बच्चों की इम्युनिटी कैसे बढ़ाये | How to Increase Immunity of Kids?

How to Increase Immunity of Kids in Hindi? – स्वस्थ्य शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होनी चाहिए। जो बच्चे बार-बार बीमार पड़ते है। वे शारीरिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से चिड़चिड़े हो जाते है। इसलिए छोटे बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल अच्छी तरह रखना चाहिए।

बच्चों के बीमार होने पर सबसे ज्यादा घबराहट होती है क्योंकि दो-ढाई वर्ष के बच्चे यह भी नहीं बता पाते है कि उन्हें क्या समस्या हैं? ऐसे में उनके साथ हमेशा रहना पड़ता है और उनका ख्याल रखना पड़ता है। बच्चों के बीमार होने से उनके स्वास्थ्य पर उसका काफी असर पड़ता है। इसलिए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होने चाहिए। आइयें जाने कैसे बच्चों में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाएं।

बच्चों की इम्युनिटी कैसे बढ़ाये | How to Increase Immunity of Kids in Hindi?

बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के निर्माण की जिम्मेदारी माता-पिता पर होती है। थोड़ी-सी सही जानकारी आपको कई परेशानियों और खर्चों से बचाएगी। घर में बच्चे स्वस्थ्य हो, माता-पिता के लिए इससे बड़ी ख़ुशी और क्या हो सकती है।

बच्चों का खानपान

ज्यादातर छोटे बच्चे दूध नहीं पीना चाहते है और खाना भी खाने में नखरे दिखाते है। बच्चों को दूध पिलाना और खाना खिलाना माता-पिता के लिए एक चुनौती होती है। कुछ लोग बच्चों को अपनी बात मनवाने के लिए चॉकलेट या चिप्स का लालच देते है ताकि जल्दी से वे दूध पी ले या खाना खा ले। धीरे-धीरे चॉकलेट और चिप्स खाना बच्चों की आदत पड़ जाती है। चॉकलेट, चिप्स, पैकट बंद या बाहर के बने खुले खाद्य पदार्थ बच्चों के रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते है। इसलिए घर का ताजा खाना खिलाये, दूध पिलाये ताकि बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी हो।

बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करें

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बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खेल-कूद का महत्वपूर्ण योगदान होता है। आजकल के बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर व्यतीत करते है। इसलिए जरूरी है कि माँ-बाप बच्चों को घर से बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे बच्चे के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी।

बच्चों को भरपूर नींद लेने दें

भरपूर नींद आना अच्छे स्वास्थ्य की निशानी होती है। रात में बच्चों को समय से खाना और दूध खिला-पिला दें ताकि वे समय पर सो जाएँ और भरपूर नींद ले। शारीरिक और मानसिक विकास में बच्चों के भरपूर नींद का विशेष महत्व होता है। अगर रात में बच्चे समय से सोते है तो सुबह समय से उठेंगे। यदि वे स्कूल जाते है तो उन्हें स्कूल में नींद नहीं आएगी और वे ऊर्जावान महसूस करेंगे। अच्छी नींद लेने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

बच्चों को बीमार से दूर रखे

घर के सदस्य हो या बाहर के बीमार व्यक्ति हो, तो उनसे बच्चों को दूर रखे। घर में किसी को जुकाम, खांसी, बुखार या कोई अन्य संक्रमण बीमारी है तो बच्चों को उनसे दूर रखे। स्वस्थ्य बच्चे को हॉस्पिटल ले जाने से बचे। क्योंकि कम उम्र में बच्चों की इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है। संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से उनके बीमार होने की संभावना ज्यादा रहती है।

साफ़-सफाई का विशेष ध्यान दें

बच्चे जहाँ रहते है और जहाँ खेलते है वहाँ के साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखे। अगर आप या आपके घर कोई मेहमान सफर करके बाहर से आता है तो बच्चे को छूने से पहले हाथ को अच्छी तरह साबुन से धुल लें। उसके बाद ही बच्चे के पास जाएँ। साफ़-सफाई पर थोड़ा-सा ध्यान देने से बच्चों से बीमारियाँ कोसो दूर रहती है।

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • बच्चों के बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह लेकर जल्द से जल्द दवा दें। इससे बच्चा जल्द ठीक हो जायेगा और स्वास्थ्य पर बीमारी का थोड़ा कम असर पड़ेगा।
  • बच्चों को हर स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ खाने के लिए प्रोत्साहित करें। ताकि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए हर प्रकार के पोषक तत्व मिल सके। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होगी।
  • बच्चों को उनकी भूख के अनुसार पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा खिलाये पिलायें। आलस्य के कारण एक ही बार में सब कुछ खाने के लिए बच्चे पर दबाव न डाले।
  • बंद पैकट और बाहर की चीजे कम से कम खिलाये। घर का बना ताजा खाना दें ताकि भरपूर पोषक तत्व मिले। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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