Thought of The Day | आज का विचार

Thought of The Day in Hindi

Thought of the Day in Hindi ( Thoughts in Hindi for Students ) – इस पोस्ट में बेहतरीन उत्साहवर्धक, मोटिवेशनल, प्रेरणादायक अनमोल विचार दिए गये हैं, जो आपके मन-मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर देंगे. इन बेहतरीन Thought of the day को जरूर पढ़े.

New Thought of the day in Hindi | आज के बेहतरीन विचार

अर्जुन बनो… केवल लक्ष्य को देखों. – शिव व्हौरिया

कई लोग असाधारण अवसरों की बाट जोहा करते हैं, किन्तु वास्तव में कोई अवसर छोटा या बड़ा नहीं हैं. छोटे से छोटे अवसर का प्रयोग करने से, अपनी बुद्धि को उसमें जुटा देने से वह छोटा अवसर बड़ा हो जाता हैं. – विनोबा भावे

अवसर को हम ईश्वर का उपनाम कह सकते है, क्योकि यह इसी रूप में हम पर कृपा करता हैं. – फ्रांसिस

मुसीबतें टूट पड़े, हाल बेहाल हो जाये तब भी जो लोग निश्चय से डिगते नहीं और धीरज रखकर चलते हैं, वे ही अपने लक्ष्य तक पँहुचते हैं. – कुरान

लक्ष्य निश्चित होते ही आपके कर्म एक यात्रा का रूप ले लेते हैं और फिर आज नहीं तो कल आप अपने लक्ष्य पर पहुँच ही जाते हैं. – वेदान्त तीर्थ

जो कार्य जितनी श्रद्धा से किया जाएगा, उतना ही श्रेष्ठ होगा. – महात्मा बुद्ध

आत्मविश्वास सरीखा दूसरा मित्र नहीं. आत्मविश्वास ही भावी उन्नति का मूल आधार हैं. – स्वामी विवेकानन्द

कठिनाई और विरोध वह देशी मिटटी है, जिसमें शौर्य और आत्मविश्वास का विकास होता हैं. – जॉर्ज बर्नाड शॉ

आशा उत्साह की जननी है. आशा में तेज है, बल है, जीवन है. आशा ही संसार की संचालक शक्ति है. – प्रेमचंद

किसी के मरणोपरांत मिलने वाल कोई धन ईमानदारी से अधिक मूल्यवान नहीं हैं. – शेक्सपीयर

कटा हुआ वृक्ष भी पनपने लगता है. क्षीण चंद्रमा भी बढ़कर पूर्ण हो जाता हैं अतः विपत्ति में साहस न छोड़े. – भर्तृहरि

अपने भीतर के दोषों का निरीक्षण करों, परीक्षण करो और अध्ययन करों. तब अपने दोषों को स्वीकार करो. कान पकड़ो और कहो की इन सब दोषों को बाहर निकालकर ही दम लूँगा. संकल्प करो, दृढ़ संकल्प करो तभी तुम जो चाहो कर सकते हो और जो चाहो बा सकते हो. जीवन और भाग्य तुम्हारे हाथ है. – स्वामी कूटस्थानन्द

जब हम कोई काम करने की इच्छा करते है, तो शक्ति अपने आप ही आ जाती हैं. – प्रेमचंद

बुद्धि ईश्वर का वरदान है. इसका उपयोग पूरी ईमानदारी से होना चाहिए. – चाणक्य

भाग्य केवल बहादुरों का साथ देता हैं. – अज्ञात

क्रोध प्रीति को नष्ट करता है, मान विनय को नष्ट करता हैं, माया मैत्री को नष्ट करती है और लोभ सबकुछ नष्ट करता है. – भगवान महावीर

प्रेम-प्रेम को जगाता है. घृणा-घृणा को जगा देती हैं. हम जो देते हैं हम पर वही वापिस लौट आता है. यहीं शाश्वत नियम हैं. – ओशो

जीवन का रहस्य भोग में नहीं, अनुभव के द्वारा शिक्षा प्राप्ति में हैं. – स्वामी विवेकानन्द

पुरूष का जीवन संघर्ष से, नारी का जीवन समर्पण से आरम्भ होता है. – महादेवी वर्मा

मन की प्रसन्नता ही व्यवहार में उदारता बन जाती है. – प्रेमचंद

आशा दुखियों के लिए एकमात्र औषधि है. – शेक्सपियर

जो व्यक्ति काम में अरूचि रखे, पूरे दिल से कार्य न करे, जिनके पास उद्देश्य न हो और जिनका मन चंचल रहता हैं, वे दृढ़ता से उद्देश्य पूर्ति में नहीं लगे रह सकते. – स्वेट मार्डेन

कर्म के द्वारा मौन रहते हुए चींटी से अच्छा उपदेश कोई दूसरा नहीं देता. – डॉ. राधाकृष्णन

किया हुआ कर्म और बोया हुआ बीज उचित समय लेता ही है. – मनुस्मृति

अच्छा स्वभाव शहद की मक्खी की तरह है, जो प्रत्येक झाड़ी से शहद ही निकालती हैं. – बीचर