तीर शायरी | Teer Shayari

Teer Shayari

Teer Shayari – इस पोस्ट में तीर पर बेहतरीन शायरी दिये गये हैं जिसमे नजरों के तीर शायरी ( Najron Ke Teer Shayari ), नजरों के तीर से घायल दिल शायरी ( Najron Ke Teer Se Ghaayal Dil Shayari ) आदि दिए गये हैं. इस बेहतरीन शायरी को जरूर पढ़े, लाइक करे और दोस्तों के साथ फेसबुक पर शेयर करें.

तीर शायरी | Teer Shayari in Hindi

एक हसीना देखे और तीर जिगर के पार हो जाए,
काश !!! इस कदर हमें भी प्यार हो जाए.


तू मेरे दिल पे लगी तीर बनके रह गयी हैं,
जिन्दगी जख्म की तस्वीर बनके रह गयी हैं.


जख्म ख़ुद बता देंगे कि तीर किसने मारा हैं,
हम कहाँ कहते हैं कि ये काम तुम्हारा हैं.


फलक के तीर का क्या निशाना था,
इधर मेरा घर, उधर उसका आशियाना था,
पहुंच रही थी किनारे पे कश्ती-ऐ-उम्मीद,
उसी वक़्त इस तूफ़ान को भी यहां आना था.


मोहब्बत में ख़ुद को जला कर देखो,
बिन बोले इश्क़ का तीर चला कर देखो.


ये बात नहीं, तीर या कमान नहीं,
मेरी ख़ामोशी से बेहतर कोई बयान नहीं.


उनकी नजरों का तीर जब लगता हैं,
तो जिन्दगी भी खूबसूरत लगता हैं.


तीर तेरी तरफ़ ही आएगा,
तू चाँद-तारों का शिकार मत करना,
डूब जाने का जिसमें खतरा है
ऐसे दरिया को पार मत करना.


चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह,
मगर ख़ामोश रहता हूँ अपनी तकदीर की तरह.


तीर आपने ही मारा जब हम जान गये,
जख्म अपना दिखाया तो बुरा मान गये.


नजर के तीर का निशाना दिल था,
उनके कत्ल करने का अंदाज समझना मुश्किल था.


हम वो तीर हैं जो हिमालय को चीर कर,
अपना रास्ता बना सकते हैं,
कोई साथ हमारा दे या न,
हम अकेले ही दुनिया हिला सकते हैं.


जो तीर भी आता वो खाली नही जाता,
मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता,
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफ़ाजत,
फूलों को बचाने कोई माली नहीं आता.