राजनीति पर बेहतरीन कविता | Poem on Politics

Poem on Politics in Hindi – भारतीय राजनीति और देश की हालत पर यह एक बेहतरीन कविता हैं. राजनीति को शब्दों में नहीं व्यक्त किया जा सकता हैं. राजनीति का बहुत ही व्यापक और बड़ा क्षेत्र हैं जिसे इस कविता में समेटने की कोशिश की गयी है. लेखक ने बड़े ही उत्कृष्ट शब्दों का प्रयोग करके इस Kavita को बेहतरीन बना दिया हैं.

Best Poem on Politics in Hindi | राजनीति पर श्रेष्ठ कविता हिंदी में

तलाश में

ताउम्र घूमती रही, हसीन बहारों की तलाश में,
मिल सके सुकून जिससे, दिलकश नजारों की तलाश में,
देख के नजारे पर, नैन मेरे भर गये
न जाने कौन से पल, मौत की आँधी उड़ा दे हमें
गली कूचे घूम रहे भेड़िये, शिकार की तलाश में
धरती की जन्नत, जहुन्नम में बदल गई
चिनारों के पीछे छुपा धर्म, जेहाद के लिबास में,
हर झुग्गी और गली, ठसाठस आबादी से भरी
भर दिए हो तमाम कीड़े, जैसे छोटे से गिलास में
नशे में झूमती जवानी, काम धंधा ढूंढती
रेंग रहे मासूम हाथ, कूड़े करकट बाँस में
बेटियों के वजूद पे पड़ गया, सवालिया निशान
कुछ घायल बलात्कार दहेज से, कुछ जन्म से पहले लाश में
आजाद हिन्द को देख के, है हैरान शहीद सब
हिंसा का नंगा नाच देख, रोवे गांधी आकाश में
वोटों घपलो घोटालों ने, अँधा इतना कर दिया
सत्य की धज्जिय उड़ रही है, कुर्सी के मोहपाश में
पैसा बना है रब, ठग बने है सब
अन्ना कब से बैठे लोकपाल की आस में
बारूद के ढेर पे बैठा विश्व, अंगार की तलाश में
कलयुगी जमाना, सतयुगी अवतार की तलाश में
दो मीठे बोलो के लिए, तड़पती जिंदगियाँ
उम्मीद की किरण लिए. प्यार की तलाश में.

राहुल विजय सिंगला | Rahul Vijay Singla