आलस्य पर अनमोल विचार | Laziness Quotes in Hindi

Laziness Quotes in Hindi

Laziness Quotes in Hindi – आलस्य एक ऐसा अवगुण हैं जो व्यक्ति के सफ़लता में बाधक होता हैं, क्योंकि आलस्य के कारण व्यक्ति अपने जीवन का कीमती समय नष्ट कर देता है. बाद में, उस व्यक्ति पछतावा भी होता है लेकिन समय बीत जाने पर वापस नहीं आता हैं. आलस्य ही दरिद्रता का कारण हैं. आलस्य को अपने पास न आने दे. खुद को उत्साहित और प्रेरित रखिये.

इस पोस्ट में दी गयी बेहतरीन Lazy Quotes in Hindi में दिए हुए है. इन्हें जरूर पढ़े और आलसी दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें. ताकि वो अपने समय का सदुपयोग करे और जीवन को सफल बनाएं.

बेस्ट लाज़िनेस कोट्स | Best Laziness Quotes

आलसी व्यक्ति का न वर्तमान होता है और न ही भविष्य होता हैं. – चाणक्य

आलस्य में जीवन बिताना आत्महत्या के समान हैं. – सुकरात

व्यापार कष्टदायक हो सकता है लेकिन आलस्य नाशकारी हैं. – कहावत

जीवन और समय के महत्व को न समझने वाला अपना कीमती जीवन और समय आलस्य के कारण गवां देता हैं. – दुनियाहैगोल

आलस्य ईश्वर के दिए हुए हाथ-पैर का अपमान हैं. – अज्ञात

जब आप व्यस्त होते हैं तो सब कुछ आसान होता हैं लेकिन आलसी होने पर कुछ भी आसान नहीं होता हैं. – स्वामी विवेकानंद

कुछ व्यक्तियों में तत्परता से कुछ न करने की पूर्ण प्रतिभा होती हैं. – हैलीबर्टन

आलस्य मूर्खो का अवकाश दिवस हैं. – चैस्टर फील्ड

आलस्य के कारण व्यक्ति स्वयं का कितना नुक्सान करता हैं इसका ज्ञान उसे खुद नहीं होता हैं. – दुनियाहैगोल

आलस्य सब कार्यों को दुष्कर और परिश्रम सबको सरल कर देता हैं. – अज्ञात

आलस्य से ही दरिद्रता और परतन्त्रता मिलती हैं. – अज्ञात

आलस्य आपके लिए मृत्यु है और केवल उद्योग ही आपका जीवन है. – स्वामी रामतीर्थ

जो व्यक्ति आलस्य या प्रमाद में समय को नष्ट करते हैं, एक दिन समय उन्हें नष्ट कर देता हैं. – अज्ञात

आलस्य में दरिद्रता का वास हैं और परिश्रम में लक्ष्मी बसती हैं. – संत तिरूवल्लुवर

आलस्य वह रोग है जिसका रोगी कभी नहीं सम्भलता. – प्रेमचंद

आलस्य की रफ्तार इतनी धीमी है कि उसे दरिद्रता फौरन आ दबाती हैं. – अज्ञात

निर्वीय और आलसी मनुष्यों को कभी अप्राप्त वस्तुओं की प्राप्ति नहीं होती. – अश्वघोष

जैसे नदी बह जाती हैं और लौट कर नहीं आती, उसी तरह रात और दिन मनुष्य की आयु ले कर चले जाते हैं, फिर नहीं आते. – नीति सूत्र

आलस्य दरिद्रता का मूल हैं. – यजुर्वेद

सही दिनचर्या का न होना भी आलस्य को बढ़ावा देता हैं और धीरे-धीरे आलस्य दिनचर्या का हिस्सा लगने लगता हैं. – दुनियाहैगोल

हर व्यक्ति के पास करने के लिए कुछ न कुछ काम होता हैं लेकिन करने की नहीं सोचते इसलिए आलस्य हमारे ऊपर हावी होता हैं. – अज्ञात