Ruthna Shayari | रूठना शायरी

Ruthna Shayari

Ruthna Shayari in Hindi – जब हम बचपन में रूठते हैं तो जल्दी मान जाते हैं. परन्तु जैसे जैसे बड़े होते हैं वैसे-वैसे हमारी समझ को न जाने क्या हो जाता है कि हम किसी से रूठ जाएँ तो मानने का नाम नहीं लेते हैं. इस दुनिया में सबसे ज्यादा लोग अपनों से रूठते हैं. इस पोस्ट में बेहतरीन रूठना शायरी आदि दिए हुए हैं. इस पोस्ट को जरूर पढ़े.

तेरा रूठना शायरी | Tera Ruthna Shayari

रूठने वालों को अब ये बताएं कौन,
वक़्त किसी के पास नहीं, मनाएं कौन.


जिन्दगी में जब गम का होता हैं सुरूर,
तब हर कोई अपना रूठता हैं जरूर.


इतनी मोहब्बत है तो रूठते क्यों हों,
इतना मनाने पर भी कुछ बोलते नहीं हो.


मुझे मेरा इश्क़ तब सच्चा लगता हैं,
जब रूठती हो तो कुछ अच्छा नहीं लगता हैं.


रूठना शायरी 2 लाइन | Ruthna Shayari 2 Lines

तुझे सिर्फ़ तेरा रूठना दिखता हैं,
क्या कभी मेरे दिल का टूटना भी दिखता हैं.


क्यों तू मुझे इस तरह से सताती हैं,
रूठने से तेरे नींद रातों में मुझे नहीं आती हैं.


रूठना मनाना शायरी इन हिंदी | Ruthna Manana Shayari in Hindi

रूठता हूँ और बिना मनायें मान जाता हूँ,
अपनों के पास वक़्त नहीं, ये जान जाता हूँ.


मेरी जान तुम रूठ जाओ चाहे जितनी बार,
बढ़ता ही जायेगा मेरे दिल में तेरे लिए प्यार.


अपने हुनर को आजमाता हूँ,
जब तुम रूठ जाती हो तो मनाता हूँ.


तेरा रूठना शायरी | Tera Roothna Shayari

तुम रूठी हो तो मनाने आया हूँ,
समझ सको तो इश्क़ जताने आया हूँ.


दिल टूट कर चूर हो जाता है,
जब कोई अपना रूठ कर दूर हो जाता हैं.

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