आहार पर सुविचार | Diet Quotes in Hindi

Diet Quotes Thoughts Sayings Image Photo in Hindi – इस आर्टिकल में आहार पर सुविचार अनमोल वचन दिए हुए है. इन्हें जरूर पढ़े.

संतुलित आहार शरीर को ऊर्जावान बनाने वाला ईंधन है. लेकिन असंतुलित आहार इंसान को बीमार भी कर देता है. आज के दौर में बदलते जीवन शैली और खान-पान धीरे-धीरे एक बड़ी समस्या बनती जा रही है. बाहर का खाना खाने का मतलब है कि आप बीमारी को न्यौता दे रहे है. इसलिए घर का खाना खाएं और संतुलित आहार ले ताकि आप लम्बें समय तक स्वस्थ्य और फिट रहें।

Diet Quotes in Hindi

अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने
का एकमात्र तरीका यह है कि
आप जो नहीं चाहते हैं उसे खाएं,
जो आपको पसंद नहीं है उसे पीएं
और वह करें जो आप नहीं करना चाहते हैं।
मार्क ट्वेन


सबसे आसान आहार है, आप जानते हैं,
सब्जियां खाएं, ताजा खाना खाएं।
बस वास्तव में एक समझदार स्वस्थ आहार
जैसा कि आप हर समय पढ़ते हैं।
ड्रू केरी


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सामान्य तौर पर, मानव जाति,
पाक कला में सुधार के बाद से,
प्रकृति की आवश्यकता से
दोगुना खाती है।
बेंजामिन फ्रैंकलिन


वजन कम करने का कोई
त्वरित या जादुई तरीका नहीं है।
आपको बस इसे प्राकृतिक तरीके से करना है –
आहार और व्यायाम और उस पर टिके रहना है –
और इसे अपनी गति से करने में सक्षम होना है।
जोर्डिन स्पार्क्स


मेरा आहार प्रोटीन से भरपूर है,
जो मुझे ऊर्जावान और तरोताजा रखता है।
करन पटेल


डाइट कोट्स इन हिंदी

स्वास्थ्यवर्धक डाइट (आहार) लेने से
कम होता है अवसाद और तनाव। इसके
साथ-साथ व्यायाम करना काफी
फ़ायदेमन्द होता है.


वजन घटाने के लिए ऐसे आहार ले
जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो.
दूध, दही, पनीर और मछली को अपने
आहार में शामिल करें।


मोटापा एक वैश्विक समस्या है,
इसलिए अपने बच्चों को घर का
ताजा खाना खाने के लिए प्रोत्साहित करें
ताकि भविष्य में उन्हें डाइटिंग ना करना पड़े.


हमारे आहार का हमारे शरीर और
स्वास्थ्य पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।


संगत में शुद्ध विचार और
पंगत में शुद्ध आहार न हो,
तो त्याग देने में ही
बुद्धिमानी है.


आहार पर सुविचार

आपकी सफलता इस बात पर भी
निर्भर करती है कि आप अपने दिमाग
और शरीर को दिन भर किस तरह का
आहार देते है और खुद से किस प्रकार
का काम लेते है.


योग और व्यायाम के माध्याम से
अपने आहार, अपने विचार, अपनी वाणी,
अपने व्यवहार, अपने अभ्यास, अपने स्वभाव,
अपनी प्रकृति को निरंतर हमें सात्विक बनाना है.


आहार से विचार का निर्माण होता है,
विचार से व्यवहार का निर्माण होता है,
व्यवहार ही जीवन की दशा और दिशा
तय करने में सक्षम होते है.


जो प्रकृति के करीब रहते है,
उनका आहार संतुलित होता है,
जो प्रकृति से दूर होते है
वो कितना भी अपने आहार को
संतुलित कर ले मगर असंतुलित
हो ही जाता है.


कोई आहार में विष घोल दे
तो उसका उपचार सम्भव है,
किन्तु कोई विचार में विष घोल दे
तो उसका उपचार असम्भव है.


जब मैं डाइटिंग के लिए सोचती हूँ
माँ आलू के पराठे बनाकर कसम से,
मेरा पूरा मूड ही बदल देती है.


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