लाला लाजपत राय पर कविता | Poem on Lala Lajpat Rai in Hindi

Lala Lajpat Rai Poem in Hindi

Poem on Lala Lajpat Rai Jayanti in Hindi – इस आर्टिकल में लाला लाजपत राय की जयंती पर कविता दी गई है. इसे जरूर पढ़े और शेयर करें.

लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी, 1865 में हुआ था. भारत की स्वतंत्रता संग्राम में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा. ये भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में गरम दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल में से एक थे. 28 जनवरी को लाला लाजपत राय की जयंती मनाई जाती है.

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Poem on Lala Lajpat Rai in Hindi

लाला लाजपत राय देशभक्त महान,
आजादी के लिए दिया हर बलिदान,
1928 में साइमन कमीशन का किया बहिष्कार,
प्राणों की बाजी लगा दी,
भारत से करते थे इतना प्यार.

प्रिय नेता के मरने का सबको गम था,
हर देशप्रेमी में बदला लेने का दम था,
चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राजगुरु
और सुखदेव ने प्रतिज्ञा ली,
ठीक एक महीने बाद सांडर्स की हत्या कर डाली,
उस दिन भारत के उगते सूरज में गजब की थी लाली.

लाला लाजपत राय की यह कुर्बानी रंग लाई,
स्वतंत्रता का सवेरा अपने संग लाई,
गुलामी के दिन दूर हुए, आजादी आई,
हर हिन्दुस्तानी के चेहरे पर खुशियाँ लाई.

लाल-बाल-पाल देशभक्त की पहचान,
लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और
विपिन चन्द्र पाल त्रिमूर्ति महान,
डी. ए. वी. स्कूल और कॉलेज बना कर दिया
देश के शिक्षा और विकास में महत्वपूर्ण योगदान.


लाला लाजपत राय पर कविता | Lala Lajpat Rai Poem in Hindi

लाला लाजपत राय उनका नाम था,
भारत की आजादी के लिए उनका हर काम था,
अंग्रेजी हुकूमत को मिलता करारा जवाब था,
भारत की आजादी का उनके आखों में ख्वाब था.

गरम उनका स्वभाव था,
गरीबों के लिए प्रेम भाव था,
अंग्रेज भी उनसे डरते थे,
क्योंकि झुकना उनका स्वभाव न था.

देश के खातिर प्राणों का बलिदान दिया,
स्कूल और कॉलेज खोलकर सबको ज्ञान दिया,
देश पर तन-मन-धन न्यौछावर कर डाला
देशभक्तों के लहू में चिंगारी लगाकर स्वतंत्रता का वरदान दिया.


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