क्रोध पर बेहतरीन अनमोल विचार | Anger Quotes in Hindi

Anger Quotes in Hindi

Anger Quotes in Hindi – क्रोध मनुष्य के भीतर छिपा एक बहुत ही बड़ा अवगुण हैं जो नुकसान ही पहुँचाता हैं. जीवन में कुछ ऐसे समय भी आते है जब गुस्सा होना भी जरूरी होता हैं पर वह गुस्सा नियंत्रित होना चाहिए. क्रोध के कारण कई बार व्यक्ति अपने जीवन में सब कुछ खो देता हैं और कभी-कभी बहुत बड़ी गलती कर बैठता हैं, इसलिए आप अपने क्रोध को योग के द्वारा, मन को शांत रखकर नियंत्रित करने की कोशिश जरूर करें.

इस पोस्ट में क्रोध पर बेहतरीन कोट्स ( Anger Quotes in Hindi) दिए हुए हैं, इन कोट्स को जरूर पढ़े और फेसबुक, व्हाट्सऐप पर अपने दोस्तों के साथ शेयर करें.

बेस्ट एंगर कोट्स | Anger Quotes in Hindi

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं जो इस शत्रु को अपने नियंत्रण में रखता हैं उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती हैं.

क्रोध में लिए गये निर्णय से नुकसान होता हैं, ऐसे समय शांत रहने का प्रयास करें.

तुम अपने क्रोध के लिए दंड नही पाओगे, तुम अपने क्रोध के द्वारा दंड पाओगे.

क्रोध के नियंत्रण में होना व्यक्ति की दुर्बलता हैं और व्यक्ति द्वारा क्रोध को नियंत्रित करना शक्ति का परिचायक हैं.

क्रोध मूर्खो के हृदय में बसता हैं.

जितना आप क्रोध करेंगे आपकी जिन्दगी उतनी ही उलझती चली जायेगी.

गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं.

क्रोध एक बहुत बड़ा अवगुण हैं जो मनुष्य के सफलता में बाधक बनता हैं.

क्रोध का अंत पश्चाताप ही होता हैं.

क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं.

क्रोध एक तरह का पागलपन हैं.

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं.

क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं.

क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं.

मौन रहना ही क्रोध को वश में करने का सबसे सटीक उपाय हैं.

क्रोध पर काबू पाने के लिए सदैव उसे फल के विषय में चिन्तन करना चाहिए.

क्रोध एक स्थिति हैं, जिसमें जीभ मन से अधिक तेजी से काम करती हैं.

यदि आप सही हैं तो आपको गुस्सा होने की जरूरत नहीं हैं और यदि आप गलत हैं तो आपको गुस्सा होने का कोई हक़ नही हैं.

क्रोध मनुष्य के पतन का रास्ता है जो वो स्वयं निर्मित करता हैं.

गुस्से में बोला गया एक कठोर शब्द इतना जहरीला बन सकता हैं कि आपकी हजार प्यारी बातों को एक मिनट में नष्ट कर सकता हैं.

क्रोध से भ्रम पैदा होता हैं, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती हैं. जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता हैं. जब तर्क नष्ट होता हैं तब व्यक्ति का पतन हो जाता हैं.

यदि सामने वाल गुस्से में हैं, तो आप चुप रहिए…वह थोड़ी देर बाद ख़ुद चुप हो जाएगा.

जो व्यक्ति मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप से कह नहीं सकता, उसी को क्रोध अधिक आता हैं.

संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना.

गुस्सा अकेला आता हैं मगर हमारी साड़ी अच्छाई ले जाता हैं.