मक्का मदीना का इतिहास – Makka Madina History

Makka Madina History in Hindi (मक्का मदीना का इतिहास हिंदी में) – मक्का-मदीना मुस्लिमो के लिए जन्नत का दरवाजा माना जाता हैं. हर मुस्लिम अपने जीवन में कम से कम एक बार मक्का-मदीना जाने की इच्छा जरूर रखता हैं. यहाँ पहुँचने के लिए आर्थिक और शारीरिक सामर्थ्य का होना जरूरी हैं. पूरी दुनिया से हज ऐडा करने के लिए मुस्लिम मक्का में एकत्रित होते हैं.

मक्का (Makka)

मक्का इस्लाम का एक पवित्र शहर हैं जहाँ काबा तीर्थ और मस्जिद-अल-हरम (पवित्र या विशाल मस्जिद) स्थित हैं. मक्का हज तीर्थयात्रा, जो पाँच स्तंभों में से एक हैं इसलिए यह प्रसिद्ध हैं. प्रत्येक वर्ष लगभग 40 लाख हजयात्री पूरी दुनिया से मक्का आते हैं.

आधुनिक मक्का शहर साउदी अरब के मक्काह प्रान्त की राजधानी हैं और एतिहासिक हेजाज क्षेत्र में स्थित हैं. शहर की आबादी 29,00,000 (2012) के करीब हैं. यह समुंद्र तल से से 277 मीटर (910 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है. यहाँ की मुख्य भाषा अरबी हैं.

पैगम्बर मुहम्मद का जन्मस्थल

अंतिम नबी मुहम्मद साहब का जन्म 570 ई. में मक्का में हुआ. मुहम्मद साहब को 622 ई. के आसपास मक्का छोड़कर जाना पड़ा. मुसल्मान इस घटना को हिजरा कहते हैं यही से इस्लामी कैलेंडर हिजरी का आरम्भ हुआ.

मदीना (Madina)

मदीना का अर्थ ‘शहर‘ या ‘नगर‘ हैं, मदीनतुन-नबी का अर्थ नबी का शहर हैं. यह इस्लाम का दूसरा पवित्र शहर हैं. यहाँ पर इस्लामी पैगम्बर मुहम्मद की दफ़नगाह हैं और यह उनकी हिजरह (विस्थापित होने) के बाद उनके घर आने के कारण एतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण हैं. इस्लाम के आगमन से पहले, मदीना शहर यसरिब नाम से जाना जाता था. मदीना में इस्लाम के तीन सबसे पुराने मस्जिद अल नबवी (पैगंबर की मस्जिद), मस्जिद ए क़ुबा (इस्लाम के इतिहास में पहली मस्जिद) और मस्जिद अल क़िब्लतैन (वह मस्जिद जिस में दो क़िब्लओं की तरफ़ मुंह करके नमाज़ पढी गयी) उपस्थित है.

मक्का मदीना में केवल मुस्लिम ही प्रवेश कर सकते हैं, गैर मुस्लिम लोगो के लिए इसे प्रतिबंधित किया गया है.

काबा (Kaba)

Kaba
तवाफ़ काबा की सात बार परिक्रमा करने की रीत को कहते हैं

काबा मक्का, सऊदी अरब में स्थित एक घनाकार क्यूब के आकर की इमारत हैं यह इस्लाम का सबसे शुद्ध और पवित्र स्थान हैं. इसको इब्राहीम के समय में खुद इब्राहीम ने बनाया था. यह उस समय की बनी सबसे पुराना भवन हैं. इस भवन के आस -पास मस्जिद-अल-हरम हैं. नमाज करते समय मुसलमान अपना मुँह काबा के तरफ ही रखते हैं भले ही वह दुनिया की किसी और कोने में हो. हजयात्री तवाफ़ में काबे के चारो ओर सात चक्कर लगाते हैं.

Pavitr Kaba Ka Dwaar

पवित्र काबा का द्वार