Hanuman Shayari | हनुमान शायरी

अर्ज़ मेरी सुनो अंजनी के लाल
काट दो मेरे घोर दुखों का जाल.


प्रभु मुझ पर दया करना
मैं तो आया हूँ शरण तिहारी
तेरी प्यारी सी मनभावन मूरत
जब-जब देखूं मैं जाऊं बलिहारी.


जहाँ होता है हुनमान का जाप,
वहाँ न रहता जीवन भर संताप.


ये दुनिया जो रचे वो भगवान है
संकट जो दूर करे वो हनुमान है
जिससे रूठे ये सारा संसार है
बजरंगी करते उससे प्यार है.


जन्म दिवस है राम भक्त हनुमान का,
अंजनी के लाल, पवन पुत्र हनुमान का,
जय-जय जयकार बोलों बजरंगबली की,
सबको बधाई हो जन्म दिवस हनुमान की.


जहाँ होता है हुनमान का जाप,
वहाँ न रहता जीवन भर संताप.