गुण मिले तो गुरू बनाओ, चित्त मिले तो चेला,
मन मिले तो मित्र बनाओ, वरना रहो अकेला.

मुसीबत सब पर आती हैं, कोई बिखर जाता हैं,
और कोई निखर जाता हैं.

पूछता हैं जब कोई मुझसे कि दुनिया में अब मोहब्बत बची हैं कहा,
मुस्कुरा देता हूँ मैं और याद आ जाती हैं माँ.

ये भी एक दुआ है खुदा से,
किसी को दिल न दुखे हमारी वजह से.

कदर करनी हैं तो जीते जी करो,
मरने के बाद तो नफ़रत करने वाले भी रो पड़ते हैं.

कोई ठुकरा दे तो हँस कर सह लेना,
मोहब्बत में जबरदस्ती नही होती हैं साहब.
