Karma Quotes in Hindi | कर्म पर अनमोल विचार

Karma Quotes in Hindi

Karma Quotes in Hindi ( Karm Par Anamol Vichaar ) – कर्म के बिना जीवन अर्थहीन होती हैं इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कर्म करते हुए, फल प्राप्ति की इच्छा रखनी चाहिए. कर्म ही मनुष्य को सफलता, सम्मान, यश और कीर्ति प्रदान करता हैं. इस पोस्ट में बेहतरीन कर्मा कोट्स, Karma Quotes, Best Karma Quotes, Karma Status for Whatsapp in Hindi आदि दिए हुए हैं. इन कोट्स को जरूर पढ़े.

कर्म पर अनमोल विचार | Priceless Quotes on Karma

जो कार्य जितनी श्रद्धा से किया जायेगा, उतना ही श्रेष्ठ होगा. – महात्मा बुद्ध

जो कर्म यज्ञ के लिए किये जाते हैं, उनके अलावा हुए कर्मों से बंधन उत्पन्न हो जाते हैं. – श्रीकृष्ण

काम करने से पहले सोचना बुद्धिमानी, काम करते हुए सोचना सतर्कता और काम करने के बाद सोचना मूर्खता है. – दयानन्द सरस्वती

कर्म करने पर ही तुम्हारा अधिकार है, फल में नहीं. तुम कर्मफल का कारण मत बनो और अपनी प्रवृति कर्म करने में रखो. – श्रीमद्भागवत गीता

काम करके कुछ उपार्जन करना शर्म की बात नहीं. दूसरों का मुंह ताकना शर्म की बात है. – प्रेमचन्द

कोई भी व्यक्ति किसी कार्य को सर्वोत्तम ढंग से करना चाहता है तो उसे अपनी सम्पूर्ण योग्यता पूरी सामर्थ्य उसमें लगा देनी चाहिए. – स्वेट मार्डेन

कर्म जीवन में आनंद देता है और दुःखो को भूलने का साधन बनता है. – स्वामी रामतीर्थ

जो सिर्फ काम की बात करते हैं, वे अवश्य सफल होते हैं. – डेल कार्नेगी

कर्म दुखो का कारण होते हैं, लेकिन इनके बिना सुख भी नहीं मिलता. – डिजरायली

कर्म के दर्पण में व्यक्तित्व का प्रतिबिंब झलकता है. – विनोबा भावे

कठोर श्रम की इच्छा एवं शक्ति का दूसरा नाम प्रतिभा है. – मैक ऑर्थर

कर्मफल का त्याग ही सच्चा त्याग है. यही मुक्ति है. – भगवान कृष्णा

किया हुआ पुरूषार्थ भाग्य का निर्माण करता है. साक्षात ईश्वर भी पुरूषार्थहीन व्यक्ति को कुछ देने के अधिकारी नही होते. – वेदव्यास

कार्य आरम्भ न करने से उद्देश्य सिद्ध नहीं होता, परन्तु पुरूषार्थ करने से भी जिनके कार्य सिद्ध न हो, वे भाग्य के मारे होते हैं. – वेदव्यास

कर्म के द्वारा मौन रहते हुए चींटी से अच्छा उपदेश कोई दूसरा नहीं देता. – डॉ. राधाकृष्णन

कर्म करने से पहले यह तय कर लेना चाहिए कि उससे पछतावा होगा या प्रसन्नता प्राप्त होगी. – भगवान बुद्ध

कर्मयोगी भाग्य का निर्माण स्वयं करते है. कर्महीन ही भाग्य को कोसते हैं. – अज्ञात

कर्म ही धर्म का दर्शन है. समय-समय पर पुरातन दर्शन की नये संदर्भ में समय के अनुसार बुद्धिमत्तापूर्ण व्याख्या की आवश्यकता होती है. बुद्धिमान व्यक्ति. पैगम्बर और ऋषि, जनसाधारण को पुरातन दर्शन को वर्तमान सन्दर्भ में ही अपनाने का परामर्श देते हैं. – स्वामी विवेकानंद

काम करने वाला मरने से कुछ घंटे पूर्व ही बूढ़ा होता है. – वृन्दावनलाल वर्मा

कर्म से आदमी ऊँचा नीचा होता है. प्रभु सबको उसके कर्मफल से ऊँचा पद व मान मर्यादा देते हैं. – वेद व्यास

क्या हुआ कर्म और बोया हुआ बीज उचित समय लेता ही है. – मनुस्मृति

कर्म की मुक्ति आनन्द में एवं आनन्द की मुक्ति कर्म में है. – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

उत्तम पुरूषों की यह रीति है कि वे किसी भी कार्य को अधूरा नहीं छोड़ते. – गुरू नानकदेव

अच्छे कामों की सिद्धि में बड़ी देर लगती हैं, पर बुरे कामों की सिद्धि में यह बात नहीं होती. – प्रेमचंद

अधूरा काम और अपराजित शत्रु दोनों ही बुझी चिंगारी के समान है. – चाणक्य

इस संसार में वही जीवित है जिसने यश एवं कीर्ति के कर्म किये. – अज्ञात

आत्मा जिस कार्य को करने में सहमत न हो, उस कार्य को करने में शीघ्रता न करो. – मुनि गणेश

इस पृथ्वी पर साधन करने से सभी काम सफल होते हैं. – अज्ञात

अपने से हो सके, वह काम दुसरे से नहीं करवाना चाहिए. – महात्मा गांधी

अपने कार्य को पूरा करो और खरे बनकर पेट भरो. बलवान, क्रियाशील, कर्त्यव्यपरायण, ईमानदार और मेहनती व्यक्तियों को ही जीवन का सर्वोच्च आनंद प्राप्त होता है. – ऋग्वेद

मनुष्य जब असाधारण कार्य कर दिखाता है, वह यश का कारण बन जाता हैं. – कालिदास