हिन्दू औरतें मांग में सिन्दूर क्यों लगाती है? | Religious and Scientifi Importance of Sindoor in Hindi

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Religious and Scientifi Importance of Sindoor in Hindi ( हिन्दू औरतें मांग में सिन्दूर क्यों लगाती है? ) – आप ने जरूर देखा होगा हिन्दू औरतों को शादी के बाद अपनी माँग में सिन्दूर को लगाते हुए या लगा हुआ. क्या आप जानते है कि माँग में सिन्दूर लगाने के धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ क्या होते हैं? यदि नहीं – तो इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़े.

हिन्दू धर्म में कुँवारी लड़की और विधवा औरतें को माँग में सिन्दूर नहीं लगाती है. केवल विवाहित स्त्रियाँ ही सिन्दूर लगाती है. माँग में सिन्दूर लगाना सुहागिन होने का सूचक है. विवाह के समय मंत्रोच्चार के बीच पति अपनी पत्नी की माँग में पाँच बार सिन्दूर लगाता है जिसके बाद वह स्त्री आजीवन अपनी माँग में सिन्दूर लगाती है. सिन्दूर लगाने से होने वाले धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ के बारें में बात करेंगे.

माँग में सिन्दूर लगाने के धार्मिक लाभ

  • हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि प्रतिदिन माँग में सिन्दूर लगाने से पति की आयु लम्बी होती हैं.
  • हिन्दू धर्म में माँग में सिन्दूर लगाना शुभ माना जाता है. पत्नी का सिन्दूर पति को कई प्रकार की संकटों से बचाता है.
  • सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार यदि स्त्रियों के सीमन्त में अथवा भृकुटी केंद्र में ‘नागिन’ रेखा पड़ी हो, तो वे दुर्भगा रहती है. कई बाल विधवाओं के सीमन्त स्थल में बालों की भँवरी, (आवर्त) प्रत्यक्ष देखी जाती हैं. अतः इस दोष से निवृति के लिए सिन्दूर द्वारा उसे आच्छादन करना बताया गया है.
  • पौराणिक कथाओं में सिन्दूर के लाल रंग के माध्यम से माता पार्वती की ऊर्जा को व्यक्त किया गया हैं.

माँग में सिन्दूर लगाने के वैज्ञानिक लाभ

  • माँग में जिस स्थान पर सिन्दूर लगाया जाता है, वह स्थान ब्रह्मरन्ध और अघ्मि नामक मर्म के ठीक ऊपर का भाग है. स्त्री के शरीर में यह भाग चूँकि पुरूष की अपेक्षा विशेष कोमल होता है, अतः उसकी सुरक्षा के लिए शास्त्रकारों ने सिन्दूर का विधान किया है. सिन्दूर में पारा जैसी धातु की मात्रा होती है. वह स्त्री के शरीर में स्थित वैद्युतिक उत्तेजना को ही कण्ट्रोल में नहीं रखता, बल्कि मर्मस्थान को बाहरी दुष्प्रभाव से भी बचाता है.
  • काम-काज और बच्चों की देखभाल की वजह से नित्य सिर न धो सकने वाली स्त्रियों के बालों में प्रायः जूँ और लीख पड़ जाते है. उनके हटाने की अमोघ औषधि भी पारद (पारा) है जो कि सिन्दूर में पाया जाता है. अतः सिन्दूर लगाने से इन जीवों का खतरा नहीं रहता है.
  • सिन्दूर में पारा जैसी धातु की अधिकता होने के कारण स्त्रियों के चेहरे पर जल्दी झुर्रियाँ नहीं पड़ती.
  • माँग में सिन्दूर लगाना स्त्रियों की सुन्दरता को बढ़ाता हैं.

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