किताब शायरी | Book Shayari

Book Shayari

Book Shayari Status Quotes in Hindi – किताब हर व्यक्ति का सच्चा साथी होता है. ये हमेशा सच बोलती है. बुरे वक्त में हमें साहस और उत्साह से भर देती है. और अच्छे वक्त में विनम्र रहना सिखाती हैं.

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बुक शायरी | Book Shayari

अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिले,
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिले.
– अहमद फ़राज़


किताब -ए-दिल का कोई भी पन्ना सादा नहीं होता,
निगाह उस को भी पढ़ लेती है, जो लिखा नहीं होता.


धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो
ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
– निदा फ़ाज़ली


किताब को खोलने से डर लगता है,
अब तो मुझे सच बोलने से डर लगता है.
Book Shayari


आ बैठ मेरे संग, तुझ पर भी मोहब्बत का नकाब रख दूँ,
दो शब्द क्या, तेरे इश्क में पूरी किताब लिख दूँ.


अधूरी शाम का अधूरा किस्सा हूँ मैं,
जो पढ़ा न गया किताब को वो हिस्सा हूँ मैं.


मोहब्बत ही तो है लोग भूल जाते हैं दिल लगा के बड़े आराम से,
अक्सर हमने देखा है सूखे गुलाब को गिरते हुए किताब से.
Book Shayari


मैं अभी भी अक्सर रास्ता भटक जाता हूँ,
किताब के उस पहले पन्ने पर ही अटक जाता हूँ.


किताबों सी हो गई है जिंदगी मेरी,
पढ़ हर कोई रहा है, जिन्दगी मेरी.


पढ़ने का शौक़ीन वो, उसे शोर पसंद नहीं,
किताबों के सिवाय उसे कोई और पसंद नहीं.


किताबों सी हो गई है जिन्दगी हमारी,
पढ़ हर कोई रहा है समझ कोई नहीं रहा.


वफ़ा नजर नहीं आती कहीं ज़माने में,
वफा का जिक्र किताबों में देख लेते हैं.
Book Shayari


लफ़्ज…अल्फ़ाज… कागज या किताब,
कहाँ-कहाँ रखे हम… यादों का हिसाब.


Kitab Shayari

इस मोहब्बत की किताब के दो ही सबक याद हुए,
कुछ तुम जैसे आबाद हुए, कुछ हम जैसे बर्बाद हुए.


आज कल की लड़कियां अंग्रेजी की किताब हो जाती है,
पसंद तो बहुत आती है, पर समझ में नहीं आती है
Kitab Shayari


लम्हों की खुली किताब है जिन्दगी,
ख्यालों और साँसों का हिसाब है जिन्दगी,
कुछ जरूरतें पूरी, कुछ ख्वाहिशें अधूरी
इन्हीं सवालों के जवाब है जिन्दगी.
Kitab Shayari


काग़ज़ में दब के मर गए कीड़े किताब के
दीवाना बेपढ़े, लिखे मशहूर हो गया
– बशीर बद्र


दिल की किताब में गुलाब उनका था,
रात के नींद में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा
मरे जायेंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था.
Kitab Shayari


मैं भी हो गयी हूँ बिल्कुल किताबों सी अब,
शब्दों से भरी पड़ी पर बिल्कुल ख़ामोश सी अब.


इश्क की किताब का ऊसूल है जनाब,
मुड़ कर देखोगे… तो मोहब्बत मानी जायेगी
Kitab Shayari


किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं
अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर ख़ामोश
– अज्ञात


पढ़ने वालों की कमी हो गयी है आज इस ज़माने में
नहीं तो गिरता हुआ एक-एक आंसू पूरी किताब है.
– अज्ञात


बारूद के बदले हाथों में आ जाए किताब तो अच्छा हो
ऐ काश हमारी आँखों का इक्कीसवाँ ख़्वाब तो अच्छा हो
– ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर


किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को
काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
– आदिल मंसूरी


किताब शायरी

कुछ लोगों की मोहब्बत भी सरकारी होती है,
न तो फाइल आगे बढती है, न ही मामला बंद होता है.
Book Shayari


जिन्दगी की रीत के बारें में कोई जान न सका,
इसकी सच्चाई को कोई पहचान न सका
किताबों में कई किस्से दफन है लेकिन
पर हकीकत में हकीकत कोई जान न सका.
Book Shayari


किताब और समाज में ज्यादा फर्क नहीं,
किताब बताती है, समाज सिखाती है.
Kitab Shayari


किस्मत की किताब तो खूब लिखी थी खुदा ने,
बस वही पन्ना गम था जिसमें इश्क़ का जिक्र था.
किताब शायरी


जिन्दगी की किताब कई पन्नों से पूरी है,
पर कुछ कहानियाँ है, जो लफ्जों में भी अधूरी है.
Kitab Shayari


कुछ कहानियों की कोई किताब नहीं होती पर,
मशहूर जमाने भर में होती है.
Book Shayari


आज वो कोने में पड़ी किताब फिर से उठा ली मैंने,
जिसमें कभी कुछ ख्वाब दबा के रखे थे,
जी लिया उन ख़्वाबों को फिर से ख्वाब में ही
वो ख्वाब भी तो बेचारे बेकार से पड़े थे.
Kitab Shayari


जिन्दगी के जज्बातों को लिखों इस कदर,
हर दूकान में तुम्हारे किताब आये नजर.
किताब शायरी


यूँ ही नहीं जिंदगी के किताब को सबके सामने खोलता हूँ,
हार हो या जीत हर खेल को बड़ी शिद्दत से खेलता हूँ.
किताब शायरी


वो खुली किताब थी,
मैंने उसे पूरे दिल से पढ़ा था,
पर जब वो बेवफा निकली
तो लगा दोस्तों ने सच कहा था.
किताब शायरी


बहती हुई ज्ञान की धारा है किताब,
जिज्ञासा की तृप्ति का सहारा है किताब.
Kitab Shayari


खुद ही पलट लेता हूँ…
किताबे-जिन्दगी के पन्ने
वो लोग अब कहाँ…
जो मुझमें, मुझे तलाशते थे.


यकीन ना हो तो पूछलो मेरे कमरे की दीवारों से,
अपनी किताबों से मैं बस तेरा ही जिक्र करता हूँ.
Kitab Shayari


किसी गुलाब के किस्मत में होता है,
ताउम्र किताब की बाहों में सोता है.
किताब शायरी


कोई मेरी जिन्दगी की किताब को पढ़ ले हजार में,
मुझे मंजूर नहीं कि दिल तमाशा बने बाजार में.
Kitab Shayari


कलम है किताब है,
हाथ में एक कप कॉफ़ी है,
माना कि तू नहीं,
पर मेरी जान तेरी याद काफी है.


हिफाजत इश्क़ के तस्वीरों की कुछ पुरानी किताबों ने की थी,
और रद्दी वाला इनके भाव लगा रहा था.
किताब शायरी


कोई आँखों से पूछ कर देखे
कौन आता है मेरे ख़्वाबों में,
वही चेहरा मेरे दिल में भी है
जिसकी तस्वीर है किताबों में.
किताब शायरी


लम्हों की खुली किताब है जिन्दगी,
ख्यालों और साँसों का हिसाब है जिंदगी,
कुछ जरूरते पूरी, कुछ ख्वाहिशे अधूरी
इन्ही सवालों का जवाब है जिन्दगी.


गैरों के दस्तावेज पलटते-पलटते,
अपनी ही किताब अधूरी रह गयी,
किसी अनजान की बातों में वक्त जाया कर
खुद से करनी थी जो बातें अधूरी रह गयी.


तेरी यादें अब उस बंद किताब में रखे सूखे फूल सी है,
जो न फेंक सकता हूँ आर न सम्भाल कर रख सकता हूँ.


खुद ही किताब के पन्नो पर हमारा जिक्र किया करते हो और
कहते हो कि मेरी कलम से ज्यादा तुम सुर्ख़ियों में रहा करते हो.


किताबों की तरह होती है हम सब की जिन्दगी,
ना तो लिखा है हमारा उस पर
लेकिन लिखी किसी और ने होती है.


इश्क की एक दास्ताँ लिखी जायेगी,
कॉलेज में किसी ने फिर किताब माँगा है.
किताब शायरी


तुम मेरे इश्क़ का वो किताब हो,
जिसके हर अल्फ़ाज में नशा छलकता है.
किताब शायरी


आज भी मैंने वो किताब छुपा रखी है,
जिसमें मैंने तेरी याद को सजा रखी है.


किताबो से सारा ध्यान खत्म हो गया,
कि मोबाइल पर ही सारा ज्ञान उपलब्ध हो गया,
रातों को चलती रहती है मोबाइल पर उंगलिया
सीने पर किताब रख के सोये काफी वक्त हो गया.


किताब सी शख्सियत दे ऐ मेरे खुदा,
सब कुछ कह दूँ, खामोश रहकर.
किताब शायरी


सामने जब उनके जाता हूँ,
किताब सा बन जाता हूँ,
बातें तो बहुत है कहने को
मगर खामोश रह जाता हूँ.
किताब शायरी


किताबों में लिखे हुए पैगाम रह जाते है,
सूखे हुए गुलाब में अहसास रह जाते है.
Book Shayari


आज भी हमने तेरी यादों से पाना घर सजा रखा है,
तेरे दिए हुए उन फूलों को आज भी किताबों में छुपा रखा है.
Book Shayari


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