Hindi Diwas Quotes | हिंदी दिवस पर अनमोल विचार

Hindi Diwas Quotes in Hindi – 14 सितम्बर, भारत में “हिंदी दिवस ( Hindi Diwas )” के रूप में मनाया जाता हैं. इसका मुख्य उद्देश्य यह होता हैं कि हम और आप हिंदी के महत्व को समझ सके और आने वाली पीढ़ियों को इसके महत्व के बारें में समझा सके. इस पोस्ट में हिंदी दिवस पर महापुरूषों के बेहतरीन विचार दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े और शेयर करें.

Best Hindi Diwas Quotes | बेस्ट हिंदी दिवस कोट्स

हिन्दी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है. – सुमित्रानंदन पंत

जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य के गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता. – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

हिन्दी देश की एकता की कड़ी है. – डॉ. जाकिर हुसैन

जो सम्मान, संस्कृति और अपनापन हिंदी बोलने से आता हैं, वह अंग्रेजी में दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता हैं. – अज्ञात

हिन्दी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्य है. उसे हम सबको अपनाना है. – लालबहादुर शास्त्री

परदेशी वस्तु और परदेशी भाषा का भरोसा मत रखो अपने में अपनी भाषा में उन्नति करो. – भारतेंदु हरिश्चन्द्र

हिन्दी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है. – महर्षि स्वामी दयानन्द

हिंदी है हम और हिंदी हमारी पहचान हैं. – अज्ञात

हिन्दी सरलता, बोधगम्यता और शैली की दृष्टि से विश्व की भाषाओं में महानतम स्थान रखती है. – डॉ. अमरनाथ झा

हिन्दी उन सभी गुणों से अलंकृत है, जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषा की अगली श्रेणी में समासीन हो सकती है. – मैथिलीशरण गुप्त

हिन्दी की एक निश्चित धारा है, निश्चित संस्कार है. – जैनेन्द्रकुमार

हिंदी हृदय की भाषा हैं, जिसकी वजह से हमारे शब्द हृदय से निकलते हैं और हृदय तक पहुँचते हैं. – अज्ञात

देश की किसी संपर्क भाषा की आवश्यकता होती है और वह (भारत में) केवल हिन्दी ही हो सकती है. – श्रीमती इंदिरा गांधी

हिन्दी एक जानदार भाषा है; वह जितनी बढ़ेगी देश को उतना ही लाभ होगा. – जवाहरलाल नेहरू

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है और यदि मुझसे भारत के लिए एकमात्र भाषा का नाम लेने की कहा जाए तो वह निश्चित रूप से हिन्दी ही है. – कामराज

हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाना भाषा का प्रश्न नहीं अपितु देशाभिमान का प्रश्न है. – एन. निजलिंगप्पा

जब तक इस देश का राजकाज अपनी भाषा (हिन्दी) में नहीं चलता तब तक हम यह नहीं कह सकते कि इस देश में स्वराज्य है. – मोरारजी देसाई

राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है. – महात्मा गांधी

भारत के विकास में हिंदी का योगदान अति महत्वपूर्ण हैं. यदि हम भारत को विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी के महत्व को हम सबको समझना होगा. – दुनियाहैगोल

मेरा आग्रहपूर्वक कथन है कि अपनी सारी मानसिक शक्ति हिन्दी भाषा के अध्ययन में लगावें. हम यही समझे कि हमारे प्रथम धर्मों में से एक धर्म यह भी है. – विनोबा भावे

हिंदी मेरी माँ ने मुझे सिखाया हैं, इसलिए इसके प्रति प्रेम और सम्मान मेरे हृदय में अन्य भाषाओँ की अपेक्षा अधिक हैं. – अज्ञात

देश के सबसे बड़े भूभाग में बोली जानेवाली हिन्दी राष्ट्रभाषा – पद की अधिकारिणी है. – सुभाषचन्द्र बोस