आपके जीवन का सच्चा गुरू कौन है? | Who is the true teacher of your life?

Teachers Day Special – Who is the true teacher of your life in Hindi – जिस व्यक्ति से हम कुछ अच्छा गुण या ज्ञान सीख लेते है उसे ही सच्चा गुरू कहते है. ज्ञान देने वाले गुरू का जीवन में बड़ा ही महत्व होता है. मुझे हर इंसान में एक गुरू दिखता है क्योंकि हर किसी से कुछ ना कुछ मैं सीखता रहता हूँ. कई बार हम अपने आस-पास के लोगो से सीख भी लेते है और हमें पता भी नहीं चलता है. कुछ ऐसी घटनाएं और कहानी हमारे आस-पास चलती रहती है. जिससे हम और आप निरंतर सीखते रहते है.

जीवन के सच्चे गुरु जिनसे हमने बहुत कुछ सीखा!!!

लोग कहते है कि इंसान की जैसी भावना होती है. उसे ईश्वरवैसे ही दीखते है. जब आप हर इंसान को एक गुरू के रूप में देखेंगे तो उनसे आप कुछ ना कुछ अच्छा गुण, संस्कार, या हुनर जरूर सीखेंगे.

माँ से क्या सीखा है?

जब घर में माँ पूजा करती और व्रत रखती है तब आप उनसे अध्यात्म सीखते है. जब माँ दान देती है या किसी की मदत करती है तब हम सेवा भाव सीखते है. घर के सारे सदस्यों के खाने के बाद खुद खाती है तो हम जिम्मेदारी को समझते है. यह हर किसी के घर में हर किसी की माँ करती है. जब माँ पूरा दिन करके नहीं थकती है तब हम बिना थके काम करने की प्रेरणा पाते है. माँ एक ऐसी गुरू होती है जो अपने कर्मों से अपने बच्चों को शिक्षा देती है.

पिता से क्या सीखा है?

जब आप पिता के साथ बाजार जाते है और आपके पिता जी दूकान से सब्जी लेते है. दुकानदार को पैसे देते है फिर दुकानदार सब्जी का पैसा काटकर पैसे वापस करता है. सब्जी वाला जल्दबाजी में ज्यादा पैसे दे देता है. आपके पिता जी उस पैसे को गिनते है और उसके बाद ज्यादा दिए पैसे को लौटा देते है. तब आप वहाँ ईमानदारी की शिक्षा पाते है. जब घर में पैसे की कमी होती है और आपके पिता बचत करने के लिए अपने जरूरी चीजों को टाल देते है तब आप बचत करना सीखते और पैसे का मूल्य समझ पाते है. जब मुसीबत में घर के सभी सदस्य रोने लगते है और पिता जी धैर्य और साहस के साथ मुसीबत का हल सोचते है तब आप उनसे धैर्य और साहस सीखते है. पिता भी एक ऐसे गुरू होते है जो अपने कर्मों से हमें बहुत कुछ सिखाते है.

छोटे भाई से क्या सीखा है?

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जब कभी आप अपने भाई को पढ़ा रहे होते है और वो आपकी बताई बातों को समझ नहीं पाता है. तब आपको क्रोध आता है. आप उसे कुछ गणित का प्रश्न हल करने के लिए देते है और सही उत्तर होने पर भी आप थप्पड़ मार देते है. जब आप उत्तर देखते है तो गलती का एहसास होता है और उससे क्षमा मांगते है. तब आप क्रोध नहीं करना सीखते है. तब आप अपनी गलती स्वीकारना सीखते है और गलती होने पर क्षमा माँगना सीखते है. तब छोटा भाई भी गुरू समान हो जाता है।

बड़े भाई से क्या सीखा है?

जब आप बीमार होते है या किसी मुसीबत फंस जाते है। आप अपने बड़े भाई को फ़ोन करके बताते है और अगले कुछ घंटों में आपका भाई आपके साथ होता है. तब आप रिश्तों को अहमियत देना सीखते है. जब आप साइकिल चलाने से डरते है और आपका भाई आपको साइकिल चलाना सिखाता है तब डर का सामना करना सीखते है. इस तरह बड़े भाई रुपी गुरू से भी हम बहुत कुछ सीखते है.

बहन से क्या सीखा है?

जब आप अपने जिंदगी में परेशान और उदास होते है और आपकी बहन आकर आपसे आपके उदासी का कारण पूछती है. आप नहीं बताते है. लेकिन आपके मनोभावों को जानकर वो आपको उत्साहित और प्रेरित करती है. वो आपके हुनर को बताती है. तब आप खुद को पहचानना सीखते है.

मित्र से क्या सीखा है?

आप को कोई बहुत अच्छा मित्र हो और उससे झगड़ा हो जाएँ। उसके बाद आप किसी मुसीबत में फंस जाएँ और आपका दोस्त आपकी मदत करने के लिए आये तब हम मित्रता निभाना सीखते है. जब आप अपने मित्र को पढ़ते या परिश्रम करते देखते है. तब आप अपने मित्र की तरह पढ़ने और परिश्रम करने के लिए खुद को उत्साहित करते है. इसमें आप खुद को उत्साहित करने का हुनर सीखते है. जीवन में कई ऐसे अवसर आते है जब गुरू मार्गदर्शक बनकर आपको सहा रास्ता बताते है. मित्र भी गुरू के समान होते है.

निष्कर्ष –

गुरू को एक नये नजरियें से देखिये आपके जीवन में चमत्कारी बदलाव होंगे. आपने आस-पास के लोगो से कुछ जरूर सीखने का प्रयत्न करें. हर किसी के पास एक ऐसा ज्ञान होता है जो आपके लिए बहुत मूल्यवान होता है. स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थी इस पोस्ट को Teachers Day Essay in Hindi के रूप में लिख सकते है. Teachers Day Speech in Hindi के रूप में शिक्षक दिवस पर इसके कुछ अंश लेकर भाषण भी दे सकते है.

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