Knowledge Quotes | Gyan Quotes | ज्ञान पर अनमोल विचार | नॉलेज कोट्स

Knowledge Gyan Quotes in Hindi

Knowledge Quotes in Hindi ( Gyan Quotes in Hindi ) – व्यक्ति को सुखी और समृद्ध जीवन जीने के लिए ज्ञान की आवश्कता होती हैं. ज्ञान की शक्ति हर प्रकार के शक्तियों से उत्तम हैं. इस पोस्ट में ज्ञान पर बेहतरीन कोट्स दिए हुए हैं. इन कोट्स को जरूर पढ़े.

Best Knowledge Quotes | New Gyan Quotes | बेस्ट नॉलेज कोट्स

जीवन में परिश्रम करके ही ज्ञान की प्राप्ति की जा सकती हैं. – रस्किन

गाली के उत्तर में मूर्ख गाली दे बैठते है, ज्ञानी मौन से जवाब देते हैं. – प्रेमचंद

इस संसार में ज्ञान के समान पवित्र करने वाला निःसंदेह कुछ भी नहीं हैं – वेदव्यास

अज्ञान के समान कोई दूसरा बैरी नहीं. – चाणक्य

अशिक्षित रहने से पैदा न होना ही अच्छा है, क्योंकि अज्ञान सब बुराइयों की जड़ हैं. – नेपोलियन

अल्प ज्ञान ख़तरनाक होता हैं. – बायरन

दुनिया भर का ज्ञान प्राप्त करने से पंडित तो बना जा सकता है, लेकिन ज्ञानी बनने के लिए अनुभूति जरूरी हैं. – ओशो

स्वयं को ज्ञानवान समझना सबसे बड़ा अज्ञान है और अज्ञानी सदा दुखी रहता हैं. – वेदान्त तीर्थ

लोभ को केवल एक ही शास्त्र से काटा जा सकता हैं, और वह है ज्ञान. ज्ञान के अतिरिक्त इस महारोग की अन्य औषधि नहीं हैं. – रामकृष्ण परमहंस

भावनाओं में बहकर कर्तव्य से विमुख होना अस्वस्थ मानसिकता का द्योतक हैं. – स्वामी विवेकानन्द

मुझे यह इकरार करने में तनिक भी लज्जा नहीं है कि मैं इस बात से पूर्णतया अनभिज्ञ हूँ कि मुझे किन-किन चीजों का ज्ञान नहीं हैं. – सिसरो

सत्य रूप में देखा जाए तो ज्ञान तो प्रकार से दिया जाता है, पहला श्रद्धावश और दूसरा दयावश. – रामचन्द्र शुक्ल

किसी व्यक्ति में कितना ज्ञान है, इसका पता इस बात से लगता हैं कि उसका मन विषयों में कितना अटका हुआ है या उनसे मुड़ा हुआ हैं. – तुलसीदास

जब तक भगवान दूर व बाहर प्रतीत होते हैं, तब तक अज्ञान है, परन्तु जब अपने अंतर में अनुभव होता है तथा यथार्थ ज्ञान का उदय होता है, तब उन्हें हृदय मंदिर और जगत मंदिर दोनों स्थानों पर देखा जा सकता हैं. – रामकृष्ण परमहंस

जिसने एक बार भी ज्ञान रुपी अमृत का स्वाद ले लिया, वह सब कार्यों को छोड़कर उसी की ओर दौड़ पड़ता है. – जाबाल दर्शनोंपनिषद

एक मनुष्य को उससे अधिक वायदे नहीं करने चाहिए, जितने वह निभा सके. – एलिस

एक सच्चा मित्र दो शरीर में एक आत्मा के समान हैं. – अरस्तु

सत् ज्ञान मनुष्य को यह दर्शाता ही कि वह शरीरधारी आत्मा हैं, जबकि अज्ञानी समझता है कि वह एक शरीर है, जिसमें आत्मा विद्यमान है. – स्वामी विवेकानन्द

छोटे से बीज में विशाल वृक्ष छिपा होता हैं. – जिज्ञासु

सांख्य के समान कोई ज्ञान नहीं है और योग के समान कोई बल नहीं हैं. – वेदव्यास

यदि ईश्वर से प्रेम करना चाहते हो तो पहले मानव से प्रेम करना सीखों. – स्वामी विवेकानंद

युवको को यह शिक्षा मिलना बहुत जरूरी है कि अपने सामने सर्वोत्तम आदर्श रखें. – मदनमोहन मालवीय