनी माँग वो भारती,
पिया की दीर्घायु के लिए करती है वो दुआएं,
भूखी-प्यासी रहती हैं वो, बस पिया का प्यार चाहें.

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आपका साथ मुझे जीवन भर मिलता रहे,
हर सुख-दुःख में आप सदा मेरे पास रहे.
करवा चौथ की शुभकामनाएं
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हम तो भूख से मर रहे हैं यहाँ
पर आपको हमारी कद्र हैं कहाँ
आज हैं हमारा करवा चौथ
आपके पिला दो पानी और दूर करो हमारी परेशानी.
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पूरा दिन हैं आज हमारा उपवास,
पति आये जल्दी ये ही है आस,
ना तोड़ना हमारी ये आस,
क्यूँ की आज हैं करवा चौथ
आज ना करना हमारा उपहास.
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निकल आया है चाँद बादलो में,
होनी अब हर मनोकामना पूरी,
हो लम्बी उम्र मेरे पति की,
ना आये कभी हमारे बीच कोई दूरी !!!
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