Anmol Shayari | अनमोल शायरी

जो चादर से ज्यादा पाँव पसारते हैं,
उन्हें एक दिन हाथ भी पसारने पड़ते हैं.


झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते हैं,
तरक्की के बाज की उड़ान में कभी आवाज नहीं होती.


न पूरी तरह से क़ाबिल, न पूरी तरह से पूरा हैं
हर एक शख्स कहीं न कहीं से अधूरा हैं.
Best Anmol Shayari


अँधेरे में अपनी छाया भी साथ नहीं देती,
बुढ़ापे में अपनी काय भी साथ नहीं देती,
सारा जीवन दाव पर लगा दिए जिसके लिए
अंत समय में वो माया भी साथ नहीं देती.


किसी के पास खाने के लिए एक वक्त की रोटी नहीं,
किसी के पास एक रोटी खाने के लिए वक्त नहीं.


मालूम सबको है जिंदगी बेहाल हैं,
लोग फिर भी पूछते है क्या हाल है.
New Anmol Shayari


जिस समय हम किसी का “अपमान” कर रहे होते है,
ठीक उसी समय हम अपना “सम्मान” खो रहे होते हैं.


वो हारा नहीं जो वापिस गिर के सम्भलता हैं,
डूबा हुआ सूरज भी तो सुबह निकलता हैं.


अक्सर हर कोई अंदाजा लगाता है अपने दुखों का,
क्या कभी अंदाजा लगाया है अपने सुखों का.


गलती निकालने के लिए भेजा चाहिए,
और गलती कबूलने के लिए कलेजा चाहिए.


इसे भी पढ़े –