Demerit Quotes in Hindi | अवगुण पर अनमोल विचार

Demerit Avagun Quotes in Hindi

Demerit Quotes in Hindi ( Avagun Par Anamol Vichaar ) – इस पोस्ट में “अवगुण ( Demerit )” पर बेहतरीन कोट्स दिए हुए हैं. इन कोट्स को जरूर पढ़े.

Demerit Quotes | अवगुण पर बेहतरीन विचार

जो मानव अपने अवगुण और दूसरों के गुण देखता है, वही महान मानव बन जाता हैं. – सुकरात

जहां बहुत से गुण हो वहां यदि एक आध अवगुण भी आ जाए, तो उसका वैसे ही पता नहीं चल पाता जैसे चंद्रमा की किरणों में उसका कलंक. – कालिदास

जो मनुष्य धनवान बनना चाहता हो, उसे चाहिए कि निद्रा, तन्द्रा, भय, क्रोध, आलस्य और ढिलाई इन छः दोषों को त्याग दें. – नारायण पंडित

अँधा वह नहीं हैं जिसकी आँखे जाती रहीं, अपितु अंधा वह है जो अपनी कमियों को छिपाता है. – महात्मा गांधी

अपने दोषों को परखे बिना दूसरों पर दोष लगाना व्यर्थ है. – बाइबिल

अवगुण नाव की पेंदी में छेद के समान हैं, जो चाहे छोटा हो या बड़ा एक इन डुबो ही देगा. – चाणक्य

अपनी बुराई को अपने से पहले मर जाने दो. – फ्रैंकलिन

जिसमें करूणा नहीं, उसमें सद्गुण नहीं. – हजरत मुहम्मद

जो तेरे सामने औरों की निंदा करता है, वह औरों के सामने तेरी निंदा करेगा. – शेख सादी

दूसरों में त्रुटियां ढूंढने की ख़तरनाक आदत रखने वाला शख्स अपने दिल की प्रसन्नता को वैसे ही नष्ट कर देता हैं, जैसे फूल पर बैठा कीड़ा उसकी पंखुड़ियों को चबा कर करता है. – स्वेट मार्डेन

पराये धन की चोरी, परस्त्री के साथ संसर्ग और अच्छे लोगों पर शंका. यदि यह तीन दोष आपमें हैं तो आप विनाश को दावत दे रहे हैं. – राजा ठाकुर

भला बनने के लिए प्रतिवर्ष एक बुराई को त्यागते रहिये. – सुकरात

बुढ़ापा रूप को, आशा धैर्य को, मृत्यु प्राण को, आलस्य धर्मचर्या को, क्रोध कीर्ति को, काम लज्जा को और अभिमान सब को हराता हैं. – विदुर नीति

मर्यादा रखना चाहते हो तो गालियां देने का कार्य कायरों के लिए छोड़ दो. – सरदार पटेल

स्वार्थ जितना अधिक होता चला जायेया उतना ही दुःख, कष्ट, पीड़ा, विषाद और खौफ़ उत्पन्न करता चला जाएगा. – अज्ञात

स्वार्थ ही पाप हैं, नीचता ही दुर्गुण है, घृणा ही अपराध है. – महर्षि अरविन्द

मनुष्य बूढ़ा हो जाता हैं, परन्तु लोभ कभी बूढ़ा नहीं होता. वह बूढ़े में भी जवान बना रहता हैं. – सुदर्शन

लोभी मनुष्य कार्य में दोषों को नहीं लोभ और लालच को देखता हैं. – वेदव्यास

निर्धनता पापों की माँ है और लोभ उसकी सबसे बड़ी सन्तान है. – जयशंकर प्रसाद

निंदा से तीन हत्याएं होती हैं. निंदा करने वाले की, जिसकी निंदा की गई है और निंदा सुनने वाले को भी. – रिचर्ड निक्सन

दूसरों के दोष कितने ही छिपे हुए क्यों न हो, लोग उन्हें ढूंढ निकालने में समर्थ हो जाते है. किन्तु अपने सोश चाह कितने ही समीप क्यों न हो, उन्हें नहीं देख पाते. – सुभाषित

जब तक मानव रहेगा, तब तक बुराई रहेगी. – रेसीटस

कुदरत को कमजोरी से घृणा है, कमजोर से नहीं. – महात्मा गाँधी

घृणा पाप से करो, पापी से नहीं. – महात्मा गांधी

जब मनुष्य आपने आप से घृणा करने लगता हैं, समझ लो उसका अंत आ गया है. – स्वामी विवेकानंद

कलह पर विजय पाने के लिए मौन से बड़ा कोई अस्त्र नहीं. – जिज्ञासु