Lip Shayari | होठ शायरी

Lip Shayari

Lip Shayari in Hindi ( लब शायरी ) – होठ हमारे शरीर का एक मुख्य हिस्सा होता हैं जो बोलने में हमारी मदत करता हैं. पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं के होठ ज्यादा ही खूबसूरत होते हैं जिसके कारण उस पर कवितायेँ, शायरी आदि भी लिखी जाती हैं. इस पोस्ट में बेहतरीन लिप शायरी, Lip Shayari, Lip Shayari in Hindi, होठ शायरी, Hoth Shayari, लब शायरी आदि दिए हुए हैं. इन्हें जरूर पढ़े और शेयर करें.

लब शायरी | Lip Shayari in Hindi

उसने होठों से छूकर दरिया का पानी गुलाबी कर दिया,
हमारी तो बात और थी, उसने मछलियों को भी शराबी कर दिया.


मेरे तेरे होंठ कुछ इस तरह से मिल जायें,
कि दिल की हर ख्वाहिशें मुकम्मल हो जायें.
Lip Shayari


मेरा अपना तजुर्बा है तुम्हें बतला रहा हूँ मैं,
कोई लब छू गया था तब कि अब तक गा रहा हूँ मैं.
– कुमार विश्वास


तेरे होठों के छुअन का एहसास है,
मेरी होठों की बढ़ गई प्यास हैं.
Lip Shayari in Hindi


माना घाव गहरे है, दर्द इश्क ने दिए है,
पर होठ कभी मुस्कुराने का हुनर भूलतें नहीं.


हुई जो तेरे होठों की तलब,
हमने खिलता हुआ गुलाब चूम लिया.


Lip Shayari in Hindi
Lip Shayari in Hindi

होठ नहीं, आँखे दगा करती हैं,
यहीं तो छिपे इश्क को बयाँ करती हैं.


Hindi Shayari on Lip
Hindi Shayari on Lip

होठों से होठ जब टकराते हैं,
दिल के एहसास जिन्दा हो जाते हैं.


Lips Shayari
Lips Shayari

लबों से अब उनका नाम नही लेते हैं,
ये काम मेरे दिल की धड़कने कर रही हैं.


लब शायरी | Lab Shayari
लब शायरी | Lab Shayari

ना जाने क्यों ये लब उन्हें देख मुस्कुराने लगे,
ना जाने क्यों ख़ुद को ही जख्म लगाने लगे.


Lips Shayari in Hindi
Lips Shayari in Hindi

बहुत फूल देखे पर वो रंग न देखा,
जो तेरे ख़ूबसूरत होठों का था.


Hoth Shayari - Lip Shayari
Hoth Shayari – Lip Shayari

होठों को अब परेशान न किया जाए,
इश्क में इनसे कोई काम न लिया जाए.


 Gulabi Honth Shayari
Gulabi Honth Shayari

जिस दिन जिन्दगी से मुलाक़ात होगी,
उस दिन मेरी उससे जी भर के बात होगी.


झील सी आँखों का ख्वाब बता दो,
इन गुलाबी होठों का राज बता दो,
आखों में तो इश्क नजर आता नहीं
फिर इन शरारती मुस्कानों का राज बता दो.


उनके होठों को अपने होठों से छुआ,
ऐसा लगा कि मुझे उनसे इश्क हुआ.


जो तेरे गुलाबी लब मेरे लबों को छू जायें,
मेरी रूह का मिलन तेरी रूह से हो जाये,

ज़माने की साज़िशों से बेपरवाह हो जायें,
मेरे ख्वाब कुछ देर तेरी बाहों में सो जायें,

होठों को दबाकर जब धीरे से मुस्कुराती हो,
मेरी जान तुम दिल के जर्रे-जर्रे में छा जाती हो.
Lip Shayari


मिटा कर फ़ासले हम प्यार में खो जायें,
आ कुछ पल के लिये एक-दूजे के हो जायें।


माफ़ करना मेरी गुस्ताखियाँ कुछ बढ़ गई है,
अब मैं तेरे तस्वीर में तेरे होठों को चूम लेता हूँ.


इश्क़ में होठों के काम को आँखों ने किया,
मोहब्बत के इक पल में मैंने सदियों को जिया.
Lip Shayari


लब जब लबों से टकराते है,
तो दिल पर बिजलियाँ गिराते हैं.


जब तन्हाई में तुम्हारी याद आती है,
तो मेरे होठों पर मुस्कुराहट लाती है.
Lip Shayari


लहराते बाल, कजरारे आँख और रसीले होठ,
कत्ल करने के लिए ये औजार काफी है.


इश्क का कभी हमने इंकार नहीं किया,
पर इस दिल को कभी इतना बेक़रार नहीं किया,
बस आँखों में उनके सपने सजाये रखे है मगर
कभी हमने होंठों से इश्क का इजहार नहीं किया…


होंठ शायरी

जब से तुम्हारे नाम की मिश्री होंठ पर लगाईं है,
मीठा सा गम है और मीठी सी तन्हाई है.
Lip Shayari


मोहब्बत करने वालों का यही हश्र होता है,
दर्द-ए-दिल होता है, दर्द-ए-जिगर होता है,
बंद होंठ कुछ ना कुछ गुनगुनाते ही रहते हैं,
खामोश निगाहों का भी गहरा असर होता है…


तुम जब सामने होती हो,
तो होठों पर हंसी होती है,
जब तुम मेरे नजरों से दूर होते हो
तो जिंदगी में कुछ कमी सी होती है.


Lips Shayari

मेरे लबों के हंसी को हकीकत मत समझना,
तेरे बिना दिल में उदासियों का समन्दर बसता है.


मैं इक फकीर के होंठों की मुस्कुराहट हूँ
किसी से भी मेरी कीमत अदा नहीं होती
मुनव्वर राना


होठों पर हंसी और दिल में ये कैसी तन्हाई है,
इश्क़ में तेरे मुझको मिली ये कैसी रूसवाई है.
होंठ शायरी


जो बारिश की बूँदे तुम्हारे होठों से टकराती है,
वो बारिश की बूँदे मोती में बदल जाती है.


Lips Shayari for Girlfriend

वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते है, नशे की आदत अच्छी नहीं होती!
Lips Shayari for Girlfriend


उसके होठों को चूमा तो ये एहसास हुआ,
कि सिर्फ़ पानी ही जरूरी नहीं प्यास बुझाने के लिए.


अफ़ीमी आखें, शर्बती गाल, और शराबी लब,
खुदा ही जाने नशे में तुम हो या तुममें नशा।
Lips Shayari for Girlfriend


बहक न जाये कहीं लौ की नीयत,
होठों से दिया तुम बुझाया न करो.
Lips Shayari for Girlfriend


मेरे होठों के करीब है होंठ तेरे,
ऐसे में शराफ़त का सवाल कहाँ,
करने दे जी भर के गुस्ताखियाँ
कि अब इजाजत का सवाल कहाँ.
Lips Shayari for Girlfriend


कभी तुम नाराज हुए तो हम झुक जायेंगे,
कभी हम नाराज हुए तो मेरे होठों को चूम लेना.


वो होठों की लाली आज फिर मुझे बहका रही है,
वो बदन की खुशबू आज फिर मुझे महका रही है,
मेरी जान अब क्ति नहीं तन्हाँ रातें
आ जाओ कि ये बेचैन बाहें तुझे पुकार रही है.
Lips Shayari for Girlfriend


दिल के दर्द को होठों पर मत लाया करों,
जो बीत गया उसे सोचकर आँसू मत बहाया करों.


काश !!! मेर होठ तेरे होठ को छू जाएँ,
देखूँ जहाँ बस तेरा ही चेहरा नजर आएँ,
हो जाए हमारा रिश्ता कुछ ऐसा
होठों के साथ हमारा दिल भी जुड़ जाएँ.


Gulabi Hoth Shayari

गुलाब सी गुलाबी होठ है तेरी,
वहीं से शुरू होती है हर अरमान मेरी.
Gulabi Hoth Shayari


गुलाबी होठ और होठों को दाँतों से दबाना,
सीखा है कहाँ से ये बिजलियाँ गिराना.
Gulabi Hoth Shayari


तुझ सा कोई जहान में नाज़ुक-बदन कहाँ
ये पंखुड़ी से होंठ ये गुल सा बदन कहाँ
– माधव राम जौहर


आज बारिश में तुम्हारे संग नहाना है,
सपना ये मेरा कितना सुहाना है,
बारिश के कतरे जो तेरे होंठों पे गिरे,
उन कतरों को अपने होंठों से उठाना है.


होंठ कह नहीं सकते अरमान दिल का,
शायद नज़र से वो बात हो जाये,
इस उम्मीद में हम करते है इंतजार रात का,
की सपने में ही उनसे मुलाकात हो जाये.


गुलाबी होठ तेरे, दिल के मेरे जज्बात
तू मिले तो हो दिल से दिल की बात.
Gulabi Hoth Shayari


तेरे होठ गुलाबी और निगाहें शराबी,
और कहती हो मेरे नियत में है खराबी.
Gulabi Hoth Shayari


उनका गुलाबी होठ भी एक सवाल है,
जिसका किसी के पास जबाब नहीं है.
Gulabi Hoth Shayari


होंठों पे आज उनका नाम आ गया,
प्यासे के हाथ में आज जाम आ गया,
डोले कदम तो गिरे उनकी बाहों में जाके,
आज तो पीना भी हमारे काम आ गया.


मेरे लबों की मुस्कान झूठी है,
जब वे मेरी जान रूठी है.
Lips Shayari


होठ पर शायरी

शब्दों को होठो पर रखकर दिल के भेद ना खोलो,
मैं आँखों से सुन सकता हूँ तुम आँखों से बोलो.


होठ तो मेरे है, पर मुस्कान तुम्हारी क्यों है,
लफ़्ज मेरे है पर बातें तुम्हारी क्यों है.


उसने अपने होठो से मेरे होठो को नहीं,
मेरे दिल को मुकम्मल छुआ है.
होठ पर शायरी


उसने अपने होठो से मेरे होठो को नहीं,
मेरे दिल को मुकम्मल छुआ है.
होठ पर शायरी


होठ शायरी

तुम्हारे आँखों के आँसू रूक जाए
इसलिए होठो को चूम लिया,
तुम हर दिन दोने का बहाना मत ढूँढा करो.


काली जुल्फ़ें और मुस्कुराते होठो की लाली,
कितने दीवानों को तुम पागल बना डाली.


अच्छा नहीं लगता होठो पर
उंगलियाँ रखकर तुम्हारा चुप कराना,
कुछ इस तरह से हमें चुप करा दो
होठों को होठों से टकराने दो.


होठो पर होठ रखकर सो गये हैं,
कि गर्मी के मौसम में कहीं प्यास न लग जाएँ.


होठों को अजीब सुकून आता है,
जब लफ्जों में जिक्र तुम्हारा आता है.
होठ शायरी


कल रात ज़िन्दगी से मुलाक़ात हो गई,
लब थर-थरा रहे थे मगर बात हो गई!
– Shakeel Badayuni


गुलाबी होठ शायरी

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मैंने कहा तीखी मिर्ची हो तुम,
वो होठों चूम कर बोली और अब?


अपने होठों से तेरा होठ गीला कर दूँ,
तू इजाजत दे तो इसे और रसीला कर दूँ.


लाल सुर्ख होठ और उन पर ये कातिल मुस्कान,
तू ही बता ये दिल मरता न तो क्या करता.
Lips Shayari


तुम पास हो तो जिन्दगी में क्या गम है,
ऐ हुश्न की परी तेरे होंठो में नशा क्या कम है.


न आए लब पे तो काग़ज़ पे लिख दिया जाए
किसी ख़याल को मायूस क्यों किया जाए
– अक़ील नोमानी


हद से ज्यादा तेरे करीब आने को जी चाहता है,
तेरे होठो को होठो से छूने को दिल चाहता है.
Lips Shayari


लबों के जाम में मिठास तो होती है,
कभी लेकर देखों कुछ बात तो होती है.


गुलाब भी बेरंग हो गया शर्मा कर,
देखी जो रंगत लब-ए-दिलदार की.


लब उनके हमारे लबों से कुछ यूँ टकरायें,
कल तलक गमगीन रहने वाले हम आज
खिलखिलाये और खुल कर शरमायें.


Hothon Par Shayari

उसे पसंद थी आँखे मेरी मुझको उसके लब,
फिर भी झगड़ा करते रहते, मिलते थे हम जब.


फीकी चाय का हम कुछ यूँ लुत्फ़ उठाते है,
उसके लबों को छूकर हम मिठास को बढ़ाते है.


वो लबों को चूम ले तो मैं इश्क का जबाब हूँ,
वरना इक मुरझाया हुआ गुलाब हूँ.


इश्क़ से उसको जो छू लो तो महक जाती है,
बाहों में अपनी जो लू तो बहक जाती है,
वो उसका जिस्म है जैसे कि आग का दरिया
अपने होठों से जो चूमूं तो दहक जाती है.


तेरे लबों की कशिश कुछ यूँ छाई है दिल पे हमारे,
कि अब बिन छुए ना चैन आयें लबों को तुम्हारे.


दूर बैठ कर भी मुझको वो सताने लगती है,
जब वो दाँतों के बीच अपने होठ दबाने लगती है.


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