राष्ट्र भक्ति कविता – जयतु जय हिन्दुस्तान की

Rashtr Bhakti Kavita – Jayatu Jay Hindustan Ki By Saurabh Mishra Hind – 15 अगस्त के शुभअवसर पर सौरभ मिश्रा हिन्द के द्वारा लिखी बेहतरीन राष्ट्र भक्ति कविता जरूर पढ़े.

राष्ट्र भक्ति कविता | Rashtr Bhakti Kavita
Rashtr Bhakti Kavita
Rashtr Bhakti Kavita | राष्ट्र भक्ति कविता

तीन रंग अति प्यारो न्यारो, शौर्य चक्र सुदर्शन धारतु है ।
शान मान अभिमान हमारो, सौरभ जहांन तिरंगहि वारतु है ।।

ई गीतहि रीतहि प्रीत इहा की, वन्दे मातरम भजनहि गान करू ।
इनु महान राष्ट्र जान लुटाय, हरषि हरषि अभिमान करू ।।

अमृत धारा गंगहि वारा, जिनु चरण धोइ गुण गाई रही ।
धरा प्रसन्न सुमन बरसाबतु, अपनो अंग स्तुत कइ ध्याय रही ।।

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इनु वीरता जे ललकारतु है, उन मौत खड़ी थर्राई है ।
तब हर हर आजाद भगतसिंह होत, नारी दुर्गा लक्ष्मीबाई है ।।

तब सब रुद्र रूप धरि वज्र बनि टूटइ, ई जे विश्व शान्ति चाह करे ।
जे प्रेमहि पग मित्र बढ़ाइ रहे, उन स्वागत खोलिन बाह करे ।।

जय करम भूमि जय धरम भूमि, जय वीर भूमि सत्य सम्मान की ।
जय आर्यावर्त जय भारत भूमि, जयतु जय हिन्दुस्तान की ।।

– सौरभ मिश्रा हिन्द


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