नकारात्मक विचार क्यों आते हैं? | Why Negative Thoughts Come in Mind in Hindi

Why Negative Thoughts Come in Mind in Hindi

Why Negative Thoughts Come in Mind in Hindi – नकारात्मक विचारों का क्या कारण हैं? शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ हैं, अगर प्रतिशत निकाला जाए तो शिक्षित लोगों का प्रतिशत दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा हैं. जीवनयापन के लिए हर कोई कुछ न कुछ करने में सक्षम हैं फिर क्यों तनाव और नकारात्मक विचारों से घिरे हैं. सबसे ज्यादा तनाव और नकारात्मक विचारों से युवा घिरे हुए हैं. क्या ऐसा कारण हैं जिसकी वजह से हमारे दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं? आइयें उन्हें जानने का प्रयास करते हैं.

नकारात्मक सोच क्या है? | What is negative thinking?

जिन्दगी के किसी समस्या का समाधान ढूढ़ने के बजाय जो लोग किस्मत को कोसते हैं, साहस छोड़ देते हैं, हृदय से हार मान लेते है, डरते-घबराते है ऐसे लोग नकारात्मक सोच से घिरे होते हैं.

यकीन मानिये आप अपनी जिन्दगी में चाहें जितनी सफलता पा ले या चाहें जितने पैसे कमा ले लेकिन समस्याओं से छुटकारा नहीं पाया जा सकता हैं वो किसी न किसी रूप में हमेशा रहेंगी. इसलिए परेशान होने के बजाय उनका समाधान ढूढ़ने का प्रयत्न करें. दुनिया में हर व्यक्ति को दुःख है, सकारात्मक सोच जिनके पास होता हैं वो दुःख से सुख के मोती निकाल ही लेते हैं.

यदि जीवन में बड़ा बनना है, जीवन में सफल होना है तो पहले आप ख़ुद को साधारण बनाएं.

नकारात्मक सोच के कारण | Reasons for Negative Thinking in Hindi

कितनी भी शिक्षा प्राप्त कर ले या कितना भी ज्ञान प्राप्त कर ले लेकिन स्वयं को समझना बड़ा ही कठिन होता हैं ऐसे बहुत कम ही लोग होंगे जो ख़ुद को कुछ प्रतिशत समझते हैं और अपने मनोभावों और कार्यों में समानता रख पाते हैं.

Positive Thoughts in Hindi

जब तक आप कोई काम नहीं कर लेते हैं तब तक असंभव ही लगता हैं.

1 – आदत | Habit

हमारी बहुत सी ऐसी गलत आदतें होती हैं जिनकी वजह से हम नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं जैसे मदिरापान करना, धूम्रपान करना, गलत लोगों की संगति करना, झूठ बोलना, दिखावा करना आदि ऐसी आदतें है जो नकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं. आइयें इन्हें उदाहरण के द्वारा समझने का प्रयास करते है.

  • मदिरापान करना – मेरा इन दोस्त है जो अक्सर पीता हैं और इतना पीता हैं कि अक्सर उसके मोबाइल और पर्स के पैसे कई बार गायब हो चुके हैं. वो जिन पैसों को कमाता हैं सिर्फ़ एक बुरी आदत की वजह से बर्बाद कर देता हैं. अभी हाल में उसका एक्सीडेंट हुआ और वो मरते-मरते बचा और उसकी इलाज में करीब 10 लाख रूपये लगे. अब वो कर्जें में है और दुखी भी हैं. शायद अब वो कभी शराब न पीयें.
  • गलत लोगों की संगति करना – यह भी मेरे एक दोस्त के साथ हुई घटना हैं. इसमें मेरे दोस्त की दोस्ती ऐसे लोगों से हो जाती हैं जो कार से चलते हैं और बढ़िया होटल में खाते हैं. उसे भी अपने साथ कई बार ले जाते हैं. खिलाते हैं और घुमाते हैं. ऐसे ही ये सिल-सिला करीब 3 महीने तक चला. फिर एक दिन उनका दोस्त बोला कि मेट्रों में नौकरी निकली है जिसमें मैं किसी का भी लगवा सकता हूँ और तुम्हारे पास ऐसे लडके हो जिन्हें नौकरी करनी हो तो बताना. इसके लिए सिर्फ़ 3 लाख देने होंगे. बेरोजगारी इतनी है कि कोई रोजगार दिलाने की बात करें तो हम आँख मूँद कर मान लेते हैं. मेरे दोस्त ने अपने जानने वाले और रिश्तेदारों से 9 लाख रूपये दिलवाएं 3 लोगों की नौकरी के लिए और नौकरी किसी को नहीं मिली. मेरा दोस्त आज भी पैसे निकालने के लिए चक्कर काट रहा हैं.
  • दिखावा करना – दिखावा का मतलब ब्रांड और ब्रांड का मतलब पैसा होता हैं. दिखावे के चक्कर में लोग अपनी औकात से ज्यादा महंगी चीजे खरीदते हैं और उनके खराब हो जाने, टूट जाने, खो जाने आदि से नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं.

बुराई कितनी भी ताकतवर हो लेकिन अच्छाई की जीत होती हैं यदि आप कुछ अच्छा करने की सोच रहे हैं तो आपकी जीत निश्चित ही होगी.

2 – समय की बर्बादी | Wastage of Time

समय की बर्बादी भी नकारात्मक विचारों को जन्म देती हैं. भारतीय शास्त्रों में बताया गया है कि 0-25 वर्ष की आयु में बालक को शिक्षा ग्रहण करना चाहिए और ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना चाहिये. यदि आप इसका अनुसरण करें तो इसकी गारंटी है कि आप के मन में नकारात्मक विचार नहीं आयेंगे. शिक्षा ही आपके जीवन को निर्धारण करता हैं कि आप क्या सोचेंगे यदि शिक्षा अच्छी होती तो आप अच्छा ही सोचेंगे और आपके जीवन में अच्छा ही होगा.

चाहे इस बात को हम माने या न माने परन्तु 70% लड़के अपने समय को गर्लफ्रेंड बनाने में, लड़कियों से बात करने, लड़कियों के बारे में सोचने में, गलत चलचित्र (विडियो या फिल्म) देखने में अपना समय बर्बाद कर देते हैं.

ऐ दोस्त, समय को मत बर्बाद करना वरना एक दिन समय तुम्हें बर्बाद कर देगा.

3 – माता-पिता का बच्चों पर दबाव | Parents Pressure on Children

आजकल बहुत से ऐसे बच्चे हैं जो इसलिए नकारात्मक विचारों से घिर जाते हैं क्योंकि उनके माता-पिता का अपने बच्चों पर दबाव होता हैं. वो चाहते हैं कि जितना वे सफल है उतना ही या उससे अधिक उनका बच्चा सफल हो. ऐसा सोचना अच्छी बात हैं लेकिन अपने बच्चे की खुशियों और क्षमता का आकलन जरूर करें. कि जो आप करने के लिए कह रहे हैं, उस कार्य को करने में आपके बच्चे की रुचि हैं. क्या उसकी क्षमता हैं कि वह उस कार्य को कर सकता हैं? “बच्चों पर अपने सपनों का बोझ ने डालें, उन्हें उनके सपने देखने दे यकीन मानिए वो अपने जीवन में जरूर सफल होंगे.

मैदान का हारा हुआ व्यक्ति तो जीत सकता है लेकिन मन से हारा हुआ व्यक्ति कभी नहीं जीत सकता.

4- गलत जानकारी | Wrong Information

यूट्यूब का नाम तो आप ने सुना होगा जहाँ हर कोई लाखों और करोड़ों कमाने के टिप्स दे रहा हैं परन्तु खुद वो कार्य नही कर रहा हैं. क्या बात है कितने समाज सेवी लोग यूट्यूब पर आ रहे हैं. ऐसे लोग आम जिन्दगी में भी मिलते हैं. जो कुछ नहीं करते हैं लेकिन लाखों कमाते हैं. बहुत से लोग इनकी बातों को सुनकर सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि मैं जीवन में असफल हूँ और मुझे सफल होने के लिए व्यवसाय करना चाहिए और जैसे ही वो व्यवसाय शुरू करते हैं कुछ ही सालों में हकीकत पता चल जाता हैं कि बाजार में कितना झूठ फैलाया जाता हैं.

खुद को काबिल बनाइयें, आपको कामयाबी निश्चित ही मिलेगी.” कोई रातों रात अमीर नहीं बनता हैं जैसे कि आपके कुछ दोस्त आपको बताते होंगे या यूट्यूब पर ऐसे विडियो देखने को मिलते होंगे. हर कामयाबी के पीछे काबलियत और कड़ी मेहनत छिपी होती हैं. यदि गलत जानकारी के साथ जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे तो आप असफल और नकारात्मक विचारों से घिर जायेंगे.

नकारात्मक सोच के और भी कई अन्य कारण हो सकते हैं शायद जो आप जानते हो… हमसे जरूर शेयर करें.

नकारात्मक विचारों को कैसे रोकें | How to Stop Negative Thoughts in Hindi

नकारात्मक विचारों ( Negative Thoughts ) को रोकने के बहुत से तरीके आपको मिलेंगे परन्तु सम्भवतः उनका अनुकरण करने से आपको उतना लाभ न मिले. ये उपाय करें.

किसी कमरें में एकांत में बैठ जाएँ और कुछ देर के लिए 5-10 मिनट ध्यान लगायें और मन को शांत कर ल और स्वयं से पूछे आप दुखी क्यों हैं और इसका उपाय क्या हैं? यकीन मानिए आपसे बेहतर उपाय कोई नहीं आपको बता सकता हैं. यहीं से शुरूआत होगी आपके सकारात्मक सोचने की.

नोट – अपने विचारों को हमसे जरूर शेयर करें.