उम्र शायरी | Umar Shayari

Umar Shayari

Umar Shayari Status Quotes Images in Hindi – उम्र जन्म के साथ ही घटना शुरू हो जाता है और हम कहते है कि बड़े हो रहे हैं. जब हम छोटे होते है तो सोचते है कब बड़े होंगे. जब बड़े हो जाते है तो सोचते है काश फिर से बच्चा बन जाते. उम्र के अंतिम पड़ाव बुढ़ापे से हर कोई दूर रहना चाहता है.

उम्र बढ़ती है बच्चे से जवान होते हैं. जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती है और ख़ुद को परेशान पाते हैं. उम्र बढ़ने का साथ साथ तजुर्बा भी बढ़ने लगता हैं. जिंदगी और दुनिया की हकीकत समझ में आने लगती हैं. जवानी में बचपन की बातें और बुढ़ापे में जवानी की बातें अक्सर याद आती हैं. कुछ लम्हें ऐसे भी होते हैं जो आँखें नम कर जाती हैं.

इस पोस्ट में बेहतरीन उम्र शायरी, ढलती उम्र शायरी, प्यार की उम्र नहीं होती शायरी, 2 Line Shayari on Umar, Age Shayari, Age Shayari in Hindi, Shayari on Age, Shayari on Age in Hindi, Shayari on Badhti Umar, Sher o Shayari on Umar, Umar Shayari, Old Age Shayari आदि दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े.

उम्र शायरी | Umar Shayari

Age Shayari | Old Age Shayari in Hindi | उम्र शायरी

ताउम्र बस यहीं एक सबक याद रखिये,
इश्क़ और इबादत में नीयत साफ़ रखिये.


हमसे हमारी उम्र ना पूछना ए दोस्तो,
हम तो इश्क़ हैं, हमेशा ही जवां रहते हैं


यूँ उम्र कटी दो अल्फ़ाज में,
एक आस में एक काश में.
Umar Shayari


यह मोहब्बत भी क्या हुई अनजाने में,
सारी उम्र लग गयी आशियाना बनाने में.


आईने के संग कुछ यूं लड़ गया मैं कल,
गुजरती उम्र ही दिखा रहा हर घड़ी हर पल.
Umar Shayari


मुस्कुराइये और चेहरों को मुस्कान दीजिये,
उम्र के हर दौर का पूरा मजा लीजिये.


वक्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ,
मैं अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ.
Umar Shayari


उम्र शायरी

Dhalti Umar Shayari | Umar Shayari | Age Shayari | Shayari on Age

महफ़िल में चल रही थी हमारे कत्ल की तैयारी,
हम आये तो बोले बहुत लम्बी उम्र है तुम्हारी.


इक उम्र के बाद उस उम्र की बातें उम्र भर याद आती है,
पर वो उम्र फिर उम्र भर वापिस नहीं आती है.
उम्र शायरी


वो कर जो तेरा दिल चाहता है,
पल-पल उम्र बीतता जाता है.


उम्र भर ग़ालिब ये ही भूल करता रहा,
धूल चेहरे पर थी और आईना साफ़ करता रहा.
उम्र शायरी


ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र बढ़ने के साथ,
बचपन की जिद समझौतों में बदल जाती है.


मेरी उम्र भी लग जाये उसे,
मेरा दिल लगा हुआ है जिससे.
उम्र शायरी


Umar Shayari

ऐ दोस्त, जीने का तुम
हमेशा यहीं अंदाज रखो,
उम्र कोई भी हो,
दिल जवां और चेहरे पर मुस्कान रखो.


दौड़ती हुई उम्र को क्या शाबाशी देना,
जब जिन्दगी ही कहीं थम-सी गई हो.
Umar Shayari


जब उम्र का लिबास पुराना हो जाता हैं,
जिसे अपना कहते है वो भी बेगाना हो जाता है.


ढलती शाम सी उम्र और
तन्हा तन्हा से हम,
उम्मीदों का काफ़िला और
वक्त बहुत है कम.
Umar Shayari


उम्र देखकर मोहब्बत नहीं की जाती हैं,
दिल जवाँ तो पचपन में भी होता है.


तू बता कहाँ से लाऊं वो किस्मत,
वो हाथों की लकीर, वो नसीब,
जो तुझको उम्र भर के लिए मेरा बना दे
और रखे तुझे मेरे आँखों के करीब.
Umar Shayari


Shayari on Age

2 Line Shayari on Umar | Umar Shayari | Age Shayari | उम्र शायरी

ये उम्र तो बस तजुर्बों की कहानी है,
हर दिल में दर्द और आँखों में पानी है.
Shayari on Age


खुद की उम्र को देखकर यूँ मायूस न हो,
किसी उम्र में कुछ भी किया जा सकता हैं.


कुछ तो ख्याल रख मेरी उम्र का भी,
ऐ जिंदगी कच्ची उम्र में इतने तजुर्बे ठीक नहीं.
Shayari on Age


बचपन का हर रंग बेहद ख़ास होता हैं,
बेरंग जवानी होती है जबकि सबकुछ पास होता हैं.


जो भी दिल में है वो अपनी बात कहो,
बस दिन रात मेरे पास रहो,
जरा सी नादानी पर छोड़ कर क्यों जाना
प्यार किया है तो उम्र भर साथ रहो.
Shayari on Age


तूने कहा था सोचने को कुछ वक्त चाहिए,
ये नहीं कहा था कि मेरी पूरी उम्र लगेगी.


Age Shayari in Hindi

कहते है उम्र-ए-रफ़्ता कभी लौटती नहीं,
मेरी मोहब्बत के लिए इक जवानी भी कम है.


एक उम्र जी ली है,
इतनी सी उम्र में.
Age Shayari in Hindi


प्यार मोहब्बत पर थोड़ा ज्यादा लिखते है,
उम्र का दोष है कर भी क्या सकते है.


तुम बन जाओ इश्क़,
मैं बन जाऊं ख़ामोशी तुम्हारी,
चलो अब आँखों ही आँखों में
बिता दे ये उम्र सारी.
Age Shayari in Hindi


उम्र बीती है, दिल अभी भी बच्चा है,
मुझसे भिड़ने की गलती ना कर, तू अभी कच्चा है.


हमारी नींदों की उम्र भी,
तुम्हारी नींदों को लग जाए,
हम जागें रातभर ख्यालों में तुम्हारे,
ख़ुदा तुम्हें हर रात चैन की नींद सुलाए.
Age Shayari in Hindi


क्यों जिस्म की इतनी तड़प थी तुम्हें,
कि रूह को नज़रअंदाज कर गये,
आये थे ऐसे मिलने मुझसे
कि उम्र भर को उदास कर गये.


2 Line Shayari on Umar

Shayari on Badhti Umar | बढ़ती उम्र पर शायरी | Umar Shayari | Age Shayari

इक नजर देखा उनको,
और इक उम्र जी लिया.


पसीना उम्र भर का उसकी गोद में थम जाएगा.
हमसफ़र क्या चीज है बुढ़ापे में समझ आएगा.
2 Line Shayari on Umar


बचपन को साथ रखियेगा जिन्दगी के शाम में,
उम्र महसूस न होगी सफ़र के मुकाम में.


इंतज़ार में उसके एक उम्र गुजार दी तुमने,
इंसान से ही मोहब्बत की थी, या कोई पत्थर पूछ बैठे थे.
2 Line Shayari on Umar


हाल न पूछो हमसे हमारी मोहब्बत का,
जीने की उम्र में मेरा शौक है मरने का.


इक पल लगा था मुझे इश्क़ बयाँ करने में,
उम्र सी लग गई उसे साबित करने में.
Umar Shayari


एक उम्र वो थी कि जादू में भी यकीन था,
एक उम्र ये है कि हकीकत पर भी शक है.


जिन्दगी तो आनी जानी है,
जितनी भी है साथ निभानी है.
Shayari on Umar


दर्द छुपाकर यूँ लबों से मुस्कुराना सीख गये,
छोटी सी उम्र में हम खुद से बड़े सबक सीख गये.


परत-दर-परत ना मेरा दर्द कुरेदो, थक जाओगे,
हर परत में मेरा तजुर्बा मेरी उम्र से बड़ा पाओगे.
Shayari on Umar


Pyar Ki Umar Nahi Hoti Shayari

किसने कहा बढ़ती उम्र
सुन्दरता को कम करती है,
ये तो बस चेहरे से उतरकर
दिल में आ जाती है.
Umar Shayari


रिश्तों का उम्र कम या ज्यादा नहीं होता,
जिनका निभाने का इरादा नहीं होता,
उनके लिए वादा भी वादा नहीं होता.


ऐ खुदा… काश तू मेरी जिन्दगी में
इतना बवाल ना करता,
और नहीं तो कम से कम
मेरी उम्र का तो ख्याल करता.
Umar Shayari


धीरे-धीरे उम्र कट जाती है,
जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,
कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है,
और कभी यादों के सहारे जिदंगी कट जाती है.


जो पूछते है उम्र ग़ालिब…
कोई उनको इतना बता दो,
प्यार में उम्र नहीं होती,
पर हर उम्र में प्यार होता है.
Shayari on Age


जा बिछड़ जा मगर ख्याल रहे,
यूँ ना हो कि उम्र भर मलाल रहे.


एक उम्र बाकी है, एक ख्व़ाब बाकी है,
कुछ हो गई है पूरी, कुछ बात बाकी है.
Shayari on Age


चार दिनों की उम्र मिली है,
और फ़ासलें जन्मों के,
इतने कच्चे रिश्तें क्यों है,
इस दुनिया में अपनों के.


कौन ठहरा है जहाँ में,
कहाँ रूक हम ही पायेंगे,
मुकम्मल उम्र होगी जब
तो चले हम भी जायेंगे.
Shayari on Age


उम्र पर शायरी

उदास होने के लिए उम्र पड़ी है,
नज़र उठाओ सामने जिन्दगी खड़ी है.


इक उम्र बितानी है मुझे उसके बगैर,
और एक रात है कि गुजरती नहीं मुझसे.
उम्र शायरी


देख जमाने को बदल गई हूँ मैं,
औरों की तरह निखर गई हूँ मैं,
उम्र की दहलीज पर गई हूँ मैं,
बनने की जगह बिगड़ गई हूँ मैं.


वक्त के सितम ने गिराया
फिर भी खड़ा हो गया,
जिंदगी ने कई सबक दिए
मैं उम्र से पहले ही बड़ा हो गया.
उम्र शायरी


उम्र बिना रुके सफ़र कर रही है,
और हम ख्वाहिशें लेकर वहीं खड़ी है.


इक उम्र बीत गयी है तुझे चाहते हुए,
तू आग भी बेखबर है कल की तरह.
उम्र शायरी


Shero Shayari on Umar

कुछ रिश्तों की उम्र ज्यादा नहीं होती,
और कुछ ज्यादा उम्र होने पर रिश्तें नहीं रहते.


मैंने भी एक गुनाह कर दिया,
पढ़ने की उम्र में लिखना शुरू कर दिया.


शिकायतें तो बहुत सी है तुझसे ऐ जिंदगी,
पर क्या करें एक उम्र तुम्हारे साथ गुजारनी है.


गुनाह-ए-इश्क़ को नामंजूर किया,
सारी उम्र सजा में रहना क़ुबूल किया.


एक उम्र के बाद
उस उम्र की बातें
उम्र भर याद आती है.


हर उम्र का एक असर होता है,
कोई बेखबर तो कोई बेसब्र होता है.


मोहब्बत अगर सच्ची हो,
तो इक लम्हा काफी होता है
एक उम्र जीने के लिए.


लम्हें भर में जो दिल में उतर गये,
एक उम्र लगेगी उन्हें भूलने में.


उम्र और जिंदगी में बस इतना फर्क है,
जो तेरे बिना बीते वो उम्र और जो तेरे साथ बीते वो जिंदगी।


उम्र कैद की तरह होते है कुछ रिश्तें,
जहाँ जमानत देकर भी रिहाई नहीं मिलती।


इसे भी पढ़े –