Anjum Rahbar Shayari | अंजुम रहबर शायरी

Anjum Rahbar Shayari in Hindi

Anjum Rahbar Shayari Image in Hindi – इस आर्टिकल में “अंजुम रहबर” के कुछ बेहतरीन शायरी, शेर दिए हुए है. इसे जरूर पढ़े.

Anjum Rahbar Shayari

मुहब्बतों का सलीका सिखा दिया मैंने,
तेरे बगैर भी जीकर दिखा दिया मैंने.


मिलना था इत्तेफ़ाक बिछड़ना नसीब था,
वो इतनी दूर हो गया जितने करीब था.


जिन के आँगन में अमीरी का शजर लगता है
उन का हर ऐब ज़माने को हुनर लगता है


Anjum Rahbar Love Shayari in Hindi

Anjum Rahbar Shayari Image | अंजुम रहबर शायरी | Anjum Rahbar Shayari | Anjum Rahbar Shayari in Hindi

ये किसी नाम का नहीं होता
ये किसी धाम का नहीं होता
प्यार में जब तलक नहीं टूटे
दिल किसी काम का नहीं होता


ग़म की उलझी हुई लकीरों में
अपनी तक़दीर देख लेती हूँ
आइना देखना तो भूल गई
तेरी तस्वीर देख लेती हूँ


Anjum Rahbar Shayari in Hindi

ये अभी और हँसी और सुहाना होगा,
न हुआ है न कभी प्यार पुराना होगा.


कुछ दिन से जिन्दगी मुझे पहचानती नहीं,
यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नहीं.


माँ मुझे देख के नाराज न हो जाएँ कहीं,
सर पे आँचल नहीं होता है तो डर होता हैं.


अंजुम रहबर शायरी

तुम को भुला रहा था कि तुम याद आ गए,
मैं जहर खार रही थी कि तुम याद आ गए.


ख़ामोश हैं लब चुप है नज़र याद नहीं है
कुछ आपसे कहना है मगर याद नहीं है


दफ़ना दिया गया मुझे चाँदी की क़ब्र में
मैं जिस को चाहती थी वो लड़का ग़रीब था


तुझ को दुनिया के साथ चलना है
तू मिरे साथ चल न पाएगा


Anjum Rahbar Shayari Image

Anjum Rahbar Shayari Image | अंजुम रहबर शायरी | Anjum Rahbar Shayari | Anjum Rahbar Shayari in Hindi

वक़्त बरबाद करती रहती हूँ
रोज़ फ़रियाद करती रहती हूँ
हिचकियाँ तुझ को आ रही होंगी
मैं तुझे याद करती रहती हूँ


होठों की भी क्या मजबूरी रहती है,
सब कुछ कह कर भी बात अधूरी रहती है.


तिरी यादों को प्यार करती हूँ
सौ जन्म भी निसार करती हूँ
तुझ को फ़ुर्सत मिले तो आ जाना
मैं तिरा इंतिज़ार करती हूँ


Anjum Rahbar Sad Shayari in Hindi

मैंने ये सोचकर दे दिया दिल उसे
दिल किसी का दुखाना नही चाहिए.


मजबूरियों के नाम पे सब छोड़ना पड़ा
दिल तोड़ना कठिन था मगर तोड़ना पड़ा
मेरी पसंद और थी सब की पसंद और
इतनी ज़रा सी बात घर छोड़ना पड़ा


सारे मंजर बदल गये होंगे,
आप हद से निकल गये होंगे,
आग इतनी कहाँ थी फूलों में
आथ शबनम से जल गये होंगे.


अंजुम रहबर लव शायरी

अपनी आँखों को चार मत करना,
तुम सितारे शुमार मत करना,
लड़कियों मुझको तजुर्बा है बहुत
मशवरा है कि प्यार मत करना.


हमसे फिर प्यार का इजहार किया है तुमने,
ये तमाशा तो कई बार किया है तुमने,
रोज जाते हो इबादत के लिए गैरों की,
मुझको तरकीब से बीमार किया है तुमने.


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