शंकराचार्य के अनमोल विचार | Adi Shankaracharya Quotes in Hindi

Shankaracharya Quotes in Hindi

Adi Shankaracharya Quotes in Hindi – शंकराचार्य के विचारोपदेश आत्मा और परमात्मा की एकरूपता पर आधारित हैं जिसके अनुसार परमात्मा एक ही समय में सगुण और निर्गुण दोनों ही स्वरूपों में रहता है. आदि शंकराचार्य को शिव का अवतार माना जाता है. वेदों में लिखे ज्ञान को एकमात्र ईश्वर को संबोधित समझा और उसका प्रचार-प्रसार, व्याख्या और धर्म सभा पूरे भारत में की.

शंकराचार्य के बेहतरीन विचार | Shankaracharya Best Quotes

ब्रह्मा ही सत्य है और जगत मिथ्या (माया) है. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

आत्मा की गति मोक्ष में हैं. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

सबसे उत्तम तीर्थ अपना मन है, जो विशेष रूप से शुद्ध किया गया हो. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

प्रज्वलित दीपक को चमकने के लिए, दुसरे दीपक की आवश्यकता नहीं होती. उसी प्रकार आत्मा जो स्वयं ज्ञान का स्वरूप है उसे और किसी ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती.– शंकराचार्य ( Shankaracharya )

यह मोह से भरा हुआ संसार है एक स्वप्न की तरह है, यह तब तक ही सत्य प्रतीत होता है जब तक व्यक्ति अज्ञान रुपी निद्रा में सो रहा होता हैं, परन्तु जाग जाने पर इसकी कोई सत्ता नही रहती.– शंकराचार्य ( Shankaracharya )

सत्य की परिभाषा क्या है? सत्य की इतनी ही परिभाषा है कि जो सदा था, जो सदा है और जो सदा रहेगा. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

आत्म अज्ञान के कारण ही सीमित प्रतीत होती है, परन्तु जब अज्ञान मिट जाता है, तब आत्मा के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान हो जाता है, जैसे बादलों के हट जाने पर सूर्य दिखाई देता है. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

लोग तभी तक याद रखते है जब तक उनकी साँसे चलती है जैसे ही साँसे चलनी बंद हो जाती है सबसे करीबी रिश्तेदार, मित्र यहाँ तक की पत्नी भी अपनों से दूर चली जाती हैं. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

यदि हृदय में सत्य को जानने की इच्छा है तो बाहरी चीजें अर्थहीन लगती हैं. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

हर व्यक्ति को यह ज्ञान होना चाहिए कि आत्मा एक राजा के समान होती है जो शरीर, इन्द्रियों, मन बुद्धि से बिल्कुल अलग होती है. आत्मा इन सबका साक्षी स्वरूप हैं. – शंकराचार्य ( Shankaracharya )

नोट – इसमें दिए हुए कोट्स विभिन्न वेब रिसोर्सेज से लिए गये हैं.