APJ Abdul Kalam Poem in Hindi | एपीजे अब्दुल कलाम कविता हिंदी में

APJ Abdul Kalam Poem Kavita Poetry in Hindi – डॉ. अब्दुल कलाम आज भी करोंड़ों लोगो के दिलों में जिन्दा हैं. उनके द्वारा लिखी गई किताबे और भाषण आज भी प्रेरणा देते हैं.

भारत के महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम के किताब और विचारों को पढ़कर बड़ा ही उत्साहित और ऊर्जावान महसूस करता हूँ. इनकी जीवनी युवाओं के लिए प्रेरणा है. शायद हम और आप अब्दुल कलाम नहीं बन सकते है लेकिन उनके पद चिन्हों पर कुछ दूर चलकर देश की सेवा कर सकते है. देश को मजबूत बना सकते है.

आज के दौर में युवा बड़ी जल्दी निराश और हताश हो जाते है. संघर्ष और मेहनत करने के बाद सफलता नही मिलती है तो उन्हें जीवन निरर्थक लगता है. ऐसे लोगो को एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी पढ़नी चाहिए कि उन्हें कितने संघर्ष के बाद सफलता मिली. संघर्ष पूर्ण जीवन केवल वीरों के भाग्य में ही होता है. इसलिए जीवन की कठिनाईयों और संघर्षों को एक अवसर के रूप में देखे. इस लेख में अब्दुल कलाम पर लिखी कुछ खूबसूरत कविताओं को जरूर पढ़े और खुद को उत्साहित करें.

इस पोस्ट में अब्दुल कलाम पर कविता, Abdul Kalam Poem in Hindi, एपीजे अब्दुल कलाम की कविता, APJ Abdul Kalam Poem in Hindi, Abdul Kalam Par Kavita, Abdul Kalam Poetry in Hindi आदि दिए हुए है. इन्हें जरूर पढ़े और शेयर करें।

APJ Abdul Kalam Poem in Hindi

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बोलते-बोलते अचानक धड़ाम से
जमीन पर गिरा एक फिर वटवृक्ष
फिर कभी नही उठने की लिए
वृक्ष जो रत्न था,
वृक्ष जो शक्ति पुंज था,
वृक्ष जो न बोले तो भी
खिलखिलाहट बिखेरता था
चीर देता था हर सन्नाटे का सीना
सियासत से कोसों दूर
अन्वेषण के अनंत नशे में चूर
वृक्ष अब नही उठेगा कभी
अंकुरित होंगे उसके सपने
फिर इसी जमीन से
उगलेंगे मिसाइलें
शन्ति के दुश्मनों को
सबक सीखने के लिए
वृक्ष कभी मरते नही
अंकुरित होते हैं
नये-नये पल्लवों के साथ
वे किसी के अब्दुल होते है
किसी के कलाम.


Abdul Kalam Poem 2021

मिसाइल मैन

अपने कौशल और मेहनत से जिसने
नव भारत के अग्नि-पंख लगायें,
शौहरत की दुनिया में भी जिसने
सादा जीवन उच्च विचार के मन्त्र सिखायें
जो अपने चेहरे की मुस्कुराहट से
नफरतों को कई बार हरायें,
अपने हुनर के दम पर जो
भारत का स्वाभिमान बढायें
भरकर उड़ान हृदय से जिनके
मिट्टी की खुशबू आती थी,
रामेश्वरम के वो अब्दुल कलाम
भारत के ‘मिसाइल मैन’ कहलायें.
वैशाली चौधरी


Poem on Abdul Kalam in Hindi

एक साथ गीता और कुरान चले गए

आधुनिक भारत के भगवान चले गए
इस देश के असली स्वाभिमान चले गए
धर्म को अकेला छोड़ विज्ञान चले गए
एक साथ गीता और कुरान चले गए
मानवता के एकल प्रतिष्ठान चले गए
धर्मनिरपेक्षता के मूल संविधान चले गए
इस सदी के श्रेष्ठ ऋषि महान चले गए
कलयुग के इकलौते इंसान चले गए
ज्ञान राशि के अमित निधान चले गए
सबके प्यारे अब्दुल कलाम चले गए।।


अब्दुल कलाम पर कविता

हमारा सलाम, कलाम के नाम

आइये, एक महान आत्मा को सलाम करे,
एक ऐसी आत्मा, जिन्होंने अपना जीवन,
बलिदान कर दिया – हमारे लिए.
आइये, श्रद्धांजलि दे एक ऐसी आत्मा को,
जिन्होंने असम्भव को संभव किया हमारे लिए.
आइये , एक महान आत्मा श्रद्धांजलि दे ,
जिसने अपने देश के लिए एक सपना देखा.
आइये, हम अपने भूतपूर्व राष्ट्रपति को नमन करें,
जिन्होंने हर विद्यार्थी को प्रोत्साहित किया,
जिनके किताबों और भाषण ने हमें प्रेरणा दी.
आइये, एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो किसी भी धर्म के बीच अंतर नही करते.
एक ऐसे व्यक्ति को सलाम करे,
जो सबके दिल पर राज करते हैं .

डॉ. अब्दुल कलम जी, हम आपको हमेशा याद रखेंगे. हम आपसे वादा करते है कि हम आपके सपनों को साकार करेंगे.
– हर्षिता


APJ Abdul Kalam Poem

देश का सच्चा सपूत था वो
जात-पात से परे नेक बन्दा था वो
फ़कीराना जिन्दगी जीकर जिसने
देश को ताकतवर बनाया
सबसे चाहिता राष्ट्रपति कहलाकर
दिलों में अपनी जगह बनाया
नम आँखों को छोड़ वो
अनगिनत यादों में बस गया
मिसाइल मेन कहलाने वाल
अलविदा दोस्तों कह गया.
– Karanika Pathak


Abdul Kalam Poetry in Hindi

जब अनंत आकाश भी दहल उठता था…

मुख मौन हैं
महिमायें आपके सामने गौण है
माँ भारती का शक्तिध्वज
फहराने बचा ही कौन है
सूनी पड़ गई ये धरती
आपके अलविदा कह जाने से
जब अनंत आकाश भी दहल उठता था
आपकी मिसाइल टकराने से
सच्ची श्रद्धांजलि के लिए युवाओं को
आगे आना होगा
कलाम अलख भीतर जगा
माँ भारती को मनाना होगा
हे कलाम उदास मत होना हम आयेंगे हम आयेंगे
आपकी प्रेरणा की ताकत ले स्वप्न उड़ान भर जायेंगे।।


Abdul Kalam Par Kavita

कलाम आप तो हैं कमाल

एक समपर्ण, एक था अर्पण
था जिनका जीवन एक दर्शन।
जन्में घर निर्धन के फिर भी पाया विशेष स्थान,
देख भेदभाव बालपन से, हुआ मन बेताब।
मानवता की सेवा करने उठाई आपने किताब।
की चेष्टा कोई जीव चोट ना पावें,
हर जन अपने हृदय, प्रेम अलख जगावें।
टिकाए पैर ज़मी पर, मन पंछी ऊँचा आसमाँ पावें।

किया निरतंर अभ्यास, न छोड़ी कभी आस,
विफलताओं से हुए, न कभी आप निराश।
किए निरंतर प्रयास पर प्रयास।
देशभक्त्ति की आप हो एक मिसाल,
जिसने जलाई देश में 2020 की मशाल।

सपनों को विचार, विचार को गति,
दी युवकों को ये संमति।
देश को दी आपने पहचान नई।
किया ‘के-15’ से मुकम्मल सुरक्षा इंतज़ाम।

आप तो कमाल हो, श्रीमान कलाम।
कर्मक्षेत्र था आपका विज्ञान,
पर गीत संगीत में थे बसे आपके प्राण।
आप बने बच्चों के हितैषी,
दिया मंत्र, वे बने स्वदेशी।

विश्व पटल पर रखी भारतीयो की मिसाल,
आपके गुणों की है खान अति विशाल।
कलाम आप तो हैं कमाल!
हर देशवासी आपको हृदय से करें सलाम।


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