Non-violence Quotes in Hindi | अहिंसा पर अनमोल विचार

Non-violence Quotes in Hindi

Non-violence Quotes in Hindi (अहिंसा पर अनमोल विचार ) – हिंसा किसी मनुष्य, समाज और देश के लिए हितकर नही हो सकता हैं इसलिए अहिंसा ही सबका धर्म होना चाहिए. जब हम अहिंसा की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में एक ही नाम आता “बापू – महात्मा गांधी” जो सत्य और अहिंसा के पुजारी थे जिनका जीवन दूसरो के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं. वे अपने जीवन का हर संघर्ष , सत्य और अहिंसा को आधार बनाकर जीता. इस पोस्ट में अहिंसा पर कुछ अनमोल वचन दिए गये हैं आशा करता हूँ कि आपको ये पसंद आयेंगे. इसमें महात्मा गांधी के भी अनमोल वचन हैं.

अहिंसा पर कोट्स | Non-violence Quotes

अहिंसा इंसानियत की पहचान हैं, जब तक हम इस धरती पर सभी जीवित प्राणियों को को नुक्सान पहुँचाना नही छोड़ते, तब तक हम जंगली हैं. – अज्ञात

अहिंसा मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म हैं. – भगवान महावीर

मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित हैं, सत्य मेरा भगवान् हैं और अहिंसा उसे पाने का साधन हैं. – महात्मा गाँधी

सभी जीवित प्राणियों के प्रति सम्मान अहिंसा हैं. – भगवान् महावीर

शांति और आत्म-नियंत्रण अहिंसा है. – भगवान् महावीर

मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ. – महात्मा गाँधी

मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है. – महात्मा गाँधी

अहिंसा के धर्म को अपनाकर पूरी दुनिया में शांति की स्थापना की जा सकती हैं. – अज्ञात

अहिंसा शक्तिशाली लोगो की पहचान हैं. – अज्ञात

अहिंसा मनुष्य की लिए उतना ही हितकारी हैं जितना जीने के लिए सांस. – अज्ञात

शांति और आत्म-नियन्त्रण अहिंसा हैं. – भगवान महावीर

ईश्वर में अविश्वास रखने वाला ही अहिंसा के विषय में सवाल करता हैं. – महात्मा गाँधी

अभय होना अच्छा है, सत्य और अहिंसा के लिए भी अभय की आवश्यकता है. निर्भीक आदमी एक बार मरता है, भयभीत आदमी भावनात्मक रूप में ही बार-बार मरता हैं. – अज्ञात

अहिंसा परम श्रेष्ठ मानव-धर्म है, पशु-बल से वह अनंत गुना महान और उच्च हैं. – महात्मा गाँधी

अहिंसा ही धर्म है, वही जिन्दगी का एक रास्ता हैं. – महात्मा गांधी

अनेकों को जो एक रखती हैं, भेदों में से अभेद को ढूंढती है, वहीं अहिंसा हैं. – विनोबा

अहिंसा परम धर्म हैं, अहिंसा परम संयम है, अहिंसा परम दान है तथा अहिंसा परम यज्ञ है, अहिंसा परम फल है, अहिंसा परम मित्र है और अहिंसा परम सुख है. – वेदव्यास

अहिंसा को विचार, शब्द और कार्य में किया जाना चाहिए. हमारी अहिंसा का माप हमारी सफ़लता का माप होता. – बल्लभभाई पटेल