मृदा कार्ड स्वास्थ्य दिवस | Soil Health Card Day Shayari Status Quotes

Soil Health Card Day Shayari Status Quotes Slogan Poster Image Photo in Hindi – इस आर्टिकल में मृदा कार्ड स्वास्थ्य दिवस की पूरी जानकारी और शायरी स्टेटस कोट्स दिए हुए है.

हर साल 19 फरवरी को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिवस मनाया जाता है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 फरवरी 2015 को राजस्थान के सूरतगढ़ में मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) योजना शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य हर दो साल में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करना है ताकि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए एक आधार प्रदान किया जा सके। यह योजना पैदावार में वृद्धि करके किसानों को अतिरिक्त आय सुनिश्चित करती है और यह स्थायी खेती को भी बढ़ावा देती है।

यह योजना देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने में राज्य सरकारों की सहायता के लिए शुरू की गई है। यह किसानों को उनकी मिट्टी के पोषक तत्वों की स्थिति के साथ-साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और उसकी उर्वरता में सुधार के लिए पोषक तत्वों की उचित खुराक पर सिफारिशों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

Soil Health Card Day Shayari in Hindi

Soil Health Card Day Shayari in Hindi
Soil Health Card Day Shayari in Hindi | सॉइल हेल्थ कार्ड डे शायरी इन हिंदी | मृदा कार्ड स्वास्थ्य दिवस शायरी

मृदा स्वास्थ्य कार्ड के द्वारा
मिट्टी के पोषक तत्वों की कमी को दूर करें,
कृषि आय को बढ़ाने के लिए
किसान शिक्षित बने और प्रयास भरपूर करें।
Soil Health Card Day 2022


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मेरे देश की धरती सोना उगले,
उगले हीरे मोती, मेरे देश की धरती…
यह गीत तभी सच होगा जब देश
की माटी की उर्वराशक्ति बढ़ाई जायेगी
और किसानों की आय बढ़ाई जायेगी।
Soil Health Card Day 2022


Soil Health Card Day Status in Hindi

जैसा आप बोते हैं वैसा ही काटते हैं,
बोने के लिए भी उर्वरी मिट्टी जरूरी है.
मृदा कार्ड स्वास्थ्य दिवस 2022


Soil Health Card Day Quotes in Hindi

खेतों में देसी उर्वरक का प्रयोग करें,
जो मिट्टी को ज्यादा पोषक तत्व देगा
और उसमें पैदा होने वाला अनाज
आपको अच्छा स्वास्थ्य देगा।


क्या कारण है कि एक किसान अपने बेटे को किसान नहीं बनाना चाहता है. क्योंकि कृषि में मेहनत ज्यादा है और आय कम. जो छात्र कृषि की पढ़ाई करते है वो भी खेती करने के बारें में नहीं सोचते है क्योंकि उनके दिमाग में यह पहले से बैठा दिया गया है कि किसान गरीब ही होता है. ज्यादातर किसानों में जागरूकता की कमी होती है. इसलिए सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते है.

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