Ganesh Chaturthi Poem 2019 in Hindi | श्री गणेश जी पर कवितायें

Ganesh Poem in Hindi

Ganesh Chaturthi Poem in Hindi ( Short Poem on Ganesh Chaturthi in Hindi ) – इस पोस्ट में भगवान श्री गणेश पर बेहतरीन कवितायें दी गयी हैं. इन्हें जरूर पढ़े. भगवान श्री गणेश को हम कई नामो से जानते है जैसेकि गजानन एकदंत, कपिल, गजकर्णक, लंबोदर, विकट, विघ्न-नाश,विनायक, धूम्रकेतु, गणाध्यक्ष और भी अन्य कई नामो से जानते हैं. शिवजी और पार्वती के पुत्र श्री गणेश जी पर कुछ बेहतरीन कवितायेँ.

गणेश जी पर हिंदी कविता | Ganesh Chaturthi Poem in Hindi

हे प्रभु गणेशा, ओ प्रभु गणेशा,
रहना आप साथ मेरे हमेशा,

जब मैं हो जाऊ उदास,
मेरे हृदय में करके वास,
जगा देना मेरा विश्वास,
आप मेरे आस-पास हो
इसका है मुझको अहसास.

हे प्रभु गणेशा, ओ प्रभु गणेशा,
रहना आप साथ मेरे हमेशा,

नाश करना हमारे अभिमान का,
देना दान हमें आप ज्ञान का,
काम ऐसा करें बढ़े मान माँ-बाप का,
खुश रहूँ और जीवन हो सम्मान का.

हे प्रभु गणेशा, ओ प्रभु गणेशा,
रहना आप साथ मेरे हमेशा,

दूसरों की सेवा का व्रत मैं पाल लूँ,
आपकी कृपा से ये जिंदगी सम्भाल लूँ,
आपकी भक्ति की आदत मैं डाल लूँ,
जिन माँ-बाप ने बचपन में सम्भाला मुझे
इतनी ताकत देना कि मैं उनकों सम्भाल लूँ.

हे प्रभु गणेशा, ओ प्रभु गणेशा,
रहना आप साथ मेरे हमेशा,

– दुनियाहैगोल

Ganesh Chaturthi Poem in Hindi


गणपति उत्सव | Ganesh Poem in Hindi

कितना रूप राग रंग
कुसुमित जीवन उमंग!
अर्ध्य सभ्य भी जग में
मिलती है प्रति पग में!

श्री गणपति का उत्सव,
नारी नर का मधुरव!
श्रद्धा विश्वास का
आशा उल्लास का
दृश्य एक अभिनव!
युवक नव युवती सुघर
नयनों से रहे निखर
हाव भाव सुरुचि चाव
स्वाभिमान अपनाव
संयम संभ्रम के कर!
कुसमय! विप्लव का डर!
आवे यदि जो अवसर
तो कोई हो तत्पर
कह सकेगा वचन प्रीत,
‘मारो मत मृत्यु भीत,
पशु हैं रहते लड़कर!
मानव जीवन पुनीत,
मृत्यु नहीं हार जीत,
रहना सब को भू पर!’
कह सकेगा साहस भर
देह का नहीं यह रण,
मन का यह संघर्षण!
‘आओ, स्थितियों से लड़ें
साथ साथ आगे बढ़ें
भेद मिटेंगे निश्वय
एक्य की होगी जय!
‘जीवन का यह विकास,
आ रहे मनुज पास!
उठता उर से रव है,–
एक हम मानव हैं
भिन्न हम दानव हैं!’

– सुमित्रानंदन पंत


प्रार्थना : वर दो गणेशजी… | Ganesh Poem in Hindi

– अर्चना श्रीवास्तव ‘अर्चन’

वर दो, वर दो, वर दो गणेशजी।
हर लो हमारे, प्रभु सारे दु:ख क्लेशजी।।

धर्म के नाम पर, जंग छिड़ी हैं यहां।
हिन्द बंट जाए, यही चाहता है ये जहां।।

आपस के झगड़ों में, डूबे न देश जी।
वर दो, वर दो, वर दो गणेशजी…।।

दूर होते जा रहे हैं लोग संस्कृति से।
करते हैं खिलवाड़, ये रोज प्रकृति से।

दो बुद्धि गंदा न करें, ये परिवेशजी।
वर दो, वर दो, वर दो गणेशजी…।।

हम हैं तुम्हारे सेवक प्रभो! सर्वदा से ही।
हमको बचा लो प्रभु, घोर विपदा से जी।

अनुग्रह करें, भक्तों पर तो विशेषजी।
वर दो, वर दो, वर दो गणेशजी…।।

हिन्द मेरा बस सदा आबाद ही रहे।
गीता का संदेश कथा रामायण की कहे।।

दिन-रात करे, उन्नति ये मेरा देश जी।
वर दो, वर दो, वर दो गणेशजी…।। साभार – देवपुत्र

गणेश चतुर्थी पर कविता | Ganesh Chaturthi 2019

गणपति जी हैं सबके प्यारे,
शिव गौरा के राजदुलारे,
भोली और प्यारी सी सूरत,
सवारी बने हैं उनकी, मूषक
मोदक उनको बहुत हैं भाते,
बड़े प्यार और चाव से खाते,
देवों में वह देव हमारे,
सबसे पहले उनकी पूजा करते हैं सारे,
रिद्धि सिद्धि के हैं दाता,
हम सबके वह भाग्यविधाता,
जो उनकी पूजा है करते,
गणपति उनके विघ्न है हरते,
गणेश चतुर्तिथि जब भी आये,
बड़े प्यार से सब हैं मनायें,
जिनके घर गणेशा जाते,
मंगल ही मंगल सब होता,
दुःख संताप मिटते हैं सारे।


Ganesh Chaturthi Poem in Marathi

हे गणेश, हे गणपती!
नेहमी माझ्या बरोबर राहा,

जेव्हा मी दु: खी झालो,
माझ्या हृदयात,
माझे विश्वास जागृत होणे,
आपण माझ्याभोवती आहात
हे माझे अनुभव आहे

हे गणेश, हे गणपती!
नेहमी माझ्या बरोबर राहा,

आपल्या अभिमानाचा नाश करण्यासाठी,
आम्हाला ज्ञानाने दिलेली भेट द्या,
याप्रमाणेच पालकांचे मूल्य वाढते,
आनंदी राहा आणि जीवन आदर आहे

हे गणेश, हे गणपती!
नेहमी माझ्या बरोबर राहा,

मी इतरांना देण्याची उपेक्षा करतो,
आपल्या दयाळूपणासह, या जीवनाचे रक्षण करा,
मी तुमच्या भक्तीची सवय लावून ठेवावी,
माझ्या लहानपणी माझ्या पावलांची काळजी घेतली
मी त्यांना काळजी घेणे आवश्यक आहे इतके सामर्थ्य देतो.

हे गणेश, हे गणपती!
नेहमी माझ्या बरोबर राहा,


Ganesh Chaturthi Poems in English

I asked for His help
I called on His name
One of His many Names.
I asked not for myself
I sought help for many
And for what seemed insurmountable.

And as I prayed
I felt His presence wash over me
Calming me, soothing me, stilling me
Wrapping me in His warmth
Until all I could do was stop
And be still and feel His presence
And love Him.


Poem on Ganesh Chaturthi in Hindi

हे गौरी के लाल,
देवलोक के तुम सरताज!
सुन ले गणेश मेरी पुकार,
प्रभु कर दे मेरी नैया पार!

रिद्धि-सिद्धि के तुम हो दाता,
दीन दुखियों के भाग्य विधाता!
तुझमें ज्ञान-सागर अपार,
प्रभु कर दे मेरी नैया पार!

सब देवन में प्रथम देव तुम,
मूषक तुम्हारे पास विराजे!
करते पूजन आरती उतार,

Source – Webduniya

गणेश जी का भजन | Ganesh Chaturthi Poem in Hindi

Ganesh Chaturthi Poem in Hindi | Ganesh Poem in Hindi | Ganpati Poem in Hindi

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

एकदन्त दयावन्त चारभुजाधारी
माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे सन्त करे सेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

अँधे को आँख देत कोढ़िन को काया
बाँझन को पुत्र देत निर्धन को माया

सूर श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा..


गणपति बप्पा की जय बोलो | Ganesh Chaturthi Kavita 2019

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो।

सिद्ध विनायक संकट हारी
विघ्नेश्वर शुभ मंगलकारी

सबके प्रिय सबके हितकारी
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो

पारवती के राज दुलारे
शिवजी की आंखों के तारे

गणपति बप्पा प्यारे प्यारे
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो।

शंकर पूत भवानी जाये
गणपति तुम सबके मन भाये

तुमने सबके कष्ट मिटाये
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जयबोलो

जो भी द्वार तुम्हारे आता
खाली हाथ कभी ना जाता

तू है सबका भाग्य विधाता
द्वार दया का खोलो

जय बोलो जय बोलो
गणपति बप्पा की जय बोलो


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