ड्राइवर शायरी | Driver Shayari

Driver Shayari

Driver Shayari Status Quotes Images in Hindi – क्या आपने कभी ऑटो में या बस के अंदर सफर करते हुए. ऑटो या बस के अंदर चिपके शायरी को पढ़ा है. अगर नहीं तो इस पोस्ट को जरूर पढ़े.

ड्राईवर अपनी गाड़ी को काफी सजा के रखते हैं. अधिक्तर गाड़ियों में गाने सुनने और फिल्म देखने तक की व्यवस्था होती हैं. कुछ ड्राईवर शायरी, साहित्य के भी शौकीन होते हैं. जो अपनी गाड़ियों में शायरी के लेबल को लगाकर रखते हैं.

ये शायरी कुछ सामजिक मुद्दों से जुड़े, प्यार के बारें में, ड्राईवर के दर्द को बयाँ करते और कभी-कभी सूफियाना बाते कहती नजर आती हैं. आप गाड़ियों के अंदर खुदा, भगवान, वाहे द गुरू, क्रॉस आदि मिलेंगे. कुछ ड्राईवर तो अपनी मस्ती में गाना गाते हुए भी गाड़ी चलाते हैं.

इस पोस्ट में बेहतरीन ड्राइवर शायरी, Driver Shayari, Driver Shayari Image Hindi, Driver Shayari Photo, Driver Par Shayri, Driver Love Shayari, Driver Ki Zindagi Shayari, Driver Attitude Status in Hindi, Driver Ke Liye Shayari Punjabi आदि दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े.

ड्राइवर शायरी | Driver Shayari

मालिक की गाड़ी ड्राईवर का पसीना,
चलती है रोड़ पर बनकर हसीना.


कीचड़ में पैर रखोगी तो धोना पड़ेगा,
ड्राईवर से शादी करोगी तो रोना पड़ेगा.
Driver Attitude Status


ऐ लड़की, मंझधार में आ, किनारों में क्या रक्‍खा है
प्यार है तो आगोश में आ, इशारों में क्या रक्‍खा है
Driver Love Shayari


दिल के अरमां आंसुओं में बह गए..
वो उतरकर चल दिए, हम गियर बदलते रह गए..


कश्मीर जैसी रोड नहीं, पर सियासत लड़ा देती है
भाई जैसा दोस्त नहीं, पर भाभी लड़ा देती है…


मालिक की जिदंगी ब्रेड और केक पर,
ड्राईवर की जिन्दगी स्टैरिंग और ब्रेक पर.
Driver Ki Zindagi Shayari


तलाक दिया तुमने बड़े गुरुरो कहर के साथ
लौटा दो मेरा शबाब भी मेरे मेहर के साथ


गुल खिले, गुलशन खिले और खिले गुलदस्ते,
मेरी गाड़ी में सवारी करने वालो को नमस्ते.


दुनिया जलती है तो जलने दे,
यह प्रेम की गाड़ी चलने दे.


गाड़ी को थोड़ा धीरे और ध्यान से चलायें,
ताकि आप अपने परिवार में सुरक्षित पहुँच जायें.


शादी के बाद सुंदर-सा जहाँ बसायेंगे,
क्या पता था कि ड्राइवर पति पायेंगे.


ख़ूबसूरत इस दुनिया के सारे नजारे हो गये,
जिस पल से सनम हम तुम्हारे हो गए.


दिन है तो रात भी होगी,
रूठी है तो बात भी होगी.


ख़ता तो हुई है तुम्हें चाहने की,
अब सजा मत दो भूल जाने की.


फिरता हूं दिन-रात सड़कों पर मारा मारा,
जैसे कि ये सड़क मेरी महबूब हो
और मैं इसके प्यार में आवारा।
प्रभात वासुदेवपुरी


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