दौलत शायरी | Daulat Shayari in Hindi | Daulat Status

Daulat Shayari

Daulat Shayari in Hindi – इस अर्तिकल में बेहतरीन दौलत शायरी, दौलत स्टेटस दिए हुए हैं. इसे पूरा जरूर पढ़े.

दौलत की चाह ने इंसान को क्या से क्या बना दिया है. बेशक हमारे बैंक अकाउंट में धन-दौलत बढ़ी है. लेकिन हमारे जिन्दगी से खुशियाँ कहीं खो सी गयी है. हम कुछ भी करे रहे है तो हमारा मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक पैसा कमाना ही है. बहुत कम लोग ऐसे है जो दौलत को कम महत्व देते हो. और यही लोग खुश भी है.

Daulat Shayari in Hindi

माना सुकून से बड़ी कोई दौलत नहीं,
मगर दौलत बिना आज भी सुकून नहीं.


झोपड़ी में बसर कर ले, इमारत न बनायें,
जो दिल पर बोझ बने, वो दौलत न कमायें.


जीने का सबका अपना अपना ढंग है,
यहाँ लोग रोज बदलते अपने रंग है,
दोस्त, जब तक तेरे पास धन-दौलत है,
तब तक पूरी दुनिया तेरे संग है.


दौलत ने छीन ली अब तरबियत घरों की,
छोटे नही करते है अब इज्जत बड़ो की.
तरबियत = पालन-पोषण, परवरिश


Daulat Shayari

दिल की उलझने रात का ख्वाब बेचकर,
क्या खूब कमाई दौलत हमने ख्वाब बेचकर.


दौलत के नशे में खुद को चूर किये बैठे हो,
क्यों इस कदर खुद को हमसे दूर किये बैठे हो.


दौलत तो विरासत में मिल सकती है,
लेकिन पहचान अपने दम पर बनानी पड़ती है.


दौलत शायरी हिंदी

ना जाने कौन सी दौलत है तुम्हारे लहजे में,
बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो.


कहीं मजहब की बंदिशे,
कही दौलत की बंदिशे,
फिर भी जो मिल गये दिल
तो जमाने भर की रंजिशे.


दौलत शायरी

दिल में ना हो हसरत तो मोहब्बत नहीं मिलती,
खैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती.


उसकी और मेरी कहानी
कुछ इस तरह ख़ास थी,
मैं प्यार की भूखी
और उसको दौलत की प्यास थी.


जो दिल घमंड रखकर बोलते है,
वही लोग इश्क़ को दौलत से तोलते है.


धन दौलत पर शायरी

दुनिया की यह कड़वी सच्चाई है,
दौलत नही है तो उसमें सौ बुराई है.


जो खानदानी रईस है वो अपना मिजाज नर्म रखते हैं,
जो अभी-अभी के अमीर है वो अपना तेवर गर्म रखते है.


दौलत से जो खरीदा जाए
इश्क़ उसका नाम नहीं,
आसानी से हर किसी को मिल जाए
इश्क़ इतना भी आम नहीं.


प्यार पैसा शायरी

बेशुमार दौलत कहती है मुझसे बुढ़ापे में आकर,
इतनी मेहनत करके भी सिर्फ तन्हाई ही कमाई है


दौलतमंद ही दौलत के लिए लड़ रहे है,
गरीब तो आज भी सूखी रोटी से पेट भर रहे है.


तेरी यादें, तेरी बातें और तेरा ही ख्याल,
इतनी दौलत पहले कहाँ थी मेरे पास.


दौलत हिंदी शायरी

मेरी मोहब्बत की दौलत को
वो इस तरह नीलाम कर गया,
महफिल में खुद तालियाँ बटोरी
और हमें बदनाम कर गया.


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