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आनंदी गोपालराव जोशी – भारत की पहली डॉक्टर | Great Womens of Indian History

Anandi Gopalrao Joshi Biography in Hindi : The First Indian Woman Doctor – आनंदी गोपालराव जोशी की जीवनी महिलाओ के लिए एक बहुत ही प्रेरणादायक हैं, जिस जमाने में महिला शिक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल था उस समय इन्होने विदेश जाकर डॉक्टरी की डिग्री प्राप्त की जो अपने आप में एक मिसाल हैं. आनंदी गोपालराव जोशी भारत की प्रथम महिला डॉक्टर हैं. जब इन्होने विदेश जाकर पढ़ाई करने का निर्णय लिया तो इनकी काफ़ी आलोचना हुई थी कि एक शादीशुदा हिन्दू स्त्री विदेश में डॉक्टरी की पढ़ाई करेगी. आनंदीबाई ने आलोचनाओं की परवाह न करते हुए अपने दृढनिश्चय और आत्मविश्वास के बल पर वह करके दिखाया जो एक इतिहास रच दिया.

आनंदी गोपालराव जोशी की जीवनी | Anandi Gopalrao Joshi Biography

नाम – आनंदीबाई जोशी ( Anandibai Joshi )
शादी के बाद नाम – आनंदी गोपालराव जोशी ( Anandi Gopalrao Joshi )
जन्म – 31 मार्च, 1865
जन्म स्थान – कल्याण, बॉम्बे
डॉक्टरी की शिक्षा – विमेंस मेडिकल कॉलेज ऑफ़ पेनसिलवेनिया
पति – गोपालराव जोशी
मृत्यु – 26 फेब्रुअरी, 1887 (उम्र 21)
मृत्यु स्थान – पुणे, बॉम्बे

आनंदीबाई जोशी का जन्म 31 मार्च, 1865 को हुआ था. इनके परिवार कल्याण में जमींदार थे. 9 साल की उम्र में आनंदीबाई जोशी का विवाह गोपालराव जोशी से हुआ. गोपाल राव आनंदीबाई से 20 साल बड़े और विधुर थे. शादी के बाद, उनके पति ने आनंदीबाई जोशी का नाम बदल दिया और वो आनंदी गोपालराव जोशी के नाम से पहचानी जाने लगी.

14 वर्ष की उम्र में, आनंदीबाई ने एक लड़के को जन्म दिया, लेकिन बच्चा केवल दस दिनों के लिए ही जीवित रहा क्योकि बच्चे को बचाने के लिए आवश्यक चिकित्सा की सुविधा नहीं थी. यह स्थिति आनंदीबाई के जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और उन्हें एक चिकित्सक बनने के लिए प्रेरित किया.

मेडिकल करियर | Medical Career

गोपाल राव ने आनंदीबाई को एक चिकित्सक बनने के लिए प्रोत्साहित किया, उसी बीच आनंदीबाई का स्वास्थ भी कुछ अच्छा नहीं था. वह निरंतर कमजोर होती जा रही थी. कभी सरदर्द, कभी बुखार और सांस की वजह से पीड़ित थी. स्वास्थ ख़राब होने के बावजूद भी उन्होंने ने मेडिकल अध्ययन के लिए खुद को प्रोत्साहित रखा और अमेरिका जाने का फैसला किया. प्राप्त जानकारी और योग्य लोगो के सुझाव के बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज ऑफ़ पेन्सिलवेनिया से डॉक्टरी की डिग्री ली.

भारत लौटना और मृत्यु | Return to India and Death

आनंदीबाई जोशी जब डॉक्टरी की शिक्षा ग्रहण करके विदेश से भारत लौटी तो उनका भव्य स्वागत किया गया. भारत लौटने के साथ-साथ उनका स्वास्थ भी खराब होने लगा. 26 फरवरी 1887 को 22 वर्ष की अल्पायु में ही उनकी मृत्यु हो गयी.

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी आनंदीबाई जोशी के बारें में | other Important Facts about Anandibai Joshi

  1. 1888 में, अमेरिकी नारीवादी लेखक कैरोलिन वेल्स हेली डॉल (Caroline Wells Healey Dall ) ने आनंदीबाई जोशी की जीवनी लिखी थी.
  2. दूरदर्शन पर “आनंदी गोपाल” नामक कार्यक्रम आता था जो आनंदी गोपाल जोशी के जीवन पर ही आधारित था. कमलाकर सारंग द्वारा निर्देशित था.
  3. मराठी लेखक डॉ. अंजली कीर्तने ने डॉ. आनंदीबाई जोशी के जीवन के बारे में व्यापक जानकारी एकत्रित की और “डॉ” नामक एक मराठी पुस्तक लिखी हैं.
  4. महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ पर काम कर रह युवा महिलाओं के नाम पर एक फ़ेलोशिप की स्थापना की हैं.
  5. 31 मार्च, 2018 को, Google ने आनंदीबाई जोशी की 153 वीं जयंती के लिए Google डूडल के साथ सम्मानित किया.

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