चिकन पॉक्स के लक्ष्ण, कारण, घरेलू इलाज | Chickenpox in Hindi

Chickenpox in Hindi

Chickenpox Type Symptoms Causes Prevention Treatment in Hindiचिकनपॉक्स (छोटी माता) एक वायरल इन्फेक्शन हैं. यह रोग हवा के माध्यम से फ़ैल सकता है या जिस व्यक्ति को चिकनपॉक्स हुआ है उस व्यकि के छाले से लार, बलगम, स्पर्श करने से हो सकता हैं. चिकनपॉक्स होने पर व्यक्ति के शरीर पर लाल रंग के छोटे-छोटे दाने निकलने लगते हैं. जब चिकनपॉक्स किसी व्यक्ति को हो जाता हैं तो इसे ठीक होने में दस से पन्द्रह दिन लग जाते हैं, लेकिन शरीर पर पड़े दाग ठीक होने में 6-8 महीने लग जाते हैं.

इस पोस्ट में Chickenpox से सम्बन्धित कुछ विन्दुओं के बारें में बात करेंगे.

  • चिकेनपॉक्स या छोटी माता क्या हैं? | What is Chickenpox or Chhoti Mata?
  • चिकेनपॉक्स कितने प्रकार के होते हैं? | How many types of Chickenpox are?
  • चिकनपॉक्स के लक्षण क्या हैं? | What are the Symptoms of Chicken Pox?
  • चिकनपॉक्स होने के क्या कारण हैं? | What are the reasons for Chicken Pox?
  • चिकनपॉक्स से बचाव कैसे करें? | How To Prevent Chickenpox?
  • चिकनपॉक्स का इलाज कैसे करें? | How to treat Chickenpox?

चिकेनपॉक्स या छोटी माता क्या हैं? | What is Chickenpox or Chhoti Mata?

चिकनपॉक्स (छोटी माता) वेरीसेल्ला जोस्टर वाइरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी है. शुरूआत में थकान, शरीर में दर्द या बुखार आदि होता हैं और शरीर पर कही-कही दाने दिखाई देते हैं, फिर 1-2 दिन में ये लाल रंग के दाने या फफोलें पूरे शरीर में फ़ैल जाते हैं. इस बीमारी में पूरे शरीर में खुजली करने का बहुत मन करता हैं.

चिकनपॉक्स के प्रकार | Types of Chickenpox

चिकनपॉक्स दो प्रकार के होते हैं. दोनों प्रकार के चिकनपॉक्स के लक्ष्ण, कारण, बचाव और इलाज एक समान होते हैं.

  • छोटी माता ( Smallpox ) – इसमें लाल दाने या फफोलें छोटे होते हैं और इनके दाग कुछ महीनों या सालों में चले जाते हैं . यह सामान्य रूप से ठीक भी हो जाता हैं.
  • बड़ी माता ( Bigpox ) – इसमें लाल दाने या फफोलें बड़े होते हैं और इनके दाग कभी भी नहीं जाते हैं. इसमें रोगी कुछ ज्यादा ही असहज महसूस करता हैं. यह कभी-कभी जान लेवा भी हो जाता हैं.

चिकनपॉक्स के लक्ष्ण | Chickenpox Symptoms in Hindi

Chickenpox संक्रमण वायरस के सम्पर्क में आने के 12-25 दिन बाद होता हैं, यह आम तौर पर 10-15 दिनों तक रहता हैं. चकत्ते या फफोलें के निशान को ठीक होने में कई महीने लग जाते हैं. चिकनपॉक्स होने के एक या दो दिन पहले कुछ इस प्रकार के लक्ष्ण दिखाई देते हैं.

  1. हल्का बुखार.
  2. कमर या सिर में तेज दर्द.
  3. भूख की कमी.
  4. सीने में जकड़न होना.
  5. अस्वस्थ महसूस करना.

शुरूआत में आपको इस प्रकार की छोटी-छोटी तकलीफे होंगी और शरीर पर कहीं-कहीं 2-4 लाल रंग के दाने दिखाई देंगे, जहाँ पर खुजलाने का मन करेगा. ये दाने झलके या फफोले के रूप में हो सकते हैं. यदि आप इसे फोड़ते या फूट जाता है तो इसमें से तरल पदार्थ निकलता हैं.

चिकनपॉक्स के कारण | Chickenpox Causes in Hindi

चिकनपॉक्स एक संक्रामक बीमारी हैं जो काफी जल्दी फैलता हैं. यह वायरस व्यक्ति के छीकनें, बलगम या फफोलें के तरल पदार्थ के सीधे सम्पर्क में आने से होता हैं. चिकनपॉक्स निम्न कारणों से होता हैं.

  • चिकनपॉक्स का टीका नही लगा है.
  • चिकनपॉक्स पहले नहीं हुआ हैं.
  • बच्चों के साथ रहते हो.
  • संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से.

यदि किसी को एक बार चिकनपॉक्स हो जाता है तो उसे दुबारा नहीं होता हैं. ऐसे अपवाद लोग ही होंगे जिन्हें दुबारा हुआ हो. यदि आपके चिकनपॉक्स का टीका लेने के बाद होता हैं तो यह ज्यादा गम्भीर नहीं होगा.

चिकनपॉक्स से बचाव | Prevention of Chickenpox in Hindi

चिकनपॉक्स संक्रमण बीमारी होने के कारण एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में बड़ी आसानी से फैलता हैं. ऐसा व्यक्ति जिसे चिकनपॉक्स कभी न हुआ हो या चिकनपॉक्स का टीका न लगवाया हो. उसे यह बीमारी होने की सम्भावना ज्यादा होती हैं. इससे बचने के लिए डॉक्टर की सलाह से चिकनपॉक्स का टीका जरूर लगवाएं. छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं को यह टीका जरूर लगवाना चाहिए. एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति भी इस बीमारी से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह से टीका लगवा सकता हैं.

यदि कोई व्यक्ति चिकनपॉक्स से संक्रमित है तो उसके सम्पर्क में आने से बचे क्योंकि प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने पर आपको हो सकता हैं. संक्रमित व्यक्त के लक्ष्ण विकसित होने के पहले भी संक्रमित व्यक्ति से वायरस फ़ैल सकता हैं.

चिकनपॉक्स का इलाज | Chickenpox Treatment in Hindi

चिकनपॉक्स की बीमारी का इलाज घरेलू तरीके से करें लेकिन डॉक्टर की भी सलाह जरूर ले ताकि कोई अन्य बीमारी या गम्भीर अवस्था में आपको को परेशानी न हो.

#1 – नीम के पत्तो पर सोना : चिकनपॉक्स होने पर हल्के सूती के कपड़े पहनने चाहिए और नीम की पत्तियों को विस्तर पर डालकर सोना चाहिए. इन पत्तियों के रस से आपको अच्छा अनुभव होता हैं और खुजली, दानों के ठीक होने में लाभ भी मिलता हैं.
#2 – नीम की पत्तियों के पानी से नहाना : नीम के पत्तो को पानी में उबालकर नहाने से चर्म रोग में लाभ मिलता हैं और चेचक के उपचार में सहायक होता हैं.
#3- नीम की पत्तियों का पेस्ट : नहाने के बाद नीम के पत्तियों के पेस्ट से चिकनपॉक्स के दाने पर लेप लगाना लाभदायक होता हैं. इससे त्वचा तरोताजा और स्वास्थवर्धक होता हैं.
#4 – डॉक्टर से परामर्श लेना – घरेलू उपचार के साथ-साथ डॉक्टर से भी परामर्श ले और उनसे आप खुलकर बात करे. अपनी हर तकलीफ को बताएं. चिकनपॉक्स में कुछ डॉक्टर दवा लेने की सलाह देते हैं तो आप उनकी सलाह से दवा ले सकते हैं. इस बीमारी को धर्म से भी जोड़ा जाता है और कई दवा लेने से इन्कार करते हैं. ऐसे लोगो के लिए डॉक्टर का सलाह जरूरी हैं.
#5 – साफ-सफ़ाई : चिकनपॉक्स की बीमारी में साफ-सफ़ाई का विशेष ध्यान रखे. इससे भी रोगी के स्वास्थ में सुधार होता हैं.

चिकनपॉक्स में परहेज | Food Avoid Duing Chickenpox in Hindi

  • दूध या दुग्ध उत्पाद, मांस-मछली, अंडा या कोई खाने में गरिष्ठ भोजन.
  • जंक फ़ूड
  • लाल मांस और तले हुए खाद्यय पदार्थ
  • संतरे के जूस और खट्टे फलों को खाने में न सेवन करना आदि.