Mahatma Gandhi Quotes in Hindi | महत्मा गांधी के अनमोल विचार

Mahatma Gandhi Quotes

Mahatma Gandhi Quotes in Hindi – मोहनदास करमचन्द गांधी भारत एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे. इनके जीवन का मुख्य सिद्वांत अहिंसा था. भारत को आजाद करने में गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा और लोग इन्हें प्यार से महात्मा गांधी कहते थे. प्रति वर्ष 2 अक्टूबर को गांधी जी का जन्म दिन भारत में “गांधी जयंती (Gandhi Jainti)” के रूप में और पूरे विश्व में “अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस ( International Day of Non-Violence )” के नाम से मनाया जाता है

गांधी जी का संक्षिप्त जीवन परिचय | Brief Life Introduction of Gandhiji

नाममोहन दास गांधी ( Mohan Das Gandhi)
पूरा नाममोहनदास करमचंद गांधी ( Mohan Das Karamchand Gandhi )
जन्म – 02 अक्टूबर 1869
जन्म स्थान – पोरबंदर, काठियावाड़, गुजरात, भारत
मृत्यु – 30 जनवरी 1984 (75 वर्ष की आयु में)
अन्य नाम – महात्मा गान्धी, बापु, गांधीजी
जीवनसाथी – कस्तूरबा गांधी
बच्चे – हीरालाल गांधी, मणिलाल गाँधी, रामदास गांधी और देवदास गांधी
पिता – करमचंद गाँधी
माता – पुतलीबाई

महत्मा गांधी कोट्स इन हिंदी | Mahatma Gandhi Quotes in Hindi

सुखों को बाहर मत तलाशो उसे हृदय में खोजों. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

सामने वाले की बात सुनने-समझने के बाद प्रतिक्रिया ऐसी व्यक्त करें कि वह सदा के लिए आपका हो जाए. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

असहिष्णुता स्वयं हिंसा का रूप है और सच्ची प्रजातांत्रिक भावना के जन एवं विकास में बहुत बड़ी बाधा हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

अपराध आदमी के मुंह पर लिखा रहता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

अनुशासन ने केवल फौजों के लिए बल्कि जीवन के हर क्षेत्र के लिए हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

शुद्ध साधनों का परिणाम भी अशुद्ध होता है. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

आवेश शांत होने पर जो कार्य किया जाता है वह फलदायी होता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

इन्द्रियों को वश में रखना बुद्धिमान पुरूषों का काम हैं, उनके वश में होना मूर्खों का. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

ईश्वर न काबा में है, न काशी में. वह तो कण-कण में व्याप्त है. हर दिल में मौजूद है. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

गलती स्वीकार कर लेना उस लगाई गई झाडू के समान है जो गंदगी को हटा कर सतह साफ़ क्र देती हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

गाओ, हंसो और प्रसन्न रहो तो तुम्हारे मन की गांठे भी खुलेंगी और दूसरों की भी. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जब दुःख अपनी चरम सीमा पर होता है, तब सुख ज्यादा दूर नहीं होता. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जो चीज विकार को मिटा सके, राग-द्वेष को कम कर सके, जिस चीज के उपयोग से मन सूली पर चढ़ते समय भी सत्य पर डटा रहे, वही धर्म की शिक्षा है. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जो भूखे है उनके सामने परमात्मा की चर्चा कैसे करूं? उनके सामने तो परमात्मा दाल-रोटी के रूप में ही प्रकट हो सकते हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

दुनिया में मेरे लिए सबसे बड़ा निरंकुश शासक मेरी आत्मा की आवाज है. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

निष्काम कर्म शक्ति का उद्गम है, चूँकि वह कर्म ही ईश्वर की पूजा हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

प्रार्थना अगर हृदय के बजाए जीभ से होती तो गूंगे, तोतले और मूढ़ व्यक्ति प्रार्थना न कर पाते. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

प्रार्थना द्वारा ईश्वर को पुकारिए वह आपको आपकी कमजोरियों से मुक्त करेंगे. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

पशुबल के आधार पर लोगो को अधिक व कम कायर की श्रेणी में बांटा जा सकता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

प्रथम हृदय है फिर बुद्धि. प्रथम सिद्धांत फिर प्रमाण. प्रथम कर्म फिर बुद्धि इसलिए बुद्धि कर्मानुसारिणी नदीं कही गयी हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

बुराई के साथ असहयोग करना हमारा पवित्र कर्त्यव्य हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

भगवान् हमारी सहायता उस वक्त करता है जब हम अपने को अपने पैरों के नीचे की धुल से भी अधिक गिरा हुआ मान लेते हैं. केवल कमजोर और असहाय व्यक्तियों के लिए ही भगवान की सहायता उपलब्ध हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

मानव जाति की सेवा अंत में अपनी ही सेवा हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

भूख की आग ऊँचे से ऊँचे और कोमल से कोमल हृदय के व्यक्तियों को भी नीच से नीच कार्य करने पर विवश कर देती है. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

मानव को कायर नहीं होना चाहिए. बहादुरी से प्रहार करते हुए और सहते हुए मरना बेहतर होता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

मनुष्य को अपनी ओर खीचने वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है तो वह केवल प्रेम हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

संत पुरूष के लिए एकांत में रहकर विचार मात्र से भी सेवा कर सकना संभव है. ऐसा लाखो में से एक मनुष्य निकल सकता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

सच्ची महानता हृदय की पवित्रता में है, इसमें नहीं कि कोई तुम्हारे बारें में क्या कहता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

स्वस्थ मनुष्य वह होता है जो शारीरिक और मानसिक स्वस्थता का संतुलन बनाये रखता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

सदाचार और आज्ञाकारिता का मिलना जिस प्रकार सौभाग्य की बात है, उसी प्रकार पत-पत्नी के लिए विश्वास एक सर्वोत्तम सुख हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जो जैसी संगति करता है, वैसा ही फल पाता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जीभ को जीत लें सब वस्तुओं को जीत लेने के बराबर हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जिसे संदेह है, उसे कहीं ठिकाना नहीं. उसक विनाश निश्चित हैं. वह रस्ते चलता हुआ भी नहीं चलता, क्योंकि वह जानता ही नहीं कि मैं कहा हूँ. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जिस कार्य में आत्मा का पतन हो वही पाप हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

शक्तियाँ होते हुए भी उनका उपयोग नहीं हो पाता, यदि दिल में चिंता हो. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

किसी से मेहरबानी मांगना अपनी आजादी बेचना हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जो नीति की दृष्टि से लड़ता है, वह आशा नहीं छोड़ता. जिसका कार्य शुद्ध है और जिसके साधन भी शुद्ध है उसे मानना चाहिए कि सफ़लता अवश्य मिलेगी. निर्धारित समय पर न मिले तो इतना ही कहेगा, मेरे अनुमान में कहीं भूल थी, किन्तु इस मार्ग से सफ़लता तो मिलेगी ही. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

आप अहंकार छोड़ दीजिए, सुखों की अनुभूति होना प्रारम्भ हो जाएगी. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जिनमें नम्रता नहीं आती, वे विद्या का पूरा सदुपयोग नहीं कर सकते. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

जहाँ बुद्धि नही पहुंचती, वहां श्रद्धा पहुँच जाती हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

कितना दुःखद विषय हो, उसकी चर्चा कठोर भाषा में नहीं करनी चाहिए. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

मौन से अच्छा भाषण दूसरा नहीं. फिर भी बोलना पड़े तो जहाँ एक शब्द से काम चलता हो वहां दूसरा शब्द न बोलें. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

दिल में कभी बुरे विचार मत आने दो, वह अपना असर दिखाए बिना नहीं रहते. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

सच्चा आत्मविश्वास पर्वतों को भी हिला देता हैं. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

महान काम और महान बलिदान महान उपायों के बिना नहीं किये जा सकते. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )

प्रतिष्ठा आलसियों और अपाहिजों की तरह दूसरों के बल पर जीने में नहीं है, वह है स्वयं अपना कार्य करने में और पसीना बहाकर कमाने में. – महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi )