बंजर शायरी स्टेटस | Barren Shayari Status Quotes in Hindi

Barren Shayari Status Quotes Image Photo in Hindi – इस आर्टिकल में बंजर पर शायरी स्टेटस कोट्स इमेज आदि दिए हुए है।

बंजर शायरी

समझता था जिसे मैं कीमती वह खेत बंजर था
जिसे समझा था मीठा झरना वो खारा समंदर था
मेरे खातिर गुलाब का जो गुलदस्ता वो लाए थे
पता मुझको चला ये बाद में कि उसमें खँजर था।
राघवेंद्र सिंह ‘रघुवंशी’


मैं उस माटी की वृक्ष नहीं
जिसको नदियों ने सींचा है
बंजर माटी में पलकर मैंने
मृत्यु से जीवन खींचा है।


इंसान वही जो रोते हुए को हँसा दे,
विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बना ले,
न रुके, न थके जो किसी भी हाल में
इंसान वही जो बंजर भूमि में भी फूल खिला दे।


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दोस्ती ज़िन्दगी में रौशनी कर देती हैं,
हर ख़ुशी को दोगुनी कर देती हैं,
कभी झूम के बरसती हैं बंज़र दिल पे,
कभी अमावस को चांदनी कर देती है।


बंजर स्टेटस

कभी हमारी भी ऐसी मुलाकात हो जाए,
मैं बंजर जमीं बनूँ तू मौसम-ए-बरसात हो जाए।


जुर्म ये है कि बारिशों से इश्क़ किया,
सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ अब।


यादों की जड़ें फ़ूट ही पड़ती हैं कहीं से
दिल खुश्क तो हो जाते हैं,बंजर नहीं होते।


बंजर जमीनों पर भी पेड़ उगेंगे,
हौंसला चाहिए बस कलेजे भर का।


Barren Shayari in Hindi

दर्द ये सारे सहेगा किस तरह,
तन्हा-तन्हा दिल रहेगा किस तरह,
जाने वाला कह गया खुश रहो
पर फूल बंजर पर खिलेगा किस तरह।


बुझा गया है कोई, मैं चिराग था पहले,
जो जगह आज बंजर है बाग़ था पहले,
बदल दी करवट कुछ इस कदर तकदीर ने
डरता हूँ आज धुएं से, मैं आग था पहले।
साजन


तबाही की देहलीज़ पर आकर खड़े है
मत पूछो, ये मंजर क्या है,
बाहर से जरूर ठीक नज़र आते है
सच पूछो, मेरे अंदर क्या है,
निकलते नहीं अब बून्द भर आंसू भी
मेरी आँखो से ज्यादा, बंजर क्या है,
टूटे हुए सपनो का दर्द इतना गहरा है
मत नापो, ये समुन्दर क्या है।


Barren Status in Hindi

आँखों में उमड़ आता है बादल बन कर,
दर्द अहसास को बंजर नहीं रहने देता।


हालात के बंजर जमीने का सीना चीर कर निकला हूँ,
बेफिक्र रहिये मैं शौहरत की धूप से नहीं जलूँगा।


बंजर जमीनों को शहर बनाने के बाद,
हमें एहसास हुआ कि वो गाँव अच्छा था।


Barren Quotes in Hindi

जीवन में समय के साथ लोगों
का बदलना स्वाभाविक है,
चाहतें फीकी पड़ जाती है,
भावनाएं बंजर हो जाती है,
रिश्ते खुद को ढकेलने लगते है…
दो घड़ी निकाल कर यादों से सींचों
इन रिश्तों को, जीवन मरुस्थल
होने से बच जायेगा।


बंजर शायरी उर्दू में

बंजर ज़मीनों में भी दरख़्त उगते हैं
हौंसला चाहिए बस कलेजे भर का!
सय्यद अहमद अफ़्ज़ाल


फक्त बाग़ों में होने से बहार नहीं आती ,
तू बंजर में खिलने का हुनर पैदा कर।


बंजर खेत पर शायरी

एक बार आकर देख कैसा
हृदय विदारक मंजर हैं,
पसलियों से लग गयी है आंते
खेत अभी भी बंजर हैं।


जब कमर कसता है किसान,
बंजर जमीन में भी फूंक देता है जान।


बंजर ज़मीन की नमी बढ़ गई है अब,
लगता है अश्कों का दरिया बहा रहा है कोई,
रात औ दिन सींचा अपने खून से इस ज़मीं को,
बेपनाह मुश्किलों में भी मुस्कुरा रहा है कोई।


Banjar Shayari

नजर छुपा कर वो, नजर मिला जाती है।
बंजर दिल में मोहब्बत की, गुल खिला जाती है।
हलचल हो जाता है,दिल की कोने कोने में,
मुड़ मुड़ कर देख जब, मुस्कुरा कर जाती है।


यही जज्बा रहा तो मुश्किलों का हल भी निकलेगा,
जमीं बंजर हुई तो क्या वहीं से जल भी निकलेगा,
ना हो मायूस ना घबरा अंधेरों से मेरे साथी,
इन्हीं रातों के दामन से सुनहरा कल भी निकलेगा.


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