चाय पर कविता | Tea Poem in Hindi

Tea Poem Kavita Poetry in Hindi – हर इंसान का सबसे पसंदीदा पेय पदार्थ चाय है. यह सुबह-सुबह पीने वाले हृदय में एक अजीब सी ख़ुशी और सुकून का संचार कर देती है. अगर चाय ना पियों तो पूरा दिन कुछ अधूरा-अधूरा सा लगता है.

चाय पीने का सबसे अच्छा माहौल तब होता है. जब बारिश हो रही हो और साथ में दोस्त, प्रेमिका या पत्नी हो. चाय के साथ पकौड़ी, नमकीन और बिस्किट हो. बात करते-करते चाय पीने में इतना मजा आएगा कि आप इसे कभी भूल नहीं पाएंगे। जिंदगी में एहसास और अनुभव ही है जो जीवन को बड़ा ही खूबसूरत बना देते है.

चाय पर कविता | Tea Poem in Hindi

सुबह-सुबह नींद से जगायें चाय,
मेरे दिल को बड़ा ही भायें चाय,
बिस्तर से उठते ही मिल जायें चाय,
पीते ही मन को तरोताजा कर जायें चाय।

मन को जरा सा ना भाये ट्रेन की चाय,
सबको मजबूरी में पीना पड़ जाये चाय,
पिये बिना रहा ना जाये ट्रेन का चाय
बड़ा ही याद आये घर वाली अदरक की चाय।

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चाय ने सब लोगो का दिल जीता है,
हर घर में हर कोई इसको पीता है,
दादा-दादी गिलास भर कर चाय पीते है,
तभी तो इतना खुश होकर जीवन जीते है,

दिन में काम करके जब थक जाते है,
बॉस की बातें सुन-सुन कर पक जाते है,
कीबोर्ड पर हाथ चलते-चलते रूक जाते है,
तब हर समाधान चाय पीने से मिल जाते है।

गरीब के घर बनती है चाय,
अमीर के घर भी बनती है चाय,
हर गली हर नुक्कड़ पर बिकती है चाय
कभी-कभी सपने में भी आती है चाय।


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