सूखा पर विचार | Drought Quotes in Hindi

Drought Quotes Thoughts Sayings Suvichar Image Photo in Hindi – इस आर्टिकल में सूखा पर सुविचार अनमोल वचन दिए हुए है.

सूखा पानी की कमी को कहते है जब खेतों में पानी की कमी से फसल सूखने लगते है तो उसे सूखा कहते है. सूखा सबसे अधिक प्रभावित किसान परिवार को करता है. उनके जीवन में आर्थिक खतरा उतपन्न कर देता है. इसलिए पर्यावरण प्रदूषण के कारण जलवायु में बड़ा बदलाव आ रहा है. सूखा भी इन्हीं बदलाव का परिणाम है.

Drought Quotes in Hindi

जब खेतों में सूखा पड़ता है,
तब किसान का हृदय पूरी तरह
सूख जाता है. खेतों का सूखा
चेहरों पर दिखने लगता है.


पेड़ जब सूखे
तो हमने ध्यान नहीं दिया,
अब जमीन सूख ना जाएँ,
आओ मिलकर पर्यावरण
को बचाएं।


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बारिश के लिए दुआ भी
डर डर के करता हूँ
खेत जरूर सूखा है,
मगर घर भी तो कच्चा है.


खेत हरा तो पेट भरा,
खेत सूखा तो पेट भूखा।


निःसन्देह मुस्कुरा लेती है
बारिश की बूंदे,
जब प्रेमी की देह भिगाेती है,
किंतु ये तब खिलखिलाती है,
जब किसी किसान का,
सूखा खेत भिगाेती है !!


सूखा पर विचार

आसमाँ से आ गए थे
देख कर मीठे फलों को
और जब सूखा शजर तो
उड़ गए सारे परिंदे।


कोई कुछ भी बोले
अपने आप को शांत रखो,
क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो
समुंदर को सूखा नही सकती।


टूटकर मैं पेड़ का
सूखा साख़ हो गया,
रौशनी दी दूसरों को और
जलकर ख़ुद राख हो गया.


सूखा खेतों में हैं लेकिन
मैंने हिम्मत नहीं हारी है,
इसलिए कर्म की लड़ाई
हर वक़्त जारी है.


फलदार पेड़ और
गुणवान व्यक्ति ही झुकते हैं,
सूखा डाली और मूर्ख आदमी
कभी नहीं झुकते है.


Drought Thoughts in Hindi

क्या फर्क पड़ता है वो पाषाण हो,
नदी, माटी या कोई सूखा पेड़,
जो भी आपका दुःख दिन कोई तर्क
दिए चुपचाप सुनता है, एक दिन वही
आपका भगवान हो जाता है.


आकाश से गिरने वाली ये बूँदे
ईश्वर का दिया हुआ वरदान है,
अगर यकीन ना आएं तो उस से पूछों
जिनके खेत को लगी प्यास है.


ये बदल तू जरूरत पड़ने पर रोया कर,
तेरे रोने से फसल और किसान खुश होते है.


सूखे के शिकार ना हो जाएँ,
इसलिए हरदम आखें आकाश
पर टिकी होती है, जब बादल
नहीं बरसते हैं तो आँखें बरसती है.


धान के खेत में जो दरारे
पड़ती है, उससे कई गुना
बड़ा दरार किसान के
हृदय में पड़ता है।


सूखा पर सुविचार अनमोल वचन

कहीं इतनी बारिश होती है,
कि बाढ़ आ जाती है और कहीं
इतना कम होता है कि सूखा
पड़ जाता है. काश! बाढ़ का पानी
सूखाग्रस्त क्षेत्रों में ले जा सकते।


किसान सूखा और बाढ़ से परेशान है,
छात्र बेरोजगारी से परेशान है,
घर के बुजुर्ग महंगाई से परेशान है,
फिर भी उम्मीद की एक किरण
बाकी है.


मेघ बरसों तो इतना
कि कोई प्यासा ना रह जाएँ,
और ना ही इतना
कि कोई बह कर बिखर जाएँ।


पर्यावरण प्रदूषण इतना मत
बढ़ाओ कि जलवायु में ही
परिवर्तन आ जाएँ। कोई सूखा
तो कोई बाढ़ से परेशान हो जाएँ।


यूँ कठोर बन कर कब तक
तू घूरेगा ऐ आसमान,
देख एक जान और चली गई है
अब तो रोने का फर्ज निभा दे.


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