बेटी पर बेहतरीन कवितायें | Poem on Daughter

Beti Poem in Hindi

Poem on Daughter in Hindi ( Beti Kavita in Hindi ) – इस पोस्ट में बेटियों पर बेहतरीन कवितायें दी गयी हैं. इन कविताओं को जरूर पढ़े. बेटा और बेटी में कोई फर्क नही होता हैं, आज के समय में बेटो से आगे निकल रही हैं बेटियाँ. आप हर के क्षेत्र में बेटियों के हुनर और अद्भुत साहस को देख सकते हैं. बेटी को लक्ष्मी का रूप माना जाता हैं.

बेटियों पर कवितायें | Poem on Daughter | Hindi Poem On Beti

बेटियाँ दो-दो घर को संभालती हैं. शिक्षा, बिज़नस, राजनीति और अन्य कई क्षेत्रों में अपने हुनर के दम पर नये कीर्तिमान रच रहीं हैं बेटियाँ. इन बेहतरीन Beti Poem को जरूर पढ़े.

Poem on Daughter in Hindi 1 | बेटी पर कविता 1

बेटी

पूजे कई देवता मैंने तब तुमको था पाया |
क्यों कहते हो बेटी को धन है पराया |
यह तो है माँ की ममता की है छाया |
जो नारी के मन आत्मा व शारीर में है समाया ||

मैं पूछती हू उन हत्यारे लोगों से |
क्यों तुम्हारे मन में यह ज़हर है समाया |
बेटी तो है माँ का ही साया |
क्यों अब तक कोई समझ न पाया |

क्या नहीं सुनाई देती तुम्हे उस अजन्मी बेटी की आवाज़ |
जो कराह रही तुम्हारे ही अंदर बार-बार |
मत छीनो उसके जीने का अधिकार |
आने दो उसको भी जग में लेने दो आकार |

भ्रूण हत्या तो ब्रह्महत्या होती है |
उसकी भी कानूनी सजा होती है |
यहाँ नहीं तो वहाँ देना होगा हिसाब |
जुड़ेगा यह भी तुम्हारे पापों के साथ ||

अजन्मी बेटी की सुन पुकार |
माता ने की उसके जीवन की गुहार |
तब मिल बैठ सबने किया विचार |
आने दो बेटी को जीवन में लेकर आकार |

तभी ज्योतिषों ने बतलाया |
बेटी के भाग्य का पिटारा खुलवाया |
यह बेटी करेगी परिवार का रक्षण |
दे दो इस बार बेटी के भ्रूण को आरक्षण |

लेखक – सावित्री नौटियाल काल ‘सवि’


Daughter Poem in Hindi 2 | बेटी पर कविता 2

घर की जान होती हैं बेटियाँ

घर की जान होती हैं बेटियाँ,
पिता का गुमान होती हैं बेटियाँ,
ईश्वर का आशीर्वाद होती हैं बेटियाँ,
यूँ समझ लो कि बेमिसाल होती हैं बेटियाँ.

बेटो से ज्यादा वफादार होती हैं बेटियाँ,
माँ के कामों में मददगार होती हैं बेटियाँ,
माँ-बाप के दुःखको समझे, इतनी समझदार होती हैं बेटियाँ,
असीम प्यार पाने की हकदार होती हैं बेटियाँ.

बेटियों की आँखे कभी नम ना होने देना,
जिन्दगी में उनकी खुशियाँ कम ना होने देना,
बेटियों को हमेशा हौसला देना, गम ना होने देना,
बेटा-बेटी में फर्क होता हैं, ख़ुद को ये भ्रम ना होने देना.


Beti Poem in Hindi 3 | बेटी कविता 3

मैं बेटी वरदान हूँ

माँ दुर्गा की शक्ति हूँ।
मैं भी पढ़ लिख सकती हूँ।
मात पिता की सेवा जानूँ।
अपने फ़र्ज़ को मैं पहचानूँ।
जब थी इस दुनिया मैं आई।
सारे शहर में बँटी मिठाई।
मुझको लाड प्यार से पाला।
स्कूल भेज सिखाई वर्ण माला।
मैं अपने घर की शान हूँ।
हाँ मैं बेटी वरदान हूँ।


Poem on Daughter 4 | बेटी कविता 4

लाड़ली बेटी

लाड़ली बेटी जब से स्कूल जाने हैं लगी,
हर खर्चे के कई ब्योरे माँ को समझाने लगी.

फूल सी कोमले और ओस की नाजुक लड़ी,
रिश्तों की पगडंडियों पर रोज मुस्काने लगी.

एक की शिक्षा ने कई कर दिए रोशन चिराग,
दो-दो कुलों की मर्यादा बखूबी निभाने लगी.

बोझ समझी जाती थी जो कल तलक सबके लिए,
घर की हर बाधा को हुनर से वहीं सुलझाने लगी.

आज तक वंचित रही थी घर में ही हक के लिए,
संस्कारों की धरोहर बेटों को बतलाने लगी.

वो सयानी क्या हुई कि बाबुल के कंधे झुके,
उन्हीं कन्धों पर गर्व का परचम लहराने लगी.

पढ़-लिखकर रोजगार करती, हाथ पीले कर चली,
बेटी न बेटों से कम, ये बात सबको समझ में आने लगी.


Hindi Poem On Beti 5 | बेटी कविता 5

मैं बोझ नहीं हूँ

शाम हो गई अभी तो घूमने चलो न पापा
चलते चलते थक गई कंधे पे बिठा लो न पापा
अँधेरे से दर लगता सीने से लगा लो न पापा
मम्मी तो सो गई
आप ही थपकी देकर सुलाओ न पापा
स्कूल तो पूरी हो गई
अब कॉलेज जाने दो न पापा
पाल पोस कर बड़ा किया
अब जुदा तो मत करो न पापा
अब डोली में बिठा ही दिया तो
आँसू तो मत बहाओ न पापा
आपकी मुस्कुराहट अच्छी हैं
एक बार मुस्कुराओ न पापा
आप ने मेरी हर बात मानी
एक बात और मान जाओ न पापा
इस धरती पर बोझ नहीं मैं
दुनियाँ को समझाओ न पापा.