बशीर बद्र शायरी | Bashir Badr Shayari

Bashir Badr Shayari Image in Hindi Urdu English – बशीर बद्र एक प्रसिद्ध भारतीय उर्दू शायर, कवि, लेखक है. इनका पूरा नाम “सैयद मोहम्मद बशीर” है. “बद्र” उपनाम है. इनकी शायरी पढ़ने वाला इनका प्रशंसक बन जाता है. अगर आप इनकी शायरी और ग़जल को पढेंगे तो वो आपके दिल में सीधे उतर जायेंगे. करोड़ो दिलों पर राज करने वाले बशीर बद्र साहब की कुछ बेहतरीन शायरी इस पोस्ट में पढ़े. इसमें दिए हुए शायरी अधिक्तर इनकी गजलों के बेहतरीन हिस्से है.

Bashir Badr Shayari in Hindi

Bashir Badr Shayari in Hindi
Bashir Badr Shayari in Hindi | बशीर बद्र शायरी हिंदी

मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला


उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए


लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
Bashir Badr Shayari


Bashir Badr Two Liners

Bashir Badr Two Liners
Bashir Badr Two Liners | बशीर बद्र दो लाइन शायरी
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सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा


ख़ुदा हम को ऐसी ख़ुदाई न दे
कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे


कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता


Bashir Badr Shayari in Urdu

Bashir Badr Shayari in Urdu
Bashir Badr Shayari in Urdu | बशीर बद्र शायरी इन उर्दू

वो चाँदनी का बदन खुशबुओं का साया है,
बहुत अजीज हमें है मगर पराया है,
उतर भी आओ कभी आसमां के जीनों से
तुम्हें खुदा ने हमारे लिए बनाया है.


ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है


अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा


Bashir Badr Shayari

उदासी का ये पत्थर आँसुओं से नम नही होता,
हजारों जुगनुओं से भी अँधेरा कम नही होता.


अच्छा तुम्हारे शहर का दस्तूर हो गया
जिस को गले लगा लिया वो दूर हो गया


इसी लिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं
तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं


Bashir Badr Shayari in English

Mohabbaton Mein Dikhave Ki Dosti Na Mila,
Agar Gale Nahi Milta To Hath Bhi Na Mila.


Log Toot Jate Hai Ek Ghar Banane Mein,
Tum Taras Nahi Khate Bastiyan Jalane Mein.


Sar Jhukaoge To Patthar Devata Ho Jayega,
Itna Mat chaho Use Wo Bewafa Ho Jayega.


Agar Talash Karoon Koi Mil Hee Jayega,
Magar Tumhari Tarah Kaun Mujh Ko chahega.


बशीर बद्र सैड शायरी

उदास आँखों से आँसू नहीं निकलते हैं
ये मोतियों की तरह सीपियों में पलते हैं


आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा


ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे
रोएँगे बहुत लेकिन आँसू नहीं आएँगे


कई सितारों को मैं जानता हूँ बचपन से
कहीं भी जाऊँ मिरे साथ साथ चलते हैं


बशीर बद्र की दर्द भरी शायरी

कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो


इसी शहर में कई साल से मिरे कुछ क़रीबी अज़ीज़ हैं
उन्हें मेरी कोई ख़बर नहीं मुझे उन का कोई पता नहीं


घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला


दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों


Bashir Badr 2 Line Shayari

कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए


उस की आँखों को ग़ौर से देखो
मंदिरों में चराग़ जलते हैं


यहाँ लिबास की क़ीमत है आदमी की नहीं
मुझे गिलास बड़े दे शराब कम कर दे


इक शाम के साए तले बैठे रहे वो देर तक
आँखों से की बातें बहुत मुँह से कहा कुछ भी नहीं


Bashir Badr Motivational Shayari

दालानों की धूप छतों की शाम कहाँ,
घर के बाहर घर जैसा आराम कहाँ,
बाजारों में चहल-पहल से रौशन है
इन आँखों में मंदिर जैसी शाम कहाँ.


सर से चादर बदन से कबा ले गई
जिंदगी हम फकीरों से क्या ले गई
मेरी मुट्ठी में सूखे हुए फूल हैं
खुशबुओं को उड़ाकर हवा ले गई.


यहाँ सूरज हसेंगे आंसुओं को कौन देखेगा,
चमकती धूप होगी जुगनुओ को कौन देखेगा.


बशीर बद्र की गजलें

कभी तो शाम ढले, अपने घर गये होते,
किसी की आँख में रहकर संवर गये होते.

सिंगारदान में रहते हो, आईने की तरह,
किसी के हाथ से गिरकर बिखर गयी होते.

ग़ज़ल ने बहते हुए फूल चुन लिये वर्ना,
ग़मों में डूब के हम लोग मर गये होते..

अजीब रात थी, कल तुम आकर लौट गये,
जब आ गये थे तो, पल-भर ठहर गये होते.

बहुत दिनों से है दिल अपना ख़ाली-ख़ाली-सा,
ख़ुशी नहीं तो उदासी से भर गये होते.


अगर आप शायर, लेखक या कवि है तो आपको बशीर बद्र की किताब “उजाले अपनी यादों के” जरूर पढ़ना चाहिए. इसमें आपको बशीर बद्र की शायरी व गजलें मिलेंगी. इस आर्टिकल में इस किताब के कुछ अंश दिए है. मैंने इनकी यह किताब कई बार पढ़ी. जितनी बार मैं पढ़ता हूँ. मुझे कुछ न कुछ नयापन जरूर मिलता है.

किताब पढ़ना एक अच्छी आदत है. एक लेखक अपने जीवन के पूरे अनुभाव का सार अपने किताब में लिख देता है. जब हम किसी कवि, लेखक, शायर की किताब पढ़ते है, तो हम उसके अनुभव को जीते है. किताब पढ़ने की आदत जरूर डाले . इन किताबों में वो खजाने होते है जो आपके मन को सुकून और शांति पहुंचाते है. वो शांति आप करोड़ो रूपये देकर भी नही खरीद सकते है.

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