Appreciation Quotes in Hindi | प्रशंसा पर अनमोल विचार

Appreciation Quotes in Hindi

Appreciation Quotes in Hindi – इस पोस्ट में प्रशंसा पर बेहतरीन अनमोल विचार ( Appreciation Quotes ) दिए हुए हैं. इन कोट्स को जरूर पढ़े और शेयर करें.

Best Appreciation Quotes | बेस्ट प्रशंसा कोट्स

प्रशंसा से बचो, यह आपके व्यक्तित्व की अच्छाईयों को घुन की तरह चाट जाती हैं. – चाणक्य

प्रत्येक व्यक्ति प्रशंसा चाहता हैं. – लिंकन

प्रशंसा कर्तव्यपरायणता के लिए बाध्य करती है, चापलूसी कर्तव्य विमुखता की ओर ले जाती हैं. – मिल्टन

प्रशंसा को वीरता के कार्यों की सुगंध ही समझिये. – सुकरात

प्रशंसा केवल भड़कीले वस्त्रों में लिपटा हुआ असत्य है. – अज्ञात

प्रशंसा विवेकी को नम्र बनाती है मूर्ख को अहंकारी और दुर्बल मन को मदहोश कर देती है. – फ़ैलथम

प्रशंसा खोजने वालो को वह नहीं मिलती. – खलील जिब्रान

प्रशंसा अच्छे गुणों की छाया है और गुणों की छाया के अनुसार योग्यता साबित करती है. – बेकन

ध्वनियों में सबसे मधुर है प्रशंसा की ध्वनि. – जिनेफोन

अपनी प्रशंसा सुनकर हम इतने मतवाले हो जाते है फिर हममें विवेक की शक्ति भी लुप्त हो जाती है. बड़े-से-बड़ा महात्मा भी अपनी प्रशंसा सुनकर फूल उठता है. – प्रेमचंद

जब कोई आदमी आपसे नसीहत चाहता है, तो वास्तव में आपकी प्रशंसा चाहता है. – चेस्टर फील्ड

जैसे चांदी की परख कुठाली पर और सोने की परख भट्टी में होती है, वैसे ही मनुष्य की परख लोगों के द्वारा की गई प्रशंसा से होती है. – नीतिवचन

सही प्रशंसा व्यक्ति का हौसला बढ़ाती है, अधिक प्रशंसा व्यक्ति को लापरवाह बनाती है. – दुनियाहैगोल

अपनी पुस्तकों की प्रशंसा करने वाला लेखक अपने बच्चों की प्रशंसा करने वाली माता के समान है. – डिजरायली

अगर तुमने मेरी प्रशंसा कम की होती तो मैं तुम्हारी अधिक करता. – लुई

प्रशंसा एक ऐसा जाल है, जिसमें तेज रफ्तार परिंदा खुद आकर फंस जाता है. – स्वामी अमरमुनि

प्रशंसा आपके व्यक्तित्व के मूल केंद्र पर चोट करती है, इससे आप जान सकते है कि आपके सामने बैठे व्यक्ति का मानसिक तथा आध्यात्मिक स्तर क्या है. – स्वामी अमरमुनि

प्रशंसा की तेज लहरों के बीच से उसे निकाल पाना आसान नहीं, जो आपको भुलावे में नही रखता, बल्कि आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है. – आचार्य मृत्युंजय

प्रशंसा अज्ञान की बेटी है. – फ्रैंकलिन

क्या तुम स्वयम अपनी प्रशंसा कर सकते हो? यदि हाँ, तो फिर कोई कितनी भी तुम्हारी निंदा करे, तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता. – वेदान्त तीर्थ