Krishna Janmashtmi | कृष्ण जन्माष्टमी

Krishna Janmashtmi

Krishna Janmashtmi – श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु के सबसे शक्तिशाली अवतारों में से एक माना जाता है, जिनके जीवन के हर चरण में अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं. भगवान श्रीकृष्ण की जन्म से मृत्यु तक कई रोमांचक कहानियां हैं. हिंदू धर्म में विश्वास रखने वाले लोग, भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं. भगवान् श्रीकृष्ण की जन्मतिथि पर हिन्दू धर्म के अनुयायी जन्मोत्सव मनाते हैं. इस शुभ दिन पर भगवान् श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए प्रभु भक्त उपवास रखते हैं और भगवान् श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं.

भगवान् श्रीकृष्ण का जन्म

श्री कृष्णा 5,200 साल पहले मथुरा में पैदा हुए थे. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान् श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष अष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र की आधी रात को हुआ था, इसलिए, अगर भद्रप्रद माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की अष्टमी रोहिणी नक्षत्र के साथ होती है, तो यह भाग्यशाली माना जाता है. इसके अलावा, इसे जन्माष्टमी के साथ सालगिरह के रूप में मनाया जाता है जन्माष्टमी का वास्तविक उत्सव आधी रात के दौरान होता है. मथुरा और वृंदावन के जन्माष्टमी उत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है, जहां श्रीकृष्ण अपने जीवन का अधिकत्तम समय व्यतीत किये. इन दिनों  मंदिरों और घरों को शानदार ढंग से सजाया जाता है और प्रकाशित किया जाता है. रात में घरो और मंदिरों में कृष्ण से सम्बन्धित भजन-कीर्तन और मंत्रो का उच्चारण किया जाता हैं.