एग्जाम शायरी | Exam Shayari

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिये,
Exam में अपनी नियत साफ़ रखिये.


रात भर पढ़ाई कर आँख कितनी दर्द सहता हैं,
मगर Exam में पेन रूक-रूक कर चलता हैं.


Fire को आग कहते हैं,
Cobra को नाग कहते हैं,
Garden को बाग़ कहते हैं,
और “Exam” के समय जो काम ना आये
उसे स्टूडेंट का “Dimag” कहते हैं.


Exam में मैंने भी बदल दिए अपने उसूल,
जो अपनी कॉपी दिखायेगा वही मेरा देख पायेगा.


समंदर जितना सिलेबस है,
नदी जितना पढ़ पाते हैं,
बाल्टी जितना याद रख पाते हैं,
गिलास जितना लिख पाते हैं,
और चुल्लू भर नंबर आते हैं.


इस Exam का सितम देता हैं बहुत पीड़ा,
अच्छे-अच्छे को बना देता हैं किताबी कीड़ा.


मत छीनो इन बच्चों से Mobile
ये अकेले रहने से डरते हैं,
ले लो Exam भी WhatsApp से
क्योकि ये ही वो चीज है जो ये मन लगाकर पढ़ते हैं.


इतना सुकून कही नहीं मिलता हैं,
जितना एग्जाम में लम्बे उत्तर लिखने के बाद मिलता है.