कन्हैया कुमार शायरी स्टेटस | Kanhaiya Kumar Shayari Status Quotes in Hindi

Kanhaiya Kumar Shayari Status Quotes Image in Hindi – इस आर्टिकल में कन्हैया कुमार शायरी स्टेटस कोट्स इमेज आदि दिए हुए है. इन्हें जरूर पढ़े. ये शायरी, स्टेटस, कोट्स कन्हैया कुमार के ट्विटर हैंडल से लिया हुआ है. अगर आप उनके विचारों का समर्थन करते है. तो मुझे आशा है कि आपको यह लेख पसंद आएगा।

कन्हैया कुमार का जन्म 13 जनवरी, 1987 में बेगूसराय, बिहार भारत में हुआ. इनके पिता का नाम जयशंकर सिंह और माता का नाम मीना देवी है. कन्हैया कुमार ने अपना राजनीतिक सफर जेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष बनकर शुरू किया. वर्तमान समय में भारतीय राजनीति के युवा और प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ है. उनकी भाषणों को सुनकर युवाओं में उत्साह और सरकार से सवाल पूछने का हौसला पैदा होता है. जनता, किसानों और युवाओं के समस्याओं से सम्बन्धित मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए.

Kanhaiya Kumar Shayari in Hindi

Kanhaiya Kumar Shayari in Hindi
Kanhaiya Kumar Shayari in Hindi | कन्हैया कुमार शायरी इन हिंदी

कोई पार्टी पद या नेता
देश से बड़ा नहीं होता,
जो देश से प्यार करेगा
वो सरकार से सवाल करेगा।


वादा किया कि देंगे हर साल दो करोड़ नौकरी,
रेलवे, एयरपोर्ट बेचकर भर दी दोस्तों की टोकरी।


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दम है कितना दमन में तेरे, देख लिया है देखेंगे
जगह कितनी है जेल में तेरे, देख लिया है देखेंगे


Kanhaiya Kumar Status in Hindi

Kanhaiya Kumar Status in Hindi
Kanhaiya Kumar Status in Hindi | कन्हैया कुमार स्टेटस इन हिंदी

तेरे साये में हम सबकी आजादी आबाद रहे,
हर गुलामी से हमारा प्यारा तिरंगा आजाद रहे.


युवाओं को ना रोजगार ना फैक्टरी,
बस खुद का बेटा क्रिकेट सेक्रेटरी।


ये सरकार किसानों के खून से
बेईमानो की सम्पत्ति सींच रही हैं.


फर्जी चौकीदार की क्या पहचान?
चोरी, चापलूसी, जासूसी का काम.


Kanhaiya Kumar Quotes in Hindi

शहीद ए आजम भगत सिंह ने कहा था कि
‘बम और पिस्तौल’ कभी इंकलाब नहीं लाते
ठीक उसी तरह जैसे कीचड़ से कीचड़ साफ़
नहीं किया जा सकता। नफरत से नफरत नहीं
हराया जा सकता। आखिर अपने ही देश के
नागरिकों को नफरत की आग में झोंककर कोई
‘राष्ट्र’ कैसे मजबूत बन सकता है?


एक तरफ देश बेचने वाले बेईमान है
तो दूसरी तरफ देश बचाने वाले किसान है.
मौजूदा लड़ाई सरकार के चंदा-दाताओं और
देश के अन्नदाताओं के बीच है. हम किसानों
के पशक में खड़े है.


सरकार सत्ता के अहंकार में यह भूल
जाती है कि लोगो के वोट और स्पोर्ट से
कुर्सी मिली है, मीडिया मैनेजमेंट से नहीं।


एक आसन तो ‘झूठासन’ भी है.
शासन में बैठकर लोग जब झूठ बोलते है
तो उसे ‘झूठासन’ कहते है.


कन्हैया कुमार शायरी

क्यूँ पूछना गुनाह है,
ये सवाल पूछते चलो
क्यूँ सोचना गुनाह है
ये सवाल सोचते चलो.
जो दिख रहा, वो सच नहीं
जो बिक रहा, वो तुम नहीं
जो आज है, वो कल नहीं
जो कल की है फ़िक्र तुम्हें
बस सवाल पूछते चलो.


भारत का यही पैगाम,
सबको शिक्षा सबको काम,
हिन्दू हो या मुसलमान
सबको बराबर का सम्मान।


आज की शाम मुहब्बत और एकता के नाम,
जय जवान, जय किसान, जय संविधान।


कन्हैया कुमार स्टेटस

आज हड़ताल कल हड़ताल
ना माने तो डेरा डाल.


देश में धर्म नहीं,
लॉजिक खतरे में है.


जलाने से भला सच कहाँ दफन होता है,
धुआँ बनकर पूरे गगन में फ़ैल जाता है.


डर के आगे हार है,
संघर्ष के आगे जीत.


कन्हैया कुमार के अनमोल विचार

जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से
चप्पा-चप्पा गूँज उठेगा इंकलाब के नारों से.


जो सरकार विद्यार्थियों से, किसानों से
मजदूरों से, हास्य-कलाकारों से लड़ रही हो.
वो गरीबी, महँगाई और बेरोजगारी से
ख़ाक लड़ेगी।


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