Enemy Quotes in Hindi | शत्रु पर अनमोल विचार

Enemy Quotes in Hindi

Enemy Quotes in Hindi – हर व्यक्ति के जीवन में मित्र और शत्रु होते हैं. मित्र जीवन को खुशहाल बनाते हैं और शत्रु हमारे जीवन में दुखों को बढ़ाते हैं. इस पोस्ट में शत्रु पर बेहतरीन कोट्स दिए हुए हैं. इनको जरूर पढ़े और शेयर करें.

Enemy Quotes in Hindi | बेस्ट एनिमी कोट्स

आप अपने सोच को इतना बड़ा कीजिये ताकि आपका किसी से शत्रुता या वैर न हो, यह सोच आपके सफलता, विकास और लक्ष्य प्राप्ति में अति महत्वपूर्ण होगा और आप शीघ्र ही तरक्की करेंगे.

बड़ी सोच वाले लोग अपने शत्रुओं को अपनी सफलता से पराजित करते हैं.

शत्रुता या वैर की आग अक्सर इस हद तक बढ़ जाती हैं कि एक पक्ष को जलाकर पूरी तरह राख किये बिना शांत नहीं होती हैं.

जो व्यक्ति आलस्य रुपी शत्रु से हार मान गया वह अपने जीवन में कभी भी तरक्की नहीं कर सकता हैं.

व्यक्ति अपने आचरण और व्यवहार के कारण ही किसी का शत्रु या मित्र बनता हैं. अच्छे आचरण और व्यवहार मित्र बनाते हैं और बुरे आचरण और व्यवहार शत्रु को बढ़ाते हैं.

वह माता-पिता अपने बच्चें के लिए शत्रु समान हैं जो अपनी यथा शक्ति अपने बच्चे को शिक्षित नहीं बनाते हैं.

ऐसे शत्रुओं से सावधान रहिये जो शत्रुता होने के बावजूद भी आपसे मेलजोल बढ़ाता हो या बढ़ाना चाहता हो.

ऐसे व्यक्ति के बहुत कम शत्रु होते हैं जो अपनी जिभ्वा पर नियन्त्रण रखता हैं.

क्या आपके पास सौ मित्र हैं? – यह अधिक नहीं हैं. क्या आपके पास एक शत्रु हैं? – यह बहुत अधिक हैं.

केवल मूर्ख या बुद्धिहीन व्यक्ति ही अपने शत्रुओं को छोटा या कम ताकतवर मानता हैं.

मित्र बनकर घात करने वाले शत्रु सबसे ज्यादा और गहरा जख्म देते हैं.

अपनी वाणी में इतनी मधुरता जरूर रखे ताकि कोई आपका शत्रु न बनें.

अगर कड़वा बोलने से किसी का भला होता है तो बोल दो. ऐसा हो सकता है कि वह कुछ समय के लिए आपको अपना शत्रु समझे पर हकीकत समझ में आने के बाद वह आपको अपना सबसे अच्छा मित्र मानेगा.

कर्ज, मर्ज और शत्रु को कभी कम न समझे जबतक ये पूरी तरह समाप्त न हो जाएँ.

मन को अपने नियन्त्रण में रखो वरना बर्बाद करने के लिए दुश्मनों की जरूरत नहीं पड़ेगी.

तुम्हें जिसने दुःख दिया, या तो वह तुमसे ताकतवर था या कमजोर – अगर वह कमजोर था, तो माफ़ कर दो; अगर वह ताकतवर है तो सब्र करों.

जरूरत पड़ने पर शत्रुओं की भी मदत कर दें पर उन्हें कभी अपना मित्र न बनाएं.

हर व्यक्ति के अंदर सबसे शक्तिशाली शत्रु “क्रोध” रहता हैं जो आपके जीवन को समाप्त कर सकता हैं. इससे सावधान रहे और इसे नियन्त्रण में रखें.

व्यक्ति अपने भीतर और बाहर दोनों प्रकार के शत्रुओं को शिक्षा रुपी हथियार से पूरी तरह समाप्त कर सकता हैं.

ऐसे शत्रु सबसे खतरनाक होते हैं जिनसे पहले मित्रता रही हो.

अहंकार रुपी शत्रु को अपने अंदर मत पलने दीजिये अन्यथा यह आपका सर्वस्व नाश कर देगा.

किसी शत्रु को पराजित करने का सबसे आसान तरीका यह है कि आपस उससे अधिक सफल होकर दिखायें.

ऐसे लोग जीवन में कभी भी सफलता नहीं प्राप्त कर पाते हैं जो अपने भाई-बन्धुओं को ही अपना शत्रु मान लेते है या बना लेते हैं.

व्यक्ति की कमजोरी शत्रु को पैदा करती हैं और व्यक्ति की ताकत मित्र को पैदा करती हैं.

सत्य और कड़वा बोलने वालों को कभी भी अपना शत्रु न समझे. वास्तव में यहीं आप के सच्चे मित्र हैं.

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