क़ुतुब मीनार का इतिहास और रोचक तथ्य | Qutub Minar History in Hindi

Kutub Minar

Qutub Minar History in Hindi – क़ुतुब मीनार ईट से बनी विश्व की सबसे ऊँची मीनार हैं और मोहाली की फ़तेह बुर्ज के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी मीनार है. क़ुतुब मीनार भारत के दिल्ली राज्य में मेहरौली नामक स्थान पर स्थिति हैं.क़ुतुब मीनार 73 मीटर ( 237.86 फीट ) ऊँची हैं और व्यास 14.3 मीटर है, जो ऊपर जाकर शिखर पर 2.75 मीटर (9.02 फीट) हो जाता है. मीनार के अंदर गोल सीढ़ियाँ है, मीनार की पूरी ऊँचाई तक कुल 379 सीढ़ियाँ है. क़ुतुब मीनार को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर के रूप में स्वीकृत किया गया हैं. इस मीनार का नजदीकी मेट्रो स्टेशन क़ुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन ( Qutub Minar Metro Station ) हैं.

क़ुतुब मीनार का इतिहास | Qutub Minar History in Hindi

दिल्ली के प्रथम मुस्लिम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक, ने कुतुब मीनार का निर्माण दिल्ली में सन् 1999 ई. में सूफ़ी संत ख्वाज़ा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की स्मृति में क़ुतुब मीनारQutub Minar ) का निर्माण कार्य शुरू करावाया किन्तु अकस्मात मृत्यु के कारण उसे पूरा नहीं करवा सका, जिसे 1230-31 ई. में इल्तुतमिश ने पूरा करवाया.

क़ुतुब मीनार के बारें में रोचक तथ्य | Interesting Facts about Qutub Minar

  • कुतुब मीनार का निर्माण विवादपूर्ण है कुछ मानते है कि इसे विजय की मीनार के रूप में भारत में मुस्लिम शासन की शुरूआत के रूप में देखा जाता है. कुछ मानते है कि इसका निर्माण मुअज्जिन के लिए अजान देने के लिए किया गया है.
  • क़ुतुब मीनार 27 हिन्‍दू मंदिरों को तोड़कर इसके अवशेषों से निर्मित की गई है.
  • पहली तीन मंजिलें लाल बलुआ पत्‍थर से निर्मित है और चौथी तथा पांचवीं मंजिलें मार्बल और बलुआ पत्‍थरों से निर्मित हैं.
  • ऐबक से तुगलक तक स्थापत्य एवं वास्तु शैली में बदलाव, यहाँ स्पष्ट देखा जा सकता है.
  • सन् 1369 में, क़ुतुब मीनार की सबसे ऊँची मंजिल बिजली या भूकम्प के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसे फ़िरोज शाह तुगलक द्वारा पुनः निर्मित किया गया था. शायद उन्होंने ने एक मंजिला और भी बनवाया था.
  • माना जाता है कि पहले आप सीढ़ियों से क़ुतुब मीनार के आख़िरी मंजिल पर जा सकते थे परन्तु अब यह निषेध हैं.
  • कुतुबुद्दीन ऐबक की आकस्मात मृत्यु के बाद एक बार पुनः उत्तराधिकार की समस्या उत्पन्न हो गयी, क्योंकि सम्भवतः ऐबक का कोई पुत्र नहीं था. सिर्फ तीन पुत्रिया थी.
  • ऐबक की मृत्यु के बाद सैनिक वर्ग के हृदय में संतोष दने, साधारण जनता को शांत रखने व उपद्रव रोकने के लिए तुर्की अमीरों ने आरामशाह को गद्दी पर बैठाया.

क़ुतुब मीनार के बारे में | Other Information about Qutub Minar

कहा स्थित है – महरौली, दिल्ली, भारत
नजदीकी मेट्रो स्टेशन – क़ुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन
खुलने के दिन – प्रतिदिन
प्रवेश शुल्क – भारतीय के लिए 30 रूपये और विवेशी के लिए 500 रूपये
बंद रहने का दिन – कोई नहीं